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Kaithal News: कलायत नगर में एकादशी पर निकाली शोभायात्रा
Sat, 17 Aug 2024 04:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पुत्रदा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने नगर में शोभा यात्रा निकाली। पंडित संजय शास्त्री के नेतृत्व में श्री कपिल मुनि मंदिर से शुरू हुई यात्रा कलायत नगर की पूरी परिक्रमा करने के बाद मंदिर परिसर में समापन हुआ। भारी उमस के बावजूद पूरे रास्ते महिलाएं भजनों पर नाचती रही।
यात्रा के वापस मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान कपिल की पूजा-अर्चना की। मंदिर पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि आज के ही दिन कपिल मां देवहूति को सांख्य दर्शन का ज्ञान देकर संन्यास आश्रम में चले गए थे।
हर वर्ष भगवान कपिल को समर्पित इस नगर यात्रा का आयोजन श्री कपिल मुनि मंदिर करता है। इस यात्रा में कलायत नगर ही नहीं बल्कि दूर दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होने के लिए आते हैं। गौतम ने बताया कि वर्ष भर के प्रत्येक मास में दो एकादशी आती हैं। एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में। जो भक्त एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान से करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं श्रीहरि विष्णु शीघ्र ही पूरी करते हैं। भारतीय संस्कृति में हर महीने की एकादशी (ग्यारस) को उपवास किया जाता है। यह तिथि अत्यंत पवित्र तिथि मानी गई है।
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श्रावण और पौष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली दोनों एकादशियों को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी को पुत्रदा, पवित्रोपना या पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पुत्रदा एकादशी का संबंध भगवान कपिल व मां देवहूति से होने के कारण कलायत में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं।
नगर यात्रा में संजय शास्त्री, अनिरुद्ध गौतम, बंसीधर शर्मा, सुभाष वशिष्ठ, जगदीश रायका, निशु सिंगला, रामवति व महिला मंडल की अनेक सदस्य
मौजूद रहीं।
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कलायत। पुत्रदा एकादशी पर श्रद्धालुओं ने नगर में शोभा यात्रा निकाली। पंडित संजय शास्त्री के नेतृत्व में श्री कपिल मुनि मंदिर से शुरू हुई यात्रा कलायत नगर की पूरी परिक्रमा करने के बाद मंदिर परिसर में समापन हुआ। भारी उमस के बावजूद पूरे रास्ते महिलाएं भजनों पर नाचती रही।
यात्रा के वापस मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान कपिल की पूजा-अर्चना की। मंदिर पुजारी अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि आज के ही दिन कपिल मां देवहूति को सांख्य दर्शन का ज्ञान देकर संन्यास आश्रम में चले गए थे।
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हर वर्ष भगवान कपिल को समर्पित इस नगर यात्रा का आयोजन श्री कपिल मुनि मंदिर करता है। इस यात्रा में कलायत नगर ही नहीं बल्कि दूर दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु शामिल होने के लिए आते हैं। गौतम ने बताया कि वर्ष भर के प्रत्येक मास में दो एकादशी आती हैं। एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में। जो भक्त एकादशी का व्रत पूरे विधि-विधान से करता है उसकी समस्त मनोकामनाएं श्रीहरि विष्णु शीघ्र ही पूरी करते हैं। भारतीय संस्कृति में हर महीने की एकादशी (ग्यारस) को उपवास किया जाता है। यह तिथि अत्यंत पवित्र तिथि मानी गई है।
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श्रावण और पौष माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली दोनों एकादशियों को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी को पुत्रदा, पवित्रोपना या पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पुत्रदा एकादशी का संबंध भगवान कपिल व मां देवहूति से होने के कारण कलायत में इस दिन विशेष आयोजन होते हैं।
नगर यात्रा में संजय शास्त्री, अनिरुद्ध गौतम, बंसीधर शर्मा, सुभाष वशिष्ठ, जगदीश रायका, निशु सिंगला, रामवति व महिला मंडल की अनेक सदस्य
मौजूद रहीं।