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एक देसी गाय किसानों की दशा और दिशा सुधारने के लिए काफी : आचार्य देवव्रत
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Sun, 07 May 2017 11:50 PM IST
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हिमाचल के राज्यपाल ने किसानों को पढ़ाया जैविक और प्राकृतिक खेती का पाठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि एक देसी गाय किसानों की दशा व दिशा सुधारने के लिए काफी है। इसके गोबर से बिना लागत की ऐसी खाद तैयार हो सकती है, जिससे किसानों का उत्पादन बढ़ सकता है। वे स्वयं ऐसा कर रहे हैं। गुरुकुल कुरुक्षेत्र में उन्होंने इस प्रयोग को किया है। जिसके काफी अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इसलिए किसान देशी गाय पालकर जीरो बजट की प्राकृतिक व जैविक खेती को अपनाकर खेती की लागत कम करके भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के साथ-साथ अपनी आमदनी में भी बढ़ोत्तरी करें। वे रविवार को सर छोटू राम विचार मंच एवं पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बालू में आयोजित सम्मेलन में को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन में उन्होंने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान विषय पर पर लोगों को जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि हमें परंपरागत खेती को छोड़कर फसल चक्र को तोड़कर खेती के विविधिकरण पर जोर देना होगा तथा फल, फूल की खेती को बढ़ावा देना होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ढुल ने की।
कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण, विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि किसानों को जोखिम फ्री बनाने में हरियाणा सरकार सबसे आगे है। यदि लोनी फार्मर 75 प्रतिशत किसान भी बीमा करवा लेते तो उस गांव में मुआवजा एक करोड़ रुपये आता। पंचायतों के लिए ग्रामीण विकास का बजट 2 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपये किया गया है। राज्यपाल ने कृषि विज्ञान केंद्रों में जीरो बजट प्राकृतिक व जैविक खेती का प्रशिक्षण शुरू करवाने के संदर्भ में कहा कि सरकार द्वारा इन केंद्रों पर प्रशिक्षण सुविधा शुरू की जाएगी। बालु गांव की तीनों ग्राम पंचायतों के संयुक्त मांग पत्र में रखी गई सभी 52 मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाओं द्वारा स्मृति चिन्ह एवं मान सम्मान का प्रतीक पगड़ी पहनाकर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सुभाष हजवाना, डा. संतोष दहिया, डा. वजीर सिंह, विधायक कुलवंत बाजीगर, एसडीएम ओमप्रकाश व मंदीप कौर, संजीव जुलानी खेड़ा, रत्न जाखौली, गज्जन सिंह गोबिंदपुरा, दिलबाग सिंह, परमवीर चेयरमैन, हरदीप आंधली, राममेहर सहारण, राम मेहर शर्मा, डीएसपी सतीश गौतम एवं जोगिंद्र श्योराण, डा. महावीर सिंह, डा. जगफूल सिंह, राजपाल तंवर, सुरेंद्र ढुल आदि मौजूद रहे।
‘छोटूराम और बाबा साहब ने किया समाज के उत्थान के लिए संघर्ष’
हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि चौधरी सर छोटू राम एवं बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर दोनों ने समाज के उत्थान में जीवन पर्यंत संघर्ष किया। भारत की संस्कृति में ऊंच-नीच तथा जातिवाद व्यवस्था के लिए कभी कोई स्थान नहीं रहा है। वे रविवार को आरकेएसडी कालेज के हॉल में सर छोटू राम विचार ट्रस्ट एवं राष्ट्रीय जन कल्याण ट्रस्ट द्वारा चौधरी सर छोटू राम एवं बाबा साहब डा. भीम राव अंबेडकर की सामाजिक उत्थान में भूमिका विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत का संदेश संतों व ऋषियों की तरह जीवन में आत्मसात करने के लिए है। डा. संतोष दहिया ने कहा कि आचार्य देवव्रत ने देश के कर्णधारों को सही दिशा प्रदान की है। सुरेंद्र ढुल, विकास तंवर, पवन कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। ट्रस्टों द्वारा राज्यपाल , विधायक व डा. दहिया के साथ-साथ ट्रस्टों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया तथा स्मृति चिह्न भेंट किए गए।
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सम्मेलन में उन्होंने प्राकृतिक खेती, जल संरक्षण एवं स्वच्छता अभियान विषय पर पर लोगों को जानकारी दी। राज्यपाल ने कहा कि हमें परंपरागत खेती को छोड़कर फसल चक्र को तोड़कर खेती के विविधिकरण पर जोर देना होगा तथा फल, फूल की खेती को बढ़ावा देना होगा। सम्मेलन की अध्यक्षता मंच के कार्यकारी जिला अध्यक्ष सुरेंद्र ढुल ने की।
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कार्यक्रम में पहुंचे प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण, विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि किसानों को जोखिम फ्री बनाने में हरियाणा सरकार सबसे आगे है। यदि लोनी फार्मर 75 प्रतिशत किसान भी बीमा करवा लेते तो उस गांव में मुआवजा एक करोड़ रुपये आता। पंचायतों के लिए ग्रामीण विकास का बजट 2 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 हजार करोड़ रुपये किया गया है। राज्यपाल ने कृषि विज्ञान केंद्रों में जीरो बजट प्राकृतिक व जैविक खेती का प्रशिक्षण शुरू करवाने के संदर्भ में कहा कि सरकार द्वारा इन केंद्रों पर प्रशिक्षण सुविधा शुरू की जाएगी। बालु गांव की तीनों ग्राम पंचायतों के संयुक्त मांग पत्र में रखी गई सभी 52 मांगों को पूर्ण करने का आश्वासन दिया।
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत तथा हरियाणा के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को ग्राम पंचायत तथा अन्य संस्थाओं द्वारा स्मृति चिन्ह एवं मान सम्मान का प्रतीक पगड़ी पहनाकर नागरिक अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर सुभाष हजवाना, डा. संतोष दहिया, डा. वजीर सिंह, विधायक कुलवंत बाजीगर, एसडीएम ओमप्रकाश व मंदीप कौर, संजीव जुलानी खेड़ा, रत्न जाखौली, गज्जन सिंह गोबिंदपुरा, दिलबाग सिंह, परमवीर चेयरमैन, हरदीप आंधली, राममेहर सहारण, राम मेहर शर्मा, डीएसपी सतीश गौतम एवं जोगिंद्र श्योराण, डा. महावीर सिंह, डा. जगफूल सिंह, राजपाल तंवर, सुरेंद्र ढुल आदि मौजूद रहे।
‘छोटूराम और बाबा साहब ने किया समाज के उत्थान के लिए संघर्ष’
हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि चौधरी सर छोटू राम एवं बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर दोनों ने समाज के उत्थान में जीवन पर्यंत संघर्ष किया। भारत की संस्कृति में ऊंच-नीच तथा जातिवाद व्यवस्था के लिए कभी कोई स्थान नहीं रहा है। वे रविवार को आरकेएसडी कालेज के हॉल में सर छोटू राम विचार ट्रस्ट एवं राष्ट्रीय जन कल्याण ट्रस्ट द्वारा चौधरी सर छोटू राम एवं बाबा साहब डा. भीम राव अंबेडकर की सामाजिक उत्थान में भूमिका विषय पर आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
गुहला के विधायक कुलवंत बाजीगर ने कहा कि राज्यपाल आचार्य देवव्रत का संदेश संतों व ऋषियों की तरह जीवन में आत्मसात करने के लिए है। डा. संतोष दहिया ने कहा कि आचार्य देवव्रत ने देश के कर्णधारों को सही दिशा प्रदान की है। सुरेंद्र ढुल, विकास तंवर, पवन कुमार ने भी विचार व्यक्त किए। ट्रस्टों द्वारा राज्यपाल , विधायक व डा. दहिया के साथ-साथ ट्रस्टों के पदाधिकारियों को सम्मानित किया गया तथा स्मृति चिह्न भेंट किए गए।