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Kaithal News: शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों के बारे में दी जानकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:09 AM IST
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Teachers were informed about new teaching methods
नई शिक्षण पद्धतियों से रूबरू करवाने के दौरान मौजूद शिक्षक। विज्ञप्ति - फोटो : 1
कैथल। सीबीएसई की ओर से शिक्षण गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमडीएन ग्लोबल स्कूल में पर्यावरण अध्ययन व राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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प्रशिक्षण में शिक्षकों को सक्रिय अधिगम, विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण और आधुनिक शिक्षा पद्धतियों की व्यावहारिक जानकारी दी गई जिससे वे कक्षा शिक्षण को अधिक प्रभावी बना सकें।
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प्रशिक्षण के प्रथम सत्र में शिवानी चोपड़ा और कुमारी किरण ने पर्यावरण अध्ययन की अवधारणा को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने कहा कि वास्तविक सीख तभी संभव है, जब विद्यार्थी केवल सुनने तक सीमित न रहकर गतिविधियों, चर्चाओं और अनुभवों के माध्यम से ज्ञान अर्जित करें। इस दौरान शिक्षकों को समूह चर्चा, रोल प्ले, माइंड मैपिंग, क्विज, थिंक-पेयर-शेयर और ब्रेनस्टॉर्मिंग जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया गया।
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दूसरे सत्र में नेहा जुनेजा और पूजा शर्मा ने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा-2023 के अनुरूप सक्रिय अधिगम को कक्षा शिक्षण में लागू करने के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि नई शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आलोचनात्मक चिंतन, समस्या समाधान क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना भी है।

उन्होंने सहयोगात्मक व अनुभवात्मक अधिगम, परियोजना आधारित कार्य और तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग की जानकारी दी। प्रतिभागी शिक्षकों ने प्रशिक्षण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और शिक्षण को अधिक रोचक बनाने के नए तरीके सीखने को मिले।

विद्यालय के प्रबंधक गौरव गर्ग और प्रधानाचार्य डॉ. संत कौशिक ने कहा कि शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की आधारशिला है। ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों को नई शिक्षण तकनीकों से जोड़ते हैं जिससे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है।


समापन अवसर पर निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में नवाचार और सक्रिय अधिगम समय की आवश्यकता है और शिक्षक समाज निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।

नई शिक्षण पद्धतियों से रूबरू करवाने के दौरान मौजूद शिक्षक। विज्ञप्ति

नई शिक्षण पद्धतियों से रूबरू करवाने के दौरान मौजूद शिक्षक। विज्ञप्ति- फोटो : 1

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