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Kaithal News: कलायत के श्री कपिल तीर्थ का होगा कायाकल्प, धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
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विशेष बैठक में चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने कलायत कपिल मुनि
- फोटो : संवाद
कलायत। कलायत के प्राचीन व धार्मिक महत्व वाले प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ का कायाकल्प होगा। 48 कोस तीर्थ प्रबंधन कमेटी के नव नियुक्त चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने पदभार संभालते ही तीर्थ के लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चैयरमैन रवींद्र सांगवान ने बताया कि प्राचीन कपिल मुनि तीर्थ में सरोवर के जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था, महिलाओं के लिए अलग घाट, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच, परिक्रमा पथ निर्माण व सुंदरीकरण सहित कई महत्वपूर्ण कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएंगे।
वीरवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित एक विशेष बैठक में चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने कलायत कपिल मुनि तीर्थ कमेटी के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस कड़ी में कमेटी सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) सचिव उपेंद्र सिंघल से भी मुलाकात की। चेयरमैन से बैठक के दौरान तीर्थ के समग्र विकास, सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन की संभावनाओं के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी चेयरमैन राजू कौशिक, ज्योतिषाचार्य विशाल शांडिल्य, पार्षद रवींद्र निर्मल बंटी, मुकेश पाराशर व अन्य सदस्य शामिल रहे।
रवींद्र सांगवान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच कुरुक्षेत्र की 48 कोस परिधि में आने वाले सभी धार्मिक व ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों का संरक्षण करना है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और इन धरोहरों की विशिष्ट पहचान स्थापित हो सके। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के तहत जल्द ही विभागीय अधिकारियों की टीम कपिल मुनि तीर्थ का दौरा करेगी। प्रस्तावित विकास कार्यों के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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इन योजनाओं के पूरा होने से तीर्थ की भव्यता और सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। क्षेत्रवासियों व तीर्थ कमेटी के सदस्यों ने चेयरमैन रविंद्र सांगवान की पहल का स्वागत किया है। उम्मीद जताई कि वर्षों से लंबित विकास कार्य अब तेजी से पूरे होंगे और कपिल मुनि तीर्थ धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि सरकार का ध्येय भारत की प्राचीन विरासत का संरक्षण करना है। इसके तहत कुरुक्षेत्र की परिधि में आने वाले तीर्थों के विकास को पंख लगाने को सरकार गंभीर है। इस दिशा में उन्होंने स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, तीर्थ कमेटी व समाज सेवी संगठनों से सहयोग की अपील की। सचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के माध्यम से इस स्थल की महिमा का गुणगान दुनिया के कोने-कोने में हो रहा है।
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वीरवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित एक विशेष बैठक में चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने कलायत कपिल मुनि तीर्थ कमेटी के सदस्यों के साथ विस्तार से चर्चा की। इस कड़ी में कमेटी सदस्यों ने कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (केडीबी) सचिव उपेंद्र सिंघल से भी मुलाकात की। चेयरमैन से बैठक के दौरान तीर्थ के समग्र विकास, सुविधाओं के विस्तार और पर्यटन की संभावनाओं के लिए व्यापक विचार-विमर्श किया गया। बैठक में श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी चेयरमैन राजू कौशिक, ज्योतिषाचार्य विशाल शांडिल्य, पार्षद रवींद्र निर्मल बंटी, मुकेश पाराशर व अन्य सदस्य शामिल रहे।
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रवींद्र सांगवान ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सोच कुरुक्षेत्र की 48 कोस परिधि में आने वाले सभी धार्मिक व ऐतिहासिक तीर्थ स्थलों का संरक्षण करना है, ताकि धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिले और इन धरोहरों की विशिष्ट पहचान स्थापित हो सके। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य के तहत जल्द ही विभागीय अधिकारियों की टीम कपिल मुनि तीर्थ का दौरा करेगी। प्रस्तावित विकास कार्यों के टेंडर जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
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इन योजनाओं के पूरा होने से तीर्थ की भव्यता और सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। क्षेत्रवासियों व तीर्थ कमेटी के सदस्यों ने चेयरमैन रविंद्र सांगवान की पहल का स्वागत किया है। उम्मीद जताई कि वर्षों से लंबित विकास कार्य अब तेजी से पूरे होंगे और कपिल मुनि तीर्थ धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा। इससे न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी बल्कि क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा मिलेगी। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड सचिव उपेंद्र सिंघल ने बताया कि सरकार का ध्येय भारत की प्राचीन विरासत का संरक्षण करना है। इसके तहत कुरुक्षेत्र की परिधि में आने वाले तीर्थों के विकास को पंख लगाने को सरकार गंभीर है। इस दिशा में उन्होंने स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं, तीर्थ कमेटी व समाज सेवी संगठनों से सहयोग की अपील की। सचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती के माध्यम से इस स्थल की महिमा का गुणगान दुनिया के कोने-कोने में हो रहा है।

विशेष बैठक में चेयरमैन रवींद्र सांगवान ने कलायत कपिल मुनि- फोटो : संवाद