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राष्ट्रीय विद्या समिति का हुआ पुन: रजिस्ट्रेशन
ब्यूरो कैथल
Updated Sun, 08 Jan 2017 12:33 AM IST
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आरकेएसडी कॉलेज
- फोटो : फाइल फोटो
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शहर की सबसे बड़ी शिक्षण संस्था आरकेएसडी कॉलेज के चुनाव के लिए एक और कदम आगे बढ़ा है। नए सोसाइटी एक्ट के तहत राष्ट्रीय विद्या समिति का पुन: रजिस्ट्रेशन हो गया है। अब कॉलेज प्रशासक को चुनाव का एलान करना बाकी है। अब देखना है कि कब तक चुनाव घोषित हो पाते हैं।
अब तक क्या हुआ
जून 2014 में आरकेएसडी की प्रबंधक समिति की तत्कालीन प्रधान सतीश बंसल की अगुवाई वाली समिति का कार्यकाल खत्म हो गया था। उस समय नए सोसाइटी एक्ट के तहत कॉलेजियम फाइनल ना होने के कारण तत्कालीन सरकार ने प्रधान सतीश बंसल के नेतृत्व में ही एक साल के लिए एडहॉक कमेटी का गठन कर प्रबंधन उन्हें सौंप दिया था। इसके बाद 28 जुलाई 2015 को सतीश बंसल की अगुवाई वाली एडहॉक कमेटी ने कॉलेजियम व बाइलाज बनाकर रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करवा दिए गए थे। लेकिन इन कॉलेजियम को तय अवधि में मान्यता नहीं मिल पाई। इसके बाद 4 अगस्त 2015 को सरकार ने तत्कालीन एसडीएम आरके सिंह को कॉलेज का प्रशासक नियुक्त करते हुए चुनाव करवाने के आदेश जारी किए। इसके बाद एसडीएम पद पर आरके सिंह, मनदीप कौर, नरेंद्र मलिक, फिर से एसडीएम मनदीप कौर का तबादला हुआ। बीच में इस मामले में कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। एसडीएम मनदीप कौर ने अपने दूसरे कार्यकाल में फिर से चुनाव प्रक्रिया के लिए कदम आगे बढ़ाते हुए सोसाइटी के पुन: रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने वोटर लिस्ट में शामिल कुछ लोगों की कमेटी बनाई। इस कमेटी में सतीश बंसल को भी शामिल किया गया। पूर्व प्रधान सतीश बंसल की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने गत 28 दिसंबर 2016 को राष्ट्रीय विद्या समिति को नए सोसाइटी एक्ट के तहत पुन: रजिस्टर्ड करवाकर रिपोर्ट प्रशासक एवं एसडीएम को सौंप दी है।
कॉलेज प्रशासक एवं एसडीएम मनदीप कौर ने बताया कि कॉलेज की राष्ट्रीय विद्या समिति पुन: रजिस्टर्ड हो गई है। 21 कॉलेजियम को विभाग की अनुमति मिल चुकी है। अब वोटर लिस्ट को वेरीफाई किया जाएगा कि 3714 में से कौन जीवित हैं या नहीं। क्योंकि जब भी कोई चुनाव होता है उसके लिए वोटर लिस्ट की जांच की जाती है। इस वोटर लिस्ट को वेरीफाई करके चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी।
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फरवरी 2011 में वेरीफाई हो चुकी है वोटर लिस्ट
आरकेएसडी कॉलेज प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान सतीश बंसल ने कहा कि प्रशासक एवं एसडीएम मनदीप कौर द्वारा लिए गए फैसले के बाद आरवीएस का पुन: रजिस्ट्रेशन हो गया है। अब प्रशासक चुनाव का एलान कर सकती हैं। वोटर लिस्ट को वेरीफाई करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। इसे फरवरी 2011 में वेरीफाई किया जा चुका है। वर्ष 2005, 2008 व 2011 के चुनाव इसी वोटर लिस्ट पर हो चुके हैं। इस वोटर लिस्ट में शामिल लोग देश के अलग-अलग कोनों में रहते हैं। यदि एक-एक को वेरीफाई किया जाने लगा तो न जाने कितने साल लग सकते हैं। ऐसे तो चुनाव ही नहीं हो पाएगा। विभाग के भी आदेश हैं कि वोटर लिस्ट में ना तो कोई वोट काट सकते हैं ना ही जोड़ सकते हैं। संस्था के अंदर ही कुछ लोग हैं, जो नहीं चाहते कि संस्था की देखरेख नियमित रूप से प्रबंधक समिति के हाथों में आए। उनका कॉलेज प्रशासक से विनम्र निवेदन है कि वे कॉलेज के चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। ताकि शहर की इस संस्था को चुनी हुई प्रबंधक समिति के हाथों में सौंपा जा सके।
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अब तक क्या हुआ
जून 2014 में आरकेएसडी की प्रबंधक समिति की तत्कालीन प्रधान सतीश बंसल की अगुवाई वाली समिति का कार्यकाल खत्म हो गया था। उस समय नए सोसाइटी एक्ट के तहत कॉलेजियम फाइनल ना होने के कारण तत्कालीन सरकार ने प्रधान सतीश बंसल के नेतृत्व में ही एक साल के लिए एडहॉक कमेटी का गठन कर प्रबंधन उन्हें सौंप दिया था। इसके बाद 28 जुलाई 2015 को सतीश बंसल की अगुवाई वाली एडहॉक कमेटी ने कॉलेजियम व बाइलाज बनाकर रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा करवा दिए गए थे। लेकिन इन कॉलेजियम को तय अवधि में मान्यता नहीं मिल पाई। इसके बाद 4 अगस्त 2015 को सरकार ने तत्कालीन एसडीएम आरके सिंह को कॉलेज का प्रशासक नियुक्त करते हुए चुनाव करवाने के आदेश जारी किए। इसके बाद एसडीएम पद पर आरके सिंह, मनदीप कौर, नरेंद्र मलिक, फिर से एसडीएम मनदीप कौर का तबादला हुआ। बीच में इस मामले में कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। एसडीएम मनदीप कौर ने अपने दूसरे कार्यकाल में फिर से चुनाव प्रक्रिया के लिए कदम आगे बढ़ाते हुए सोसाइटी के पुन: रजिस्ट्रेशन की कार्रवाई शुरू की। उन्होंने वोटर लिस्ट में शामिल कुछ लोगों की कमेटी बनाई। इस कमेटी में सतीश बंसल को भी शामिल किया गया। पूर्व प्रधान सतीश बंसल की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने गत 28 दिसंबर 2016 को राष्ट्रीय विद्या समिति को नए सोसाइटी एक्ट के तहत पुन: रजिस्टर्ड करवाकर रिपोर्ट प्रशासक एवं एसडीएम को सौंप दी है।
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कॉलेज प्रशासक एवं एसडीएम मनदीप कौर ने बताया कि कॉलेज की राष्ट्रीय विद्या समिति पुन: रजिस्टर्ड हो गई है। 21 कॉलेजियम को विभाग की अनुमति मिल चुकी है। अब वोटर लिस्ट को वेरीफाई किया जाएगा कि 3714 में से कौन जीवित हैं या नहीं। क्योंकि जब भी कोई चुनाव होता है उसके लिए वोटर लिस्ट की जांच की जाती है। इस वोटर लिस्ट को वेरीफाई करके चुनाव की घोषणा कर दी जाएगी।
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फरवरी 2011 में वेरीफाई हो चुकी है वोटर लिस्ट
आरकेएसडी कॉलेज प्रबंधक समिति के पूर्व प्रधान सतीश बंसल ने कहा कि प्रशासक एवं एसडीएम मनदीप कौर द्वारा लिए गए फैसले के बाद आरवीएस का पुन: रजिस्ट्रेशन हो गया है। अब प्रशासक चुनाव का एलान कर सकती हैं। वोटर लिस्ट को वेरीफाई करने की कोई आवश्यकता नहीं हैं। इसे फरवरी 2011 में वेरीफाई किया जा चुका है। वर्ष 2005, 2008 व 2011 के चुनाव इसी वोटर लिस्ट पर हो चुके हैं। इस वोटर लिस्ट में शामिल लोग देश के अलग-अलग कोनों में रहते हैं। यदि एक-एक को वेरीफाई किया जाने लगा तो न जाने कितने साल लग सकते हैं। ऐसे तो चुनाव ही नहीं हो पाएगा। विभाग के भी आदेश हैं कि वोटर लिस्ट में ना तो कोई वोट काट सकते हैं ना ही जोड़ सकते हैं। संस्था के अंदर ही कुछ लोग हैं, जो नहीं चाहते कि संस्था की देखरेख नियमित रूप से प्रबंधक समिति के हाथों में आए। उनका कॉलेज प्रशासक से विनम्र निवेदन है कि वे कॉलेज के चुनाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। ताकि शहर की इस संस्था को चुनी हुई प्रबंधक समिति के हाथों में सौंपा जा सके।