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भगत सिंह कालोनी में सड़क निर्माण का काम रोका
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भगत सिंह कालोनी में करीब 56 लाख रुपये की लागत से बन रही सड़क का काम एक्सईएन नगर परिषद ने गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर रुकवा दिया है।
मामले के अनुसार नगर परिषद द्वारा बिना टेंडर के कोई भी बड़ा काम नहीं किया जा सकता। लेकिन नगर परिषद के इंजीनियरिंग विंग ने डीसी से प्रशासकीय अनुमति लेकर 56 लाख रुपये का काम बिना टेंडर के करवाया जा रहा था। साथ ही इसकी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संबंधी शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची। शिकायतकर्ता जगरुप ढुल ने डीएमसी सहित आला अधिकारियों को शिकायत देकर निर्माण सामग्री की जांच करने की मांग की थी। साथ ही जगरुप ढुल ने विभागीय स्तर पर बिना टेंडर के 56 लाख रुपये की भारी भरकम राशि से करवाए जा रहे काम पर भी सवालिया निशान उठाया था। सरकार ने पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग लागू की है। लेकिन अधिकारी न जाने किसे फायदा पहुंचाने के लिए सड़क निर्माण कार्य बिना ई-टेंडरिंग के करवा रहे हैं। इस शिकायत पर एक्सईएन हिमांशू लाटका ने काम रुकवा दिया।
एक्सईएन ने कहा कि प्रशासकीय अनुमति से यह काम करवाया जा रहा था। लेकिन इसकी गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर काम रुकवाया गया है। फिलहाल काम रुका हुआ है। जांच जारी है। इसके बाद ही अगला फैसला होगा।
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मामले के अनुसार नगर परिषद द्वारा बिना टेंडर के कोई भी बड़ा काम नहीं किया जा सकता। लेकिन नगर परिषद के इंजीनियरिंग विंग ने डीसी से प्रशासकीय अनुमति लेकर 56 लाख रुपये का काम बिना टेंडर के करवाया जा रहा था। साथ ही इसकी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता संबंधी शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची। शिकायतकर्ता जगरुप ढुल ने डीएमसी सहित आला अधिकारियों को शिकायत देकर निर्माण सामग्री की जांच करने की मांग की थी। साथ ही जगरुप ढुल ने विभागीय स्तर पर बिना टेंडर के 56 लाख रुपये की भारी भरकम राशि से करवाए जा रहे काम पर भी सवालिया निशान उठाया था। सरकार ने पारदर्शिता के लिए ई-टेंडरिंग लागू की है। लेकिन अधिकारी न जाने किसे फायदा पहुंचाने के लिए सड़क निर्माण कार्य बिना ई-टेंडरिंग के करवा रहे हैं। इस शिकायत पर एक्सईएन हिमांशू लाटका ने काम रुकवा दिया।
एक्सईएन ने कहा कि प्रशासकीय अनुमति से यह काम करवाया जा रहा था। लेकिन इसकी गुणवत्ता संबंधी शिकायत मिलने पर काम रुकवाया गया है। फिलहाल काम रुका हुआ है। जांच जारी है। इसके बाद ही अगला फैसला होगा।
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