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किसान के भेष में पकड़ा गया राजेश, ज्यादातर खेतों में रहा
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कैथल। आढ़ती सत्यवान व उनकी पत्नी के दोहरे हत्याकांड में बढ़ते दबाव का नतीजा था कि पुलिस ने वारदात के 11 दिनों के भीतर मुख्य आरोपी राजेश को दबोच लिया। पुलिस के मुताबिक, राजेश को किसान के भेष में गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस निश्ंिचत नहीं थी कि वह राजेश ही है। जब यह साफ हो गया कि पकड़ा गया व्यक्ति राजेश है तो पुलिस को राहत मिली। पूछताछ में राजेश ने पुलिस को बताया कि अलग-अलग स्थानों पर उसने अपनी रातें गुजारीं। ज्यादातर वह खेतों में ही रहा।
वारदात के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। उसने आरोपी राजेश को पकड़ने के लिए अपने सारे संसाधन झोंक दिए थे। न केवल सीआईए व थानों की टीमें बल्कि पुलिस के सम्मन स्टॉफ से लेकर नारकोटिक सेल तक दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए छापामारी कर रही थी। कई पुलिस कर्मचारी सप्ताह भर से घर भी नहीं गए थे। पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को आढ़ती सत्यवान व उनकी पत्नी कैलाश देवी की हत्या के बाद हत्यारोपी राजेश सबसे पहले अपने घर बाइक से पहुंचा। उसकी गाड़ी में खून भी लगा था लेकिन वहां पर पुलिस की गाड़ी देखकर वह बचकर निकल गया। इसके बाद वह अपने रिश्तेदारों व जानकारों के पास जाता रहा। पुलिस ने उसके सभी रिश्तेदारों और जानकारों तक से पूछताछ की लेकिन उसका सुराग नहीं मिल सका।
इसके बाद नारकोटिक सेल व सम्मन स्टॉफ को उसे पकड़ने के लिए लगाया गया। पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के आस-पास, जालंधर, लुधियाना के बड़े एवं ऐतिहासिक गुरुद्वारों के आस-पास, मंदिरों सहित बड़े धार्मिक स्थलों तक में छानबीन की गई पर नतीजा सिफर रहा। हरियाणा के फतेहाबाद, टोहाना, हिसार, बरवाला, नरवाना, सफीदों, जींद, कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों के गुरुद्वारों व मंदिरों के आस-पास से लेकर सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के बाहर भी पुलिस ने अपने सूत्र दौड़ाकर छानबीन करवाई लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। पुलिस पर राजेश की गिरफ्तारी को लेकर इस कदर दबाव था कि उसे सप्ताह भर के भीतर एक लाख रुपये का भगौड़ा आरोपी करार दिया गया। बस अड्डों, बसों, रेलवे स्टेशनों, रेलों सहित सार्वजनिक स्थानों पर हिंदी व अंग्रेजी में उसके पोस्टर चस्पा किए गए।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेश ने पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर रातें बिताईं। इस दौरान अधिकतर वह खेतों में ही रहा। इस बीच उसने अपने फोन से एक बार भी घर व परिजनों और रिश्तेदारों को फोन नहीं किया। जब भी उसने फोन किए, किसी ओर के फोन से संपर्क किया लेकिन पुलिस उस पर लगातार नजर गड़ाए हुए थी। अंतत: सीआईए-1 पुलिस ने फतेहाबाद जिले के टोहाना के निकट स्थित गांव ठरवी से उसे दबोच लिया।
होमगार्ड में नहीं था, पर वसूली करता था
डीएसपी विवेक चौधरी के अनुसार आरोपी राजेश ने अफवाह फैला रखी थी कि वह होमगार्ड में था। इस बात की जांच करवा ली गई है। वह होमगार्ड में नहीं था। केवल होमगार्ड में होने की बात कहकर लोगों से पैसे आदि ले लेता था। आढ़ती व उनकी पत्नी की हत्या किन हालात में की है, इस बात की जानकारी के अलावा अन्य बातों को लेकर उससे पूछताछ जारी है।
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वारदात के बाद पुलिस पर दबाव बढ़ता जा रहा था। उसने आरोपी राजेश को पकड़ने के लिए अपने सारे संसाधन झोंक दिए थे। न केवल सीआईए व थानों की टीमें बल्कि पुलिस के सम्मन स्टॉफ से लेकर नारकोटिक सेल तक दोहरे हत्याकांड के खुलासे के लिए छापामारी कर रही थी। कई पुलिस कर्मचारी सप्ताह भर से घर भी नहीं गए थे। पुलिस के मुताबिक, 24 सितंबर को आढ़ती सत्यवान व उनकी पत्नी कैलाश देवी की हत्या के बाद हत्यारोपी राजेश सबसे पहले अपने घर बाइक से पहुंचा। उसकी गाड़ी में खून भी लगा था लेकिन वहां पर पुलिस की गाड़ी देखकर वह बचकर निकल गया। इसके बाद वह अपने रिश्तेदारों व जानकारों के पास जाता रहा। पुलिस ने उसके सभी रिश्तेदारों और जानकारों तक से पूछताछ की लेकिन उसका सुराग नहीं मिल सका।
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इसके बाद नारकोटिक सेल व सम्मन स्टॉफ को उसे पकड़ने के लिए लगाया गया। पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के आस-पास, जालंधर, लुधियाना के बड़े एवं ऐतिहासिक गुरुद्वारों के आस-पास, मंदिरों सहित बड़े धार्मिक स्थलों तक में छानबीन की गई पर नतीजा सिफर रहा। हरियाणा के फतेहाबाद, टोहाना, हिसार, बरवाला, नरवाना, सफीदों, जींद, कुरुक्षेत्र सहित कई जिलों के गुरुद्वारों व मंदिरों के आस-पास से लेकर सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के बाहर भी पुलिस ने अपने सूत्र दौड़ाकर छानबीन करवाई लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली। पुलिस पर राजेश की गिरफ्तारी को लेकर इस कदर दबाव था कि उसे सप्ताह भर के भीतर एक लाख रुपये का भगौड़ा आरोपी करार दिया गया। बस अड्डों, बसों, रेलवे स्टेशनों, रेलों सहित सार्वजनिक स्थानों पर हिंदी व अंग्रेजी में उसके पोस्टर चस्पा किए गए।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजेश ने पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग स्थानों पर रातें बिताईं। इस दौरान अधिकतर वह खेतों में ही रहा। इस बीच उसने अपने फोन से एक बार भी घर व परिजनों और रिश्तेदारों को फोन नहीं किया। जब भी उसने फोन किए, किसी ओर के फोन से संपर्क किया लेकिन पुलिस उस पर लगातार नजर गड़ाए हुए थी। अंतत: सीआईए-1 पुलिस ने फतेहाबाद जिले के टोहाना के निकट स्थित गांव ठरवी से उसे दबोच लिया।
होमगार्ड में नहीं था, पर वसूली करता था
डीएसपी विवेक चौधरी के अनुसार आरोपी राजेश ने अफवाह फैला रखी थी कि वह होमगार्ड में था। इस बात की जांच करवा ली गई है। वह होमगार्ड में नहीं था। केवल होमगार्ड में होने की बात कहकर लोगों से पैसे आदि ले लेता था। आढ़ती व उनकी पत्नी की हत्या किन हालात में की है, इस बात की जानकारी के अलावा अन्य बातों को लेकर उससे पूछताछ जारी है।