जिले में अब हर रोज कोई न कोई गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। कभी जिला परिषद की ग्रांट वितरण में गड़बड़ी के आरोप तो कभी गांवों में नालियों की सफाई के नाम पर फर्जीवाड़े के मामले पिछले तीन-चार दिनों में सामने आए हैं। अब एक नया मामला सामने आया है कि दिल्ली से कटरा तक बन रहे नेशनल हाईवे के लिए अधिगृहीत की गई जमीन की भी जमीन से जुड़े लोगों के नाम रजिस्ट्री कर दी गई है। मामला सच है या झूठ, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन शिकायत करने वाले व्यक्ति ने विभाग को भेजी अपनी शिकायत में कहा है कि कैथल तहसील के एक अधिकारी ने 36000 रुपये प्रति एकड़ रिश्वत लेकर उस जमीन की रजिस्ट्री कर दी। जो दिल्ली से कटरा तक के लिए बन रहे नेशनल हाईवे के लिए अधिगृहीत की जा चुकी है। बताया जा रहा है कि नियमानुसार इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती। इसके अलावा इस शिकायत में गिरदावरी संबंधी आरोप भी लगाए गए हैं।
राजस्व विभाग के वित्त आयुक्त ने डीसी कैथल को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने व किसी के दोषी पाए जाने पर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। डीसी सुजान सिंह ने इस शिकायत की जांच एडीसी सतबीर कुंडू को सौंपी है। डीसी ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से एक शिकायत मिली है। जिसमें सजूमा में किसी जमीन की नियमों के खिलाफ रजिस्ट्री किए जाने की बात है।