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सात माह बाद 50 प्रतिशत बच्चे स्कूलों में पहुंचे
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school open
- फोटो : Kaithal
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सोमवार को करीब सात माह बाद स्कूल खुलने पर 50 प्रतिशत बच्चों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई। कई स्कूलों में सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग मशीनें नहीं मिली। हालांकि विभाग द्वारा पहले ही स्कूलों में इस तरह की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेेश जारी हुए थे। उसके बाद भी स्कूलों में व्यवस्था पूरी नहीं हुई। साथ ही कुछ स्कूलों में स्टाफ भी पूरा नहीं मिला।
स्कूलों में पहुंचे बच्चों ने बताया कि करीब सात माह से घर पर ही ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। जिससे ठीक से समझ नहीं पा रहे थे। विद्यार्थियों का ये भी कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से केवल मुख्य विषयों पर फोकस किया जाता था। कई विषय का ज्यादा ध्यान नहीं रहता था। स्कूल में आकर अध्यापक के सामने बैठकर ठीक से पढ़ाई हुई। वहीं परामर्श के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चे स्कूलों में कम पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही आदेशों के बाद कक्षाएं शुरू की गई। बच्चों की संख्या सामान्य रही।
स्कूल को करवाया गया था सैनिटाइज
राजकीय स्कूल डीग के प्रिंसिपल यशपाल बनवाला ने बताया कि स्कूल को एक दिन पहले सैनिटाइज करवाया गया था। सभी स्टाफ सदस्यों को फोन पर सूचना दी गई। बिना मास्क के बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। स्कूल में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक करीब तीन सौ बच्चे पहुंचे।
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प्रवेश से पहले की गई थर्मल स्कैनिंग
राजकीय हाई स्कूल हजवाना के प्रिंसिपल महाबीर सिंह ने बताया की सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया गया है। स्कूल के मुख्य गेट पर थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर मशीन रखी गई है। सभी बच्चों का तापमान व कक्षा संबंधी रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद स्टाफ सदस्यों की मीटिंग ली गई। सभी आदेशों से अवगत करवाया गया।
राजकीय ब्यॉज स्कूल में भी स्थिति सामान्य
कैथल में राजकीय विद्यालय प्रिंसिपल बिमला सिरोही ने बताया विभाग के आदेशों के बाद सभी स्टाफ सदस्यों को इस बारे सूचित किया गया। सोमवार को जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे तो सबसे पहले उनके हाथों को सैनिटाइज करवाया इसके बाद तापमान दर्ज किया गया।
राजकीय कन्या स्कूल में नहीं दिखा थर्मल स्कैनिंग मशीन
गीता भवन मंदिर के निकट स्थित राजकीय कन्या स्कूल में थर्मल स्कैनिंग मशीन नहीं दिखी। यहां पहले दिन छात्राओं की संख्या कम रही। प्रिंसिपल सतपाल ने बताया कि विभाग के निर्देशों स्कूल में कक्षाएं शुरू की गई हैं। पहले दिन कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सभी बच्चों को सरकार की गाइड लाइन से अवगत करवाया गया।
आनलाइन में इंटरनेट की होती थी समस्या
बारहवीं की नॉन मेडिकल संकाय की छात्रा कोमल ने बताया कि घर पर ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान इंटरनेट की अक्सर समस्या रहती थी। जिससे पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। रेगूलर क्लासें लगाकर काफी अच्छा लग रहा है। क्लास रूम में एक सवाल पर शिक्षकों द्वारा कई तरह से आंसर मिल रहे हैं।
हिंदी व अंग्रेजी विषय पर नहीं दिया जा रहा था ध्यान
बारहवीं में नॉनमेडिकल संकाय की छात्रा अमीषा ने बताया कि ऑनलाइन क्लासों में मेन विषयों पर ही फोकस रहता था। हिंदी व अंग्रेजी विषय की ओर जुड़ाव कम होता था। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लासों के दौरान वीडियो पर ज्यादा फोकस रहना पड़ता था। लेकिन रेगूलर क्लासों में अच्छी तरह से पढ़ाई कर पा रहे हैं।
फिलहाल तीन घंटे कक्षाएं लगाने के आए है आदेश
डीईओ शमशेर सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से स्कूलों में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को तीन घंटे पढ़ाए जाने के आदेश जारी हुए है। इसके बाद सोमवार से जिले के सभी स्कूलों में बच्चे पहुंचे है। इससे पहले केवल परामर्श के लिए ही बच्चे स्कूल आते थे।
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स्कूलों में पहुंचे बच्चों ने बताया कि करीब सात माह से घर पर ही ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं। जिससे ठीक से समझ नहीं पा रहे थे। विद्यार्थियों का ये भी कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से केवल मुख्य विषयों पर फोकस किया जाता था। कई विषय का ज्यादा ध्यान नहीं रहता था। स्कूल में आकर अध्यापक के सामने बैठकर ठीक से पढ़ाई हुई। वहीं परामर्श के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से बच्चे स्कूलों में कम पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही आदेशों के बाद कक्षाएं शुरू की गई। बच्चों की संख्या सामान्य रही।
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स्कूल को करवाया गया था सैनिटाइज
राजकीय स्कूल डीग के प्रिंसिपल यशपाल बनवाला ने बताया कि स्कूल को एक दिन पहले सैनिटाइज करवाया गया था। सभी स्टाफ सदस्यों को फोन पर सूचना दी गई। बिना मास्क के बच्चों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। स्कूल में नौवीं से बारहवीं कक्षा तक करीब तीन सौ बच्चे पहुंचे।
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प्रवेश से पहले की गई थर्मल स्कैनिंग
राजकीय हाई स्कूल हजवाना के प्रिंसिपल महाबीर सिंह ने बताया की सरकार की गाइड लाइन का पूरा पालन किया गया है। स्कूल के मुख्य गेट पर थर्मल स्कैनिंग व सैनिटाइजर मशीन रखी गई है। सभी बच्चों का तापमान व कक्षा संबंधी रिकॉर्ड रजिस्टर में दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके बाद स्टाफ सदस्यों की मीटिंग ली गई। सभी आदेशों से अवगत करवाया गया।
राजकीय ब्यॉज स्कूल में भी स्थिति सामान्य
कैथल में राजकीय विद्यालय प्रिंसिपल बिमला सिरोही ने बताया विभाग के आदेशों के बाद सभी स्टाफ सदस्यों को इस बारे सूचित किया गया। सोमवार को जैसे ही बच्चे स्कूल पहुंचे तो सबसे पहले उनके हाथों को सैनिटाइज करवाया इसके बाद तापमान दर्ज किया गया।
राजकीय कन्या स्कूल में नहीं दिखा थर्मल स्कैनिंग मशीन
गीता भवन मंदिर के निकट स्थित राजकीय कन्या स्कूल में थर्मल स्कैनिंग मशीन नहीं दिखी। यहां पहले दिन छात्राओं की संख्या कम रही। प्रिंसिपल सतपाल ने बताया कि विभाग के निर्देशों स्कूल में कक्षाएं शुरू की गई हैं। पहले दिन कम संख्या में विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। सभी बच्चों को सरकार की गाइड लाइन से अवगत करवाया गया।
आनलाइन में इंटरनेट की होती थी समस्या
बारहवीं की नॉन मेडिकल संकाय की छात्रा कोमल ने बताया कि घर पर ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान इंटरनेट की अक्सर समस्या रहती थी। जिससे पढ़ाई काफी प्रभावित हुई। रेगूलर क्लासें लगाकर काफी अच्छा लग रहा है। क्लास रूम में एक सवाल पर शिक्षकों द्वारा कई तरह से आंसर मिल रहे हैं।
हिंदी व अंग्रेजी विषय पर नहीं दिया जा रहा था ध्यान
बारहवीं में नॉनमेडिकल संकाय की छात्रा अमीषा ने बताया कि ऑनलाइन क्लासों में मेन विषयों पर ही फोकस रहता था। हिंदी व अंग्रेजी विषय की ओर जुड़ाव कम होता था। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लासों के दौरान वीडियो पर ज्यादा फोकस रहना पड़ता था। लेकिन रेगूलर क्लासों में अच्छी तरह से पढ़ाई कर पा रहे हैं।
फिलहाल तीन घंटे कक्षाएं लगाने के आए है आदेश
डीईओ शमशेर सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से स्कूलों में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को तीन घंटे पढ़ाए जाने के आदेश जारी हुए है। इसके बाद सोमवार से जिले के सभी स्कूलों में बच्चे पहुंचे है। इससे पहले केवल परामर्श के लिए ही बच्चे स्कूल आते थे।