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पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के लिए खा रहे है दर दर धक्के
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल
Updated Sat, 16 Jul 2016 12:00 AM IST
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गुहला-चीका। ढाई माह पहले हुई चीका के नवतेज सिंह की करेंट लगने से मौत के बाद से परिजन उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के लिए भटक रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हैं कि उन्हें रास्ता देने को तैयार नहीं हैं। अब तो सीधा कहा जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट गुम हो गई है।
गत 28 अप्रैल को पटियाला रोड पर स्थित फौजी टायर सर्विस के मालिक नवतेज सिंह की दुकान के सामने एक लाइटिंग बोर्ड लगाते समय बिजली का करेंट लगने से मौत हो गई थी। 29 अप्रैल की सुबह नवतेज सिंह का कैथल के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ था। इसी रिपोर्ट के लिए नवतेज सिंह के परिजन सिविल अस्पताल के दर्जनों चक्कर काट चुके हैं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल पा रही।
नवतेज सिंह के भतीजे मनरूप सिंह ने बताया कि पहले तो उन्हें कल आना, परसों आना कहकर टरकाया जाता रहा लेकिन पिछले हफ्ते अस्पताल के लिपिकीय स्टाफ की तरफ से यह कह दिया गया कि रिपोर्ट पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से कहीं गुम हो गई है। इसलिए अब अस्पताल रिपोर्ट जारी करने में असमर्थ है।
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मनरूप सिंह ने बताया कि उनके चाचा नवतेज सिंह ने 7 लाख रुपये का बीमा करवाया हुआ था। एक्सीडेंटल डैथ क्लेम के लिए एलआईसी ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मांग रखी है। इसके अलावा एलआईसी ने डेथ क्लेम फार्म पर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर के काउंटर साइन मांगे हैं, लेकिन डॉक्टर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गैर मौजूदगी में काउंटर साइन करने को तैयार नहीं हैं।
घर में नहीं कोई बचा कोई कमाने वाला:-नवतेज सिंह के किशोर वय भतीजे मनरूप सिंह ने बताया कि उनके पिता की मौत पिछले साल हो गई थी तथा अप्रैल के हादसे में चाचा की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई बड़ा पुरुष सदस्य नहीं रहा।
मनरूप ने बताया कि उसे दुकान पर भी बैठना पड़ता है तथा चाचा की मृत्यु को लेकर हुई कागजी कार्रवाई के लिए भी इधर उधर जाना पड़ता है। उसे सरकारी कामों का कोई ज्ञान नहीं है जिस कारण उसे कैथल जाने के लिए भी कभी रिश्तेदारों को बुलाना पड़ता है तो कभी आस पड़ोस के लोगों से निवेदन करना पड़ता है।
मनरूप ने बताया कि वे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर विवेक से कई बार मिले हैं और डॉक्टर का हर बार एक ही जवाब होता है कि उसने तो रिपोर्ट जमा करवा दी अब आप जानों या अस्पताल जानें। मनरूप ने बताया कि अस्पताल वाले कहते हैं कि रिपोर्ट डॉक्टर विवेक से ही कहीं गुम हुई है, इसलिए उन्हीं से बात करो। उसने खुद सारा रिकार्ड छान लिया। वहां क्रमांक 82 और 84 सहित आगे पीछे की तमाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौजूद हैं लेकिन उनके चाचा नवतेज सिंह की क्रमांक 83 वाली रिपोर्ट गायब है।
विज को भेजी शिकायत:-
मनरूप सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी विधवा चाची की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजी है जिसमें कैथल के सिविल अस्पताल के डाक्टरों और अन्य स्टाफ द्वारा उन्हें परेशान करने संबंधी सारा विवरण दिया है। मनरूप ने बताया कि इसके अलावा वे सीएम विंडो पर भी शिकायत लगाएंगे ताकि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल सके और लोगों को परेशान करने वाले दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हो।
वहीं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने कहा कि उन्होंने अभी एक दिन पहले ही ज्वाइन किया है। वे पता करवाएंगे कि क्या मामला है। जो भी संभव होगी, इस परिवार की मदद की जाएगी।
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गत 28 अप्रैल को पटियाला रोड पर स्थित फौजी टायर सर्विस के मालिक नवतेज सिंह की दुकान के सामने एक लाइटिंग बोर्ड लगाते समय बिजली का करेंट लगने से मौत हो गई थी। 29 अप्रैल की सुबह नवतेज सिंह का कैथल के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ था। इसी रिपोर्ट के लिए नवतेज सिंह के परिजन सिविल अस्पताल के दर्जनों चक्कर काट चुके हैं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल पा रही।
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नवतेज सिंह के भतीजे मनरूप सिंह ने बताया कि पहले तो उन्हें कल आना, परसों आना कहकर टरकाया जाता रहा लेकिन पिछले हफ्ते अस्पताल के लिपिकीय स्टाफ की तरफ से यह कह दिया गया कि रिपोर्ट पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से कहीं गुम हो गई है। इसलिए अब अस्पताल रिपोर्ट जारी करने में असमर्थ है।
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मनरूप सिंह ने बताया कि उनके चाचा नवतेज सिंह ने 7 लाख रुपये का बीमा करवाया हुआ था। एक्सीडेंटल डैथ क्लेम के लिए एलआईसी ने पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मांग रखी है। इसके अलावा एलआईसी ने डेथ क्लेम फार्म पर अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर के काउंटर साइन मांगे हैं, लेकिन डॉक्टर पोस्टमार्टम रिपोर्ट की गैर मौजूदगी में काउंटर साइन करने को तैयार नहीं हैं।
घर में नहीं कोई बचा कोई कमाने वाला:-नवतेज सिंह के किशोर वय भतीजे मनरूप सिंह ने बताया कि उनके पिता की मौत पिछले साल हो गई थी तथा अप्रैल के हादसे में चाचा की मौत के बाद घर में कमाने वाला कोई बड़ा पुरुष सदस्य नहीं रहा।
मनरूप ने बताया कि उसे दुकान पर भी बैठना पड़ता है तथा चाचा की मृत्यु को लेकर हुई कागजी कार्रवाई के लिए भी इधर उधर जाना पड़ता है। उसे सरकारी कामों का कोई ज्ञान नहीं है जिस कारण उसे कैथल जाने के लिए भी कभी रिश्तेदारों को बुलाना पड़ता है तो कभी आस पड़ोस के लोगों से निवेदन करना पड़ता है।
मनरूप ने बताया कि वे पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर विवेक से कई बार मिले हैं और डॉक्टर का हर बार एक ही जवाब होता है कि उसने तो रिपोर्ट जमा करवा दी अब आप जानों या अस्पताल जानें। मनरूप ने बताया कि अस्पताल वाले कहते हैं कि रिपोर्ट डॉक्टर विवेक से ही कहीं गुम हुई है, इसलिए उन्हीं से बात करो। उसने खुद सारा रिकार्ड छान लिया। वहां क्रमांक 82 और 84 सहित आगे पीछे की तमाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौजूद हैं लेकिन उनके चाचा नवतेज सिंह की क्रमांक 83 वाली रिपोर्ट गायब है।
विज को भेजी शिकायत:-
मनरूप सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी विधवा चाची की तरफ से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को शिकायत भेजी है जिसमें कैथल के सिविल अस्पताल के डाक्टरों और अन्य स्टाफ द्वारा उन्हें परेशान करने संबंधी सारा विवरण दिया है। मनरूप ने बताया कि इसके अलावा वे सीएम विंडो पर भी शिकायत लगाएंगे ताकि उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल सके और लोगों को परेशान करने वाले दोषी डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई हो।
वहीं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल ने कहा कि उन्होंने अभी एक दिन पहले ही ज्वाइन किया है। वे पता करवाएंगे कि क्या मामला है। जो भी संभव होगी, इस परिवार की मदद की जाएगी।