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ग्रामीण बोले : हमारी लाशों के ऊपर से गुजर कर निकालनी पड़ेगी पाइपलाइन
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02 ढांड 02 सांकेतिक धरने पर ग्रामीणों से बातचीत करते जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश व बीडीपी
ढांड। ढांड के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी गांव चंदलाना से होते हुए ड्रेन में किए जाने के विरोध में ग्रामीणों का सांकेतिक धरना छठे दिन भी जारी रहा। धरनास्थल पर बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से बीडीपीओ ढांड राज सिंह और जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश ग्रामीणों से बातचीत करने पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीओ को चेतावनी देते हुए कहा कि चंदलाना गांव की ओर गंदे पानी की निकासी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारी लाशों के ऊपर से गुजरकर ही पाइपलाइन निकालनी पड़ेगी। जीते जी हम ऐसा नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी लड़ाई विकास के खिलाफ नहीं बल्कि गांव के पर्यावरण और भविष्य के लिए है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जाए और स्वीकृत रूट मैप के अनुसार ही काम किया जाए।
ग्रामीणों ने अधिकारियों को कहा कि उन्हें विकास कार्य से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सीवरेज के गंदे पानी की निकासी के लिए विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों ने एसडीओ जगदीश से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की ड्राइंग और पहले से स्वीकृत ड्रेन तक पानी पहुंचाने के रूट मैप की प्रति उपलब्ध करवाने की मांग की।
एसडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें इसकी प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस पर ग्रामीणों ने सवाल किया कि यदि पहले से रूट मैप स्वीकृत है तो उसके अनुसार पाइपलाइन बिछाने का काम क्यों नहीं किया जा रहा। इस सवाल पर ग्रामीणों के अनुसार एसडीओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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पहले मंजूर रूट पर काम क्यों नहीं
ग्रामीणों ने एसडीओ से यह भी पूछा कि वर्तमान में विभाग ने कौन सा रूट मैप तैयार किया है और पाइपलाइन किस रास्ते से निकाली जानी प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सवाल पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी देने के बजाय बात को घुमाया गया।
अधिकारियों से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी विकास कार्य में बाधा डालने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन विभाग की अस्पष्ट कार्यप्रणाली से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि पहले से स्वीकृत रूट मैप मौजूद है तो उसे छोड़कर चंदलाना की तरफ पाइपलाइन ले जाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि विभाग जानबूझकर सीवरेज का गंदा पानी गांव चंदलाना की ओर निकालना चाहता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से सांकेतिक धरना दे रहे लोगों से बातचीत के दौरान बीडीपीओ ढांड राज सिंह ने तीखे और गैर-जिम्मेदाराना शब्दों का इस्तेमाल किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह की भाषा से धरनास्थल का माहौल बिगड़ सकता था और अशांति फैलने की स्थिति पैदा हो सकती थी। ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने संयम बनाए रखा और बीडीपीओ से कहा कि वे जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी हैं। ऐसे में धरनारत ग्रामीणों के साथ बातचीत करते समय इस प्रकार की भाषा शैली का इस्तेमाल उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सके।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश ने बताया कि चंदलाना में धरना दे रहे ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की है। ग्रामीण ढांड के सीवरेज पाइपलाइन चंदलाना से निकलने का विरोध कर रहे हैं। बातचीत से कोई हल नहीं निकला। ग्रामीणों के साथ हुई बातचीत का ब्योरा उच्च अधिकारियों के सम्मुख रख दिया जाएगा।
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ग्रामीणों ने अधिकारियों को कहा कि उन्हें विकास कार्य से कोई आपत्ति नहीं है लेकिन सीवरेज के गंदे पानी की निकासी के लिए विभाग की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों ने एसडीओ जगदीश से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की ड्राइंग और पहले से स्वीकृत ड्रेन तक पानी पहुंचाने के रूट मैप की प्रति उपलब्ध करवाने की मांग की।
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एसडीओ ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि जल्द ही उन्हें इसकी प्रति उपलब्ध करवा दी जाएगी। इस पर ग्रामीणों ने सवाल किया कि यदि पहले से रूट मैप स्वीकृत है तो उसके अनुसार पाइपलाइन बिछाने का काम क्यों नहीं किया जा रहा। इस सवाल पर ग्रामीणों के अनुसार एसडीओ कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
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पहले मंजूर रूट पर काम क्यों नहीं
ग्रामीणों ने एसडीओ से यह भी पूछा कि वर्तमान में विभाग ने कौन सा रूट मैप तैयार किया है और पाइपलाइन किस रास्ते से निकाली जानी प्रस्तावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सवाल पर भी उन्हें स्पष्ट जानकारी देने के बजाय बात को घुमाया गया।
अधिकारियों से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों में रोष बढ़ गया। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी विकास कार्य में बाधा डालने के पक्ष में नहीं हैं लेकिन विभाग की अस्पष्ट कार्यप्रणाली से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि पहले से स्वीकृत रूट मैप मौजूद है तो उसे छोड़कर चंदलाना की तरफ पाइपलाइन ले जाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि विभाग जानबूझकर सीवरेज का गंदा पानी गांव चंदलाना की ओर निकालना चाहता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से सांकेतिक धरना दे रहे लोगों से बातचीत के दौरान बीडीपीओ ढांड राज सिंह ने तीखे और गैर-जिम्मेदाराना शब्दों का इस्तेमाल किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस तरह की भाषा से धरनास्थल का माहौल बिगड़ सकता था और अशांति फैलने की स्थिति पैदा हो सकती थी। ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्होंने संयम बनाए रखा और बीडीपीओ से कहा कि वे जिला प्रशासन के प्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी हैं। ऐसे में धरनारत ग्रामीणों के साथ बातचीत करते समय इस प्रकार की भाषा शैली का इस्तेमाल उचित नहीं है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बातचीत सम्मानजनक और पारदर्शी तरीके से हो, ताकि विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सके।
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश ने बताया कि चंदलाना में धरना दे रहे ग्रामीणों के साथ बैठकर बातचीत की है। ग्रामीण ढांड के सीवरेज पाइपलाइन चंदलाना से निकलने का विरोध कर रहे हैं। बातचीत से कोई हल नहीं निकला। ग्रामीणों के साथ हुई बातचीत का ब्योरा उच्च अधिकारियों के सम्मुख रख दिया जाएगा।

02 ढांड 02 सांकेतिक धरने पर ग्रामीणों से बातचीत करते जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ जगदीश व बीडीपी