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Kaithal News: आयोग ने की पांच लाख के बीमा दावे की मांग खारिज
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कैथल। जिला उपभोक्ता फोरम ने लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ दायर बीमा क्लेम संबंधी शिकायत को खारिज कर दिया। आयोग ने माना कि कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के अनुसार देय राशि का भुगतान कर दिया था और सेवा में किसी प्रकार की कमी सिद्ध नहीं हुई।
शिकायतकर्ता गांव करोड़ा निवासी सूबे सिंह ने आयोग में याचिका दायर कर बताया था कि उनकी पत्नी ओमपति ने वर्ष 2012 में 5 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी ली थी। पत्नी की 24 अक्तूबर 2023 को मृत्यु के बाद कंपनी ने 22 दिसंबर 2023 को केवल 1,06,356.31 रुपये का भुगतान किया जबकि कंपनी के एक पत्र में कुल लाभ 1,65,472.23 रुपये दर्शाया गया था।
शिकायतकर्ता ने पूरी बीमित राशि 5 लाख रुपये देने की मांग की। सुनवाई के दौरान मैक्स लाइफ ने बताया कि पॉलिसी के तहत गारंटीड डेथ बेनिफिट 1 लाख रुपये था जिसका भुगतान बोनस सहित कर दिया गया। कंपनी ने यह भी कहा कि बोनस (पीयूए) का एक हिस्सा शिकायतकर्ता के लिखित अनुरोध पर प्रीमियम नवीनीकरण में समायोजित किया गया था। आयोग ने रिकॉर्ड और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद पाया कि कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के अनुरूप भुगतान किया है और कोई राशि बकाया नहीं है।
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शिकायतकर्ता गांव करोड़ा निवासी सूबे सिंह ने आयोग में याचिका दायर कर बताया था कि उनकी पत्नी ओमपति ने वर्ष 2012 में 5 लाख रुपये की बीमा पॉलिसी ली थी। पत्नी की 24 अक्तूबर 2023 को मृत्यु के बाद कंपनी ने 22 दिसंबर 2023 को केवल 1,06,356.31 रुपये का भुगतान किया जबकि कंपनी के एक पत्र में कुल लाभ 1,65,472.23 रुपये दर्शाया गया था।
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शिकायतकर्ता ने पूरी बीमित राशि 5 लाख रुपये देने की मांग की। सुनवाई के दौरान मैक्स लाइफ ने बताया कि पॉलिसी के तहत गारंटीड डेथ बेनिफिट 1 लाख रुपये था जिसका भुगतान बोनस सहित कर दिया गया। कंपनी ने यह भी कहा कि बोनस (पीयूए) का एक हिस्सा शिकायतकर्ता के लिखित अनुरोध पर प्रीमियम नवीनीकरण में समायोजित किया गया था। आयोग ने रिकॉर्ड और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद पाया कि कंपनी ने पॉलिसी की शर्तों के अनुरूप भुगतान किया है और कोई राशि बकाया नहीं है।
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