फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   No proper arrangements for Certifcate distribution

प्रमाण पत्र बनाने की मारामारी, बन गया तो ढूंढते रह जाओगे

Thu, 26 Jun 2014 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथ्ाल Updated Thu, 26 Jun 2014 11:48 PM IST
विज्ञापन
No proper arrangements for Certifcate distribution
अधिकारियों के सामने कार्यालय के बाहर फर्श पर बिखरे हजारों प्रमाण पत्र...। उनमें अपने प्रमाण पत्र ढूंढते लोग और तहसीलदार कार्यालय के बाहर हर समय लोगों का हुजूम...। लघु सचिवालय मेें यह स्थिति आम बात है।
विज्ञापन


रोजाना लोग विभिन्न प्रमाण पत्र बनाने आते हैं, लेकिन उन्हें सुविधा मिलने के बजाय असुुविधा का सामना करना पड़ता है। इस व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे है। कुछेक अधिकारी संज्ञान लेते हैं, लेकिन स्थिति फिर वही हो जाती है। एक दिन में 1000 से अधिक प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन तथा नए प्रमाण पत्र जारी होते हैं। इनके वितरण के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। लोग सरकार, प्रशासन को कोसते हुए मजबूरी में चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


हर रोज जमा होते हैं नौ तरह के फार्म
लघु सचिवालय स्थित तहसीलदार कार्यालय में हर रोज नौ प्रकार के फार्म जमा करवाने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ती है। इनमें जाति प्रमाण पत्र, अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र, पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, अन्य पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र, स्पेशल पिछड़ा वर्ग, हरियाणा रिहायशी प्रमाण पत्र, आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग, आय प्रमाण पत्र एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए प्रमाण पत्र बनाने के लिए आवेदन आते हैं। लेकिन यहां न फार्म जमा करवाने की व्यवस्था, न ही वितरण की। लोग एक-एक प्रमाण पत्र के लिए कई बार चक्कर लगाते हैं, तब कहीं जाकर उन्हें प्रमाण पत्र मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरे जिले के लिए महज एक कर्मचारी
कैथल, पूंडरी, कलायत, राजौंद, ढांड, पूंडरी, पाई सहित अनेकों गांवों से यहां हर रोज काफी संख्या में लोग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आते हैं। लेकिन इस सारे कार्य के लिए केवल एक कर्मचारी तैनात है। छुट्टी के बाद भी काम करने पर प्रमाण पत्र बनवाने का काम पूरा नहीं हो पाता है। गौरतलब है कि मंगलवार को यहां 1700 फार्म जमा हुए थे तो सोमवार को 1500 लोगों ने आवेदन किया था। यही औसत लगभग हर रोज रहती है। फार्म जमा करवाने के लिए तो कर्मचारी हैं, लेकिन बने प्रमाण पत्रों को संबंधित व्यक्ति को देने की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण आवेदनकर्ता फर्श पर सारे प्रमाण पत्र बिखेर कर उनमें से अपना प्रमाण पत्र ढूंढते हैं। अधिकतर लोगों को तो प्रमाण पत्र मिल ही नहीं पाता, वहीं कई प्रमाण पत्र गुम ही हो जाते हैं।
चार दिन से आर रहा हूं, पर नहीं मिला सर्टिफिकेट
एचसीटीएम में कर्मचारी पंकज ने कहा कि वह चार दिन से बच्चों के प्रमाण पत्रों के लिए आ रहा है, लेकिन उसे अभी तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि प्रमाण पत्र बन गए हैं या नहीं।


आईटीआई में दाखिला लेना है, जिसके लिए अनुसूचित जाति का प्रमाण-पत्र बनवाना था। करीब एक सप्ताह से लघु सचिवालय में चक्कर काट-काट कर थक  गया हूं। प्रोस्पेक्टस भरने के अंतिम दिन तक प्रमाण-पत्र नहीं मिला। अनुसूचित जाति में मिलने वाला लाभ नहीं मिलेगा।
-रमेश कुमार, सौंगल।

करीब तीन दिन से लगातार लघु सचिवालय में प्रमाण-पत्र लेने के लिए आ रही हूं। 28 जून तक कॉलेज में आवेदन करना है। अगर प्रमाण-पत्र नहीं बनता है तो दाखिला नहीं होगा, लेकिन कर्मचारी विद्यार्थियों की समस्या की ओर कोेई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
-श्वेता, छात्रा।

किसी को पता नहीं है कि प्रमाण पत्र कब बनेंगे और अगर बन भी गए हैं तो पता नहीं है कि कहां हैं। बनाए गए प्रमाण-पत्रों को बरामदेे में फेंक दिया जाता है। इससे समय की बरबादी होती है।

-अशोक कुमार।

प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारी किसी से बात करना भी पसंद नहीं करते हैं। उनके पास कोई रिकार्ड नहीं है कि प्रमाण पत्र किसका है। बना है या नहीं बना है।
-आशा रानी।

सीटीएम ने भी किया निरीक्षण
सीटीएम पूजा भारती ने इस अव्यवस्था को देखकर निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को उचित निर्देश दिए। लेकिन लोगों की मांग है कि यहां कोई न कोई ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि प्रमाण पत्र हासिल करने में परेशानी न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed