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स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक
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कैथल। हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर स्मैक व चिट्टा तस्करी के लिए बदनाम गांव खरकां में करीब 45 करोड़ रुपये कीमत की हेरोइन मिलने के बाद पुलिस प्रशासन के खुफिया तंत्र पर बड़े सवाल खड़े हुए हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसी की टीम सीधा आरोपी के घर रेड मारती है और इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद करती है लेकिन स्थानीय पुलिस-प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। डीआरआई की टीम ने सबसे पहले आरोपी के घर जाकर संपर्क किया। फिर टीम ने हरियाणा पुलिस का कंट्रोल रूम नंबर 112 डायल किया। इसके बाद कैथल पुलिस को डीआरआई की टीम के गांव खरकां में पहुंचने की सूचना मिली। तब वह मौके पर पहुंची।
इसके बाद बलविंद्र उर्फ काला के घर पर पहले तलाशी में टीम को कुछ नहीं मिल पाया। जब स्थानीय पुलिस का उसे सहयोग मिला तो घर में रखी एक पेटी से 12 पैकेट बरामद किए। इनमें प्रत्येक का वजन आधा किलो था। साथ ही टीम ने 32 लाख 83 हजार रुपये भी बरामद किए। बाद में एनसीबी की टीम ने इसके हेरोइन की पुष्टि की।
नशीले पदार्थों के लिए बदनाम है खरकां
हरियाणा में कैथल जिले का गांव खरकां स्मैक व चिट्टे की तस्करी के लिए बदनाम है। इस गांव में पिछले पांच सालों में नशे के प्रभाव के कारण 15 से ज्यादा नौजवान युवक मौत का शिकार हो चुके हैं। वहीं इस गांव में कई लोगों पर स्मैक तस्करी के केस दर्ज हैं। अब हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा मिलने पर लोगों को हैरानी हो रही है। पंजाब बॉर्डर से यह मुश्किल से तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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एसपी मकसूद अहमद से सीधी बातचीत
सवाल : डीआरआई की टीम ने सीधा खरकां में छापा मारा। फिर टीम ने 112 पर कॉल की। क्या कैथल पुलिस को पहले सूचित नहीं किया गया?
एसपी : डीआरआई की टीम पहले सीधा जाकर कार्रवाई करती है। इसके बाद स्थानीय पुलिस को बताती है।
सवाल : डीआरआई ने इतनी बड़ी खेप बरामद की है। क्या स्थानीय पुलिस के पास इस तरह का कोई इनपुट नहीं था?
एसपी : नहीं, इस मामले में स्थानीय पुलिस के पास कोई इनपुट नहीं था।
सवाल : गांव खरकां में इतनी बड़ी खेप के मिलने को आप कितना गंभीर मानते हैं?
एसपी : निश्चित तौर पर यह गंभीर मसला है। बीच-बीच में खरकां के संबंध में सूचनाएं आती रहती हैं। सख्त कार्रवाई भी की जाती है। गांव में जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में खेप बरामद होना वास्तव में चिंताजनक है।
सवाल : गुहला-चीका में पंजाब बॉर्डर एरिया में इस तरह की चीजें सामने आती हैं। भविष्य में नशे को रोकने के लिए क्या ज्यादा सख्ती की जरूरत है?
एसपी : स्टेट बॉर्डर एरिया में स्थित पुलिस चौकी रामथली, चौकी महमूद, गुहला थाना एरिया है या बॉर्डर का अन्य एरिया, यह काफी संवेदनशील है। यहां पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई की जाती है। आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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इसके बाद बलविंद्र उर्फ काला के घर पर पहले तलाशी में टीम को कुछ नहीं मिल पाया। जब स्थानीय पुलिस का उसे सहयोग मिला तो घर में रखी एक पेटी से 12 पैकेट बरामद किए। इनमें प्रत्येक का वजन आधा किलो था। साथ ही टीम ने 32 लाख 83 हजार रुपये भी बरामद किए। बाद में एनसीबी की टीम ने इसके हेरोइन की पुष्टि की।
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नशीले पदार्थों के लिए बदनाम है खरकां
हरियाणा में कैथल जिले का गांव खरकां स्मैक व चिट्टे की तस्करी के लिए बदनाम है। इस गांव में पिछले पांच सालों में नशे के प्रभाव के कारण 15 से ज्यादा नौजवान युवक मौत का शिकार हो चुके हैं। वहीं इस गांव में कई लोगों पर स्मैक तस्करी के केस दर्ज हैं। अब हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा मिलने पर लोगों को हैरानी हो रही है। पंजाब बॉर्डर से यह मुश्किल से तीन से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
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एसपी मकसूद अहमद से सीधी बातचीत
सवाल : डीआरआई की टीम ने सीधा खरकां में छापा मारा। फिर टीम ने 112 पर कॉल की। क्या कैथल पुलिस को पहले सूचित नहीं किया गया?
एसपी : डीआरआई की टीम पहले सीधा जाकर कार्रवाई करती है। इसके बाद स्थानीय पुलिस को बताती है।
सवाल : डीआरआई ने इतनी बड़ी खेप बरामद की है। क्या स्थानीय पुलिस के पास इस तरह का कोई इनपुट नहीं था?
एसपी : नहीं, इस मामले में स्थानीय पुलिस के पास कोई इनपुट नहीं था।
सवाल : गांव खरकां में इतनी बड़ी खेप के मिलने को आप कितना गंभीर मानते हैं?
एसपी : निश्चित तौर पर यह गंभीर मसला है। बीच-बीच में खरकां के संबंध में सूचनाएं आती रहती हैं। सख्त कार्रवाई भी की जाती है। गांव में जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में खेप बरामद होना वास्तव में चिंताजनक है।
सवाल : गुहला-चीका में पंजाब बॉर्डर एरिया में इस तरह की चीजें सामने आती हैं। भविष्य में नशे को रोकने के लिए क्या ज्यादा सख्ती की जरूरत है?
एसपी : स्टेट बॉर्डर एरिया में स्थित पुलिस चौकी रामथली, चौकी महमूद, गुहला थाना एरिया है या बॉर्डर का अन्य एरिया, यह काफी संवेदनशील है। यहां पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए कार्रवाई की जाती है। आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।