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Kaithal News: दुंदरहेड़ी गांव की श्रुति ने कबड्डी में चमकाया नाम
Fri, 24 Apr 2026 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 24 Apr 2026 12:35 AM IST
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कबड्डी खिलाड़ी श्रुति। स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। दुंदरहेड़ी गांव की बेटी श्रुति ने सीमित संसाधनों के बावजूद कबड्डी में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर मिसाल कायम की है। 22 वर्षीय श्रुति पिछले छह वर्षों से लगातार मेहनत कर रही हैं और अब राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन चुकी हैं।
हाल ही में बेंगलूरु में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट में उनकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। श्रुति के पिता अजमेर सिंह पेशे से नाई हैं। साधारण परिवार से आने वाली श्रुति के परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद परिवार ने हमेशा हौसला बढ़ाया।
वर्तमान में श्रुति आरकेएसडी कॉलेज से पीजी डिप्लोमा इन योगा कर रही हैं और डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल, ढांढ में पीजीटी (पीटीआई) के पद पर कार्यरत हैं। पढ़ाई और नौकरी के साथ वह रोजाना सुबह-शाम कड़ा अभ्यास करती हैं। श्रुति अपनी सफलता का श्रेय कोच बीरों नैन को देती हैं, जिन्होंने उन्हें निरंतर मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा सुखविंदर गोयत और रामदेव यादव सहित कई लोगों ने भी उनका सहयोग किया।
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उन्होंने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हाल ही में कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने उन्हें 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। श्रुति का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। उनका मानना है कि सफलता के लिए सही मार्गदर्शन, सहयोग जरूरी है।
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कैथल। दुंदरहेड़ी गांव की बेटी श्रुति ने सीमित संसाधनों के बावजूद कबड्डी में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचकर मिसाल कायम की है। 22 वर्षीय श्रुति पिछले छह वर्षों से लगातार मेहनत कर रही हैं और अब राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बन चुकी हैं।
हाल ही में बेंगलूरु में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट में उनकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। श्रुति के पिता अजमेर सिंह पेशे से नाई हैं। साधारण परिवार से आने वाली श्रुति के परिवार में तीन बहनें और एक भाई हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद परिवार ने हमेशा हौसला बढ़ाया।
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वर्तमान में श्रुति आरकेएसडी कॉलेज से पीजी डिप्लोमा इन योगा कर रही हैं और डिवाइन ग्रेस पब्लिक स्कूल, ढांढ में पीजीटी (पीटीआई) के पद पर कार्यरत हैं। पढ़ाई और नौकरी के साथ वह रोजाना सुबह-शाम कड़ा अभ्यास करती हैं। श्रुति अपनी सफलता का श्रेय कोच बीरों नैन को देती हैं, जिन्होंने उन्हें निरंतर मार्गदर्शन दिया। इसके अलावा सुखविंदर गोयत और रामदेव यादव सहित कई लोगों ने भी उनका सहयोग किया।
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उन्होंने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। हाल ही में कुरुक्षेत्र के सांसद नवीन जिंदल ने उन्हें 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। श्रुति का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करना है। उनका मानना है कि सफलता के लिए सही मार्गदर्शन, सहयोग जरूरी है।