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Kaithal News: बिना लाइसेंस चल रहीं दुकानों को जारी किए नोटिस
Wed, 22 Jan 2025 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 22 Jan 2025 01:08 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल के नेतृत्व में मंगलवार को ढांड व शहर के सेक्टर-19 व 20 में खाद्य पदार्थ बेचने वाली कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी दुकानों के लाइसेंस की जांच की। लाइसेंस न मिलने पर ढांड में एक किराना और कैथल में कुल आठ दुकानों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
टीम का कहना है कि बिना लाइसेंस चल रही सभी दुकानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान टीम ने तीन बंद बोतल पानी, पनीर, देसी खांड, टॉफी आदि के कुल सात सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे। सैंपलों की रिपोर्ट आने पर आगामी कार्यवाही की जाएगी। डॉ. चहल ने बताया कि इस तरह की करवाई निरंतर जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बनाने, रखने एवं बेचने पर 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। डॉ. चहल ने बताया कि सभी खाद्य पदार्थ बनाने एवं बेचने वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और लाइसेंस बनवाने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट foscos.fssai.gov.in है। छोटे दुकानदार जिनकी सालाना बिक्री 12 लाख से कम है वो रजिस्ट्रेशन की श्रेणी में आते हैं, जिसकी लाइसेंस फीस 100 रुपये सालाना है।
गौरतलब है कि 12 लाख से ऊपर बिक्री वाले प्रतिष्ठान एवं दुकानें स्टेट लाइसेंस की श्रेणी में आते हैं जिसकी सालाना फीस दो से तीन हजार रुपये है।
कैथल। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल के नेतृत्व में मंगलवार को ढांड व शहर के सेक्टर-19 व 20 में खाद्य पदार्थ बेचने वाली कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सभी दुकानों के लाइसेंस की जांच की। लाइसेंस न मिलने पर ढांड में एक किराना और कैथल में कुल आठ दुकानों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
टीम का कहना है कि बिना लाइसेंस चल रही सभी दुकानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के आधार पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान टीम ने तीन बंद बोतल पानी, पनीर, देसी खांड, टॉफी आदि के कुल सात सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे। सैंपलों की रिपोर्ट आने पर आगामी कार्यवाही की जाएगी। डॉ. चहल ने बताया कि इस तरह की करवाई निरंतर जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 के अनुसार बिना लाइसेंस खाद्य पदार्थ बनाने, रखने एवं बेचने पर 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। डॉ. चहल ने बताया कि सभी खाद्य पदार्थ बनाने एवं बेचने वालों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है और लाइसेंस बनवाने के लिए केवल ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन किया जा सकता है। इसके लिए विभाग की वेबसाइट foscos.fssai.gov.in है। छोटे दुकानदार जिनकी सालाना बिक्री 12 लाख से कम है वो रजिस्ट्रेशन की श्रेणी में आते हैं, जिसकी लाइसेंस फीस 100 रुपये सालाना है।
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गौरतलब है कि 12 लाख से ऊपर बिक्री वाले प्रतिष्ठान एवं दुकानें स्टेट लाइसेंस की श्रेणी में आते हैं जिसकी सालाना फीस दो से तीन हजार रुपये है।