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Kaithal News: काम न मिलने से मनरेगा मजदूरों का गुजारा कठिन
Tue, 04 Mar 2025 01:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 04 Mar 2025 01:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। ढांड स्थित कार्यालय में सोमवार को मनरेगा यूनियन संबंधित केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी ने मनरेगा मजदूरों की समस्याओं के संदर्भ में बैठक की। इसमें सुभाष चंद व विनोद शाक्य ने कहा कि काम न मिलने की वजह से मनरेगा मजदूरों को अपने परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर आरोप लगाए। कहा कि मनरेगा मजदूरों के लिए बनाई गई सरकारी नीति उनके हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीति के अनुसार मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 100 दिन का काम देने का प्रावधान है पर ऐसा हो नहीं रहा है। महंगाई के दौर में मजदूर 100 दिन के काम के बदले मिलने वाली मजदूरी से परिवार को दो वक्त की रोटी भी नसीब नही करवा सकते हैं।
उन्होंने मांग की है कि मनरेगा मजदूरी वर्ष में 365 दिन मिलनी चाहिए और प्रतिदिन 700 रुपये की दिहाड़ी दी जाए। कहा कि गांव से बाहर काम करवाने का किराया भी उनकी दिहाड़ी में से काट लेते हैं, जो गलत है। उनका किराया दिहाड़ी से अलग मिलना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाषचंद्र ने की और मंच संचालन जिला सचिव विनोद शाक्य ने किया। इस अवसर पर अजमेर, मोहन, रानी, ऊषा, गुड्डी, सुमन, पूनम, रीना, रामभतेरी, मोहन लाल, गुलशन व ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा आदि मौजूद रहे।
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ढांड। ढांड स्थित कार्यालय में सोमवार को मनरेगा यूनियन संबंधित केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी ने मनरेगा मजदूरों की समस्याओं के संदर्भ में बैठक की। इसमें सुभाष चंद व विनोद शाक्य ने कहा कि काम न मिलने की वजह से मनरेगा मजदूरों को अपने परिवारों का गुजारा करना मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर आरोप लगाए। कहा कि मनरेगा मजदूरों के लिए बनाई गई सरकारी नीति उनके हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी नीति के अनुसार मनरेगा मजदूरों को एक वर्ष में 100 दिन का काम देने का प्रावधान है पर ऐसा हो नहीं रहा है। महंगाई के दौर में मजदूर 100 दिन के काम के बदले मिलने वाली मजदूरी से परिवार को दो वक्त की रोटी भी नसीब नही करवा सकते हैं।
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उन्होंने मांग की है कि मनरेगा मजदूरी वर्ष में 365 दिन मिलनी चाहिए और प्रतिदिन 700 रुपये की दिहाड़ी दी जाए। कहा कि गांव से बाहर काम करवाने का किराया भी उनकी दिहाड़ी में से काट लेते हैं, जो गलत है। उनका किराया दिहाड़ी से अलग मिलना चाहिए। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाषचंद्र ने की और मंच संचालन जिला सचिव विनोद शाक्य ने किया। इस अवसर पर अजमेर, मोहन, रानी, ऊषा, गुड्डी, सुमन, पूनम, रीना, रामभतेरी, मोहन लाल, गुलशन व ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा आदि मौजूद रहे।
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