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सावरकर ने जलाई थी विदेशी कपड़ों की होली : डा. मुकेश
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Sat, 25 Feb 2017 11:42 PM IST
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कार्यक्रम में डॉ. मुकेश को सम्मानित करते कॉलेज स्टाफ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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आरकेएसडी सांध्यकालीन कालेज में जंग ए आजादी के महान सेनानी, विचारक, क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हरियाणा के रेडक्रॉस सोसाइटी उपाध्यक्ष डा. मुकेश अग्रवाल मुख्यातिथि रहे। जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार सतीश सेठ ने की। इतिहास संकल्प समिति से प्रोफेसर बीबी भारद्वाज, कमलेश शर्मा मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल हुए।
डा. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि सावरकर पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने आजादी की जंग में सबसे पहले विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी। मुख्य वक्ता प्रोफेसर बीबी भारद्वाज ने भी वीर सावरकर के जीवन पर प्रकाश डाला। वक्ता कमलेश शर्मा व अध्यक्ष सतीश सेठ ने भी सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रिंसिपल डा. हरिंद्र गुप्ता ने कहा कि उनकी लेखनी आग उगलती थी।
इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डा. राकेश मित्तल ने बताया कि वीर सावरकर पहले व्यक्ति थे। जिन्होंने 1857 की लड़ाई को भारत का स्वाधीनता संग्राम बताते हुए करीब 1000 पन्नों का इतिहास वर्ष 1907 में लिखा। मंच संचालन डा. आशा रानी ने किया। इस अवसर पर डा. मनोज बंसल, डा. अजय मित्तल, प्रो. विशाल, डा. नीतिन मित्तल, डा. मुकेश, डा. कविता, डा. मोहित बिंदलिश, प्रो. रितू आदि उपस्थित रहे।
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डा. मुकेश अग्रवाल ने कहा कि सावरकर पहले ऐसे राजनेता थे जिन्होंने आजादी की जंग में सबसे पहले विदेशी कपड़ों की होली जलाई थी। मुख्य वक्ता प्रोफेसर बीबी भारद्वाज ने भी वीर सावरकर के जीवन पर प्रकाश डाला। वक्ता कमलेश शर्मा व अध्यक्ष सतीश सेठ ने भी सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रिंसिपल डा. हरिंद्र गुप्ता ने कहा कि उनकी लेखनी आग उगलती थी।
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इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डा. राकेश मित्तल ने बताया कि वीर सावरकर पहले व्यक्ति थे। जिन्होंने 1857 की लड़ाई को भारत का स्वाधीनता संग्राम बताते हुए करीब 1000 पन्नों का इतिहास वर्ष 1907 में लिखा। मंच संचालन डा. आशा रानी ने किया। इस अवसर पर डा. मनोज बंसल, डा. अजय मित्तल, प्रो. विशाल, डा. नीतिन मित्तल, डा. मुकेश, डा. कविता, डा. मोहित बिंदलिश, प्रो. रितू आदि उपस्थित रहे।
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