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Kaithal News: आढ़तियों को राहत, गेहूं खरीद का रास्ता साफ
Sun, 29 Mar 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 29 Mar 2026 01:12 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। पाई मार्केट कमेटी के अधीन आने वाले करोड़ा खरीद केंद्र के आढ़तियों को प्रदेश सरकार से बड़ी राहत मिली है। सरकार द्वारा लाइसेंस छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश जारी होने के बाद अब आढ़ती किसानों की गेहूं फसल बेच सकेंगे, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली है।
दरअसल, सरकार की ओर से हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के माध्यम से निर्देश दिए गए थे कि केवल सब यार्ड और प्रिंसिपल यार्ड से अधिकृत आढ़ती ही खरीद केंद्रों पर किसानों की फसल बेच सकेंगे। करोड़ा अनाज मंडी में करीब 16 आढ़ती किसानों की गेहूं फसल अपने माध्यम से खरीद एजेंसियों को बेचते हैं, लेकिन इनका पाई अनाज मंडी से सीधा संबंध नहीं है और ये कैथल या पूंडरी मंडी में बैठते हैं।
नए नियमों के अनुसार इन आढ़तियों के लिए पाई अनाज मंडी में लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया था। इससे उन्हें आशंका थी कि वे इस बार गेहूं खरीद से वंचित रह सकते हैं। यह समस्या केवल करोड़ा खरीद केंद्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे हरियाणा के खरीद केंद्रों पर लागू हो रही थी। इस नियम से प्रदेश के लगभग 38 हजार आढ़ती प्रभावित हो सकते थे।
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आढ़तियों की इस चिंता को देखते हुए सरकार ने मामले पर पुनर्विचार किया और सभी खरीद केंद्रों के लाइसेंस छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश जारी कर दिए, जिससे गेहूं खरीद का रास्ता साफ हो गया है।
बॉक्स
6 माह के लिए रिन्यू के आदेश मिले : सचिव
पाई मार्केट कमेटी के सचिव जोगिंद्र सिंह पेसिया ने बताया कि सभी आढ़तियों के लाइसेंस पहले की तरह छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। आगे सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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एक साल के लिए होने चाहिए थे आदेश : प्रधान
करोड़ा खरीद केंद्र के प्रधान महावीर शर्मा ने कहा कि सरकार को लाइसेंस कम से कम एक वर्ष के लिए रिन्यू करने चाहिए थे। यहां केवल गेहूं की फसल आती है। छह माह बाद दोबारा रिन्यू की प्रक्रिया से आढ़तियों में असमंजस बना रहेगा। उन्हें आशंका है कि यदि समय पर नवीनीकरण नहीं हुआ तो बीच के अंतराल को आधार बनाकर लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं।
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पाई। पाई मार्केट कमेटी के अधीन आने वाले करोड़ा खरीद केंद्र के आढ़तियों को प्रदेश सरकार से बड़ी राहत मिली है। सरकार द्वारा लाइसेंस छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश जारी होने के बाद अब आढ़ती किसानों की गेहूं फसल बेच सकेंगे, जिससे उन्होंने राहत की सांस ली है।
दरअसल, सरकार की ओर से हरियाणा मार्केटिंग बोर्ड के माध्यम से निर्देश दिए गए थे कि केवल सब यार्ड और प्रिंसिपल यार्ड से अधिकृत आढ़ती ही खरीद केंद्रों पर किसानों की फसल बेच सकेंगे। करोड़ा अनाज मंडी में करीब 16 आढ़ती किसानों की गेहूं फसल अपने माध्यम से खरीद एजेंसियों को बेचते हैं, लेकिन इनका पाई अनाज मंडी से सीधा संबंध नहीं है और ये कैथल या पूंडरी मंडी में बैठते हैं।
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नए नियमों के अनुसार इन आढ़तियों के लिए पाई अनाज मंडी में लाइसेंस होना अनिवार्य कर दिया गया था। इससे उन्हें आशंका थी कि वे इस बार गेहूं खरीद से वंचित रह सकते हैं। यह समस्या केवल करोड़ा खरीद केंद्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि पूरे हरियाणा के खरीद केंद्रों पर लागू हो रही थी। इस नियम से प्रदेश के लगभग 38 हजार आढ़ती प्रभावित हो सकते थे।
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आढ़तियों की इस चिंता को देखते हुए सरकार ने मामले पर पुनर्विचार किया और सभी खरीद केंद्रों के लाइसेंस छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश जारी कर दिए, जिससे गेहूं खरीद का रास्ता साफ हो गया है।
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6 माह के लिए रिन्यू के आदेश मिले : सचिव
पाई मार्केट कमेटी के सचिव जोगिंद्र सिंह पेसिया ने बताया कि सभी आढ़तियों के लाइसेंस पहले की तरह छह माह के लिए रिन्यू करने के आदेश प्राप्त हो चुके हैं। आगे सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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एक साल के लिए होने चाहिए थे आदेश : प्रधान
करोड़ा खरीद केंद्र के प्रधान महावीर शर्मा ने कहा कि सरकार को लाइसेंस कम से कम एक वर्ष के लिए रिन्यू करने चाहिए थे। यहां केवल गेहूं की फसल आती है। छह माह बाद दोबारा रिन्यू की प्रक्रिया से आढ़तियों में असमंजस बना रहेगा। उन्हें आशंका है कि यदि समय पर नवीनीकरण नहीं हुआ तो बीच के अंतराल को आधार बनाकर लाइसेंस रद्द भी किए जा सकते हैं।