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Kaithal News: पूर्व सैनिकों ने कैथल में केंद्रीय विद्यालय बनवाने की मांग की

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2026 11:43 PM IST
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Ex-servicemen demanded the construction of a Kendriya Vidyalaya in Kaithal.
जिले में केंद्रीय विद्यालय बनवाने की मांग करते पूर्व सैनिक। संवाद
कैथल। जिले के पूर्व सैनिकों ने सरकार से कैथल में केंद्रीय विद्यालय स्थापित करने की मांग की है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि जिले में केंद्रीय विद्यालय न होने के कारण उनके बच्चों को मजबूरी में भारी-भरकम फीस वसूलने वाले महंगे निजी स्कूलों में पढ़ाई करनी पड़ रही है। यह मांग पिछले लंबे समय से लंबित है, जिस पर अब पूर्व सैनिकों ने सरकार से तुरंत ध्यान देने की अपील की है।
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पूर्व सैनिक एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित बैठक में पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में अपना जीवन लगाने वाले जवानों के परिवारों को उनके ही गृह क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है। जिले में सैन्य परिवारों की एक बड़ी आबादी रहती है लेकिन केंद्रीय विद्यालय न होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाएं बच्चों के लिए होंगी सहायक : जगजीत
पूर्व सैनिक एसोसिएशन के प्रधान जगजीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय संगठन अपनी बेहतरीन शिक्षण गुणवत्ता, एक समान सीबीएसई पाठ्यक्रम और किफायती फीस के लिए जाना जाता है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े परिवारों के बच्चों को इन विद्यालयों में प्रवेश के दौरान विशेष प्राथमिकता दी जाती है। जिला मुख्यालय पर इस स्कूल के खुलने से न केवल पूर्व सैनिकों के बच्चों को बल्कि अर्धसैनिक बलों और केंद्रीय कर्मचारियों के परिवारों को भी सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा स्कूल में मिलने वाली आधुनिक विश्वस्तरीय सुविधाएं बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होंगी।
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केंद्रीय विद्यालय बनने से होने वाले मुख्य लाभ
- दाखिले में प्राथमिकता : रक्षा क्षेत्र से जुड़े परिवारों और केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों को इन विद्यालयों में प्रवेश के दौरान विशेष प्राथमिकता दी जाती है। इससे पूर्व सैनिकों के बच्चों का भविष्य सुरक्षित होगा।
- एक समान सीबीएसई पाठ्यक्रम : देशभर के सभी केंद्रीय विद्यालयों में एक जैसा सीबीएसई बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू होता है। सैन्य परिवारों के स्थानांतरण या पुनर्वास की स्थिति में भी बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होती है।

- आधुनिक बुनियादी ढांचा : इन स्कूलों में आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, डिजिटल कंप्यूटर लैब, समृद्ध पुस्तकालय और खेलकूद के लिए शानदार मैदान उपलब्ध होते हैं, जो बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
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