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Kaithal News: कभी भी न करना बाल विवाह

Fri, 23 Jan 2026 01:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 23 Jan 2026 01:44 AM IST
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Never engage in child marriage.
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बाल विवाह उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की। स्थानीय वैकल्पिक विवाद निवारण केंद्र के कॉन्फ्रेंस हॉल में आशा (जागरूकता, समर्थन, सहायता, कार्रवाई) इकाई के तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत विभिन्न हितधारकों को जागरूक करना और नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जानकारी देना रहा। इस दौरान हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सोसाइटी ऑफ एनलाइटनमेंट एंड वॉलंटरी एक्शन बनाम भारत संघ मामले में दिए गए ऐतिहासिक निर्देशों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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सर्वोच्च न्यायालय ने नालसा को बाल विवाह पीड़ितों के बचाव, पुनर्वास और कानूनी सहायता के लिए व्यापक एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए थे, जिसे अब जमीनी स्तर पर लागू किया जा रहा है। एचएसएलएसए के मास्टर ट्रेनर एवं पैनल अधिवक्ता अरविंद खुराना ने प्रतिभागियों को आशा एसओपी-2025 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। कार्यशाला में बाल विवाह रोकने के लिए मजबूत संस्थागत ढांचा तैयार करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में डलसा के पैनल अधिवक्ता, बचाव पक्ष के वकील, पैरा लीगल वॉलंटियर्स और आशा इकाई के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी की। विशेषज्ञों ने बताया कि सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाने और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए संरचित कार्यप्रणाली अत्यंत आवश्यक है।
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इससे न केवल बाल विवाह के मामलों में कमी आएगी, बल्कि पीड़ितों को त्वरित कानूनी सहायता और दीर्घकालिक पुनर्वास भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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