{"_id":"68cdb8a7c9ed064f660b8534","slug":"its-not-a-natural-flood-its-a-conspiracy-by-the-bjp-government-deependra-kaithal-news-c-245-1-kht1004-138093-2025-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुदरती बाढ़ नहीं, भाजपा सरकार की साजिश : दीपेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुदरती बाढ़ नहीं, भाजपा सरकार की साजिश : दीपेंद्र
Sat, 20 Sep 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 20 Sep 2025 01:40 AM IST
विज्ञापन
8 गुहला चीका में रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा बातचीत करते हुए संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। हरियाणा में इस बार आई बाढ़ केवल कुदरती नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की सोची-समझी साजिश का परिणाम है। यह कहना है कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा का, जिन्होंने वीरवार को गुहला क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा किया। दौरे के बाद उन्होंने अग्रवाल धर्मशाला, चीका में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर लोगों की दुर्दशा बढ़ा रही है।
हुड्डा ने बताया कि गुहला क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बताया कि बाढ़ के बाद सरकार या स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध तक नहीं ली। न तो फसलों का नुकसान दर्ज कराया गया और न ही अधिकारी गांवों में जाकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। सांसद हुड्डा ने कहा कि वह किसानों की मांगों को संसद में उठाएंगे और गुहला क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी हल की सरकार से मांग करेंगे।
सांसद ने बताया कि घग्गर नदी पर बने हांसी-बुटाना नहर के साइफन में फंसी गाद के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुकता है, जिससे बाढ़ आती है। स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में इस नहर में पानी नहीं आया। सांसद ने कहा कि इस नहर की सफाई नहीं कराने और बाढ़ को रोकने में सरकार की लापरवाही ही जिम्मेदार है।
विज्ञापन
हुड्डा ने यह भी बताया कि कांग्रेस सरकार ने 2010 की बाढ़ में किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये मुआवजा दिया था, जबकि पंजाब में 5 हजार रुपये ही दिए गए थे। आज 15 साल बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मुआवजा घटाकर 7 हजार रुपये कर दिया है, जबकि पंजाब में प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार मुआवजा देने में पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रही है।
जब उन्हें 2005 की बाढ़ के दौरान किसानों को मात्र 2-2 रुपये मुआवजा दिए जाने के बारे में पूछा गया, तो हुड्डा थोड़े असमंजस में दिखे, लेकिन तुरंत कहा कि किसी सरकार ने ऐसा नहीं किया होगा, बल्कि मुआवजा का निर्धारण हिस्सेदारी के अनुसार होता है।
कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और इस मामले पर हाईकमान जल्द फैसला लेगा। साथ आए हिसार के सांसद जयप्रकाश, विधायक देवेन्द्र हंस, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, और अन्य नेता भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे।
हुड्डा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि हांसी-बुटाना नहर में पानी लाने में गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने तत्कालीन पंजाब सरकार के साथ मिलकर हाईकोर्ट से स्टे लिया था, जिसके कारण नहर में आज तक पानी नहीं आ पाया।
उन्होंने कहा कि किसानों ने जो मांगें रखीं, उन्हें वह संसद में उठाएंगे और गुहला क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए सरकार से मांग करेंगे। हुड्डा ने बताया कि घग्गर नदी के ऊपर बनी हांसी-बुटाना नहर का साइफन पिछले 20 सालों से गाद से भरा होने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रोक रहा है, जो बाढ़ का मुख्य कारण बन रहा है।
कांग्रेस में गुटबाजी दिखी
सांसद हुड्डा के दौरे के दौरान कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी साफ दिखाई दी। जिला प्रधान रामचंद्र गुज्जर और पूर्व विधायक दिल्लू राम मौजूद नहीं थे। हुड्डा ने कहा कि भाजपा में गुटबाजी ज्यादा है, यही कारण है कि पार्टी पिछले एक साल से राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।
विज्ञापन
गुहला चीका। हरियाणा में इस बार आई बाढ़ केवल कुदरती नहीं, बल्कि भाजपा सरकार की सोची-समझी साजिश का परिणाम है। यह कहना है कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा का, जिन्होंने वीरवार को गुहला क्षेत्र के बाढ़ ग्रस्त गांवों का दौरा किया। दौरे के बाद उन्होंने अग्रवाल धर्मशाला, चीका में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रदेश सरकार जानबूझकर लोगों की दुर्दशा बढ़ा रही है।
हुड्डा ने बताया कि गुहला क्षेत्र के लोगों ने उन्हें बताया कि बाढ़ के बाद सरकार या स्थानीय प्रशासन ने उनकी सुध तक नहीं ली। न तो फसलों का नुकसान दर्ज कराया गया और न ही अधिकारी गांवों में जाकर नुकसान का आंकलन कर रहे हैं। सांसद हुड्डा ने कहा कि वह किसानों की मांगों को संसद में उठाएंगे और गुहला क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी हल की सरकार से मांग करेंगे।
विज्ञापन
सांसद ने बताया कि घग्गर नदी पर बने हांसी-बुटाना नहर के साइफन में फंसी गाद के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रुकता है, जिससे बाढ़ आती है। स्थानीय पत्रकारों ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में इस नहर में पानी नहीं आया। सांसद ने कहा कि इस नहर की सफाई नहीं कराने और बाढ़ को रोकने में सरकार की लापरवाही ही जिम्मेदार है।
विज्ञापन
हुड्डा ने यह भी बताया कि कांग्रेस सरकार ने 2010 की बाढ़ में किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपये मुआवजा दिया था, जबकि पंजाब में 5 हजार रुपये ही दिए गए थे। आज 15 साल बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मुआवजा घटाकर 7 हजार रुपये कर दिया है, जबकि पंजाब में प्रति एकड़ 20 हजार रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार मुआवजा देने में पूरी तरह फिसड्डी साबित हो रही है।
जब उन्हें 2005 की बाढ़ के दौरान किसानों को मात्र 2-2 रुपये मुआवजा दिए जाने के बारे में पूछा गया, तो हुड्डा थोड़े असमंजस में दिखे, लेकिन तुरंत कहा कि किसी सरकार ने ऐसा नहीं किया होगा, बल्कि मुआवजा का निर्धारण हिस्सेदारी के अनुसार होता है।
कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर हुड्डा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह से एकजुट है और इस मामले पर हाईकमान जल्द फैसला लेगा। साथ आए हिसार के सांसद जयप्रकाश, विधायक देवेन्द्र हंस, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, और अन्य नेता भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे थे।
हुड्डा ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि हांसी-बुटाना नहर में पानी लाने में गंभीर नहीं है। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने तत्कालीन पंजाब सरकार के साथ मिलकर हाईकोर्ट से स्टे लिया था, जिसके कारण नहर में आज तक पानी नहीं आ पाया।
उन्होंने कहा कि किसानों ने जो मांगें रखीं, उन्हें वह संसद में उठाएंगे और गुहला क्षेत्र में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए सरकार से मांग करेंगे। हुड्डा ने बताया कि घग्गर नदी के ऊपर बनी हांसी-बुटाना नहर का साइफन पिछले 20 सालों से गाद से भरा होने के कारण पानी का प्राकृतिक बहाव रोक रहा है, जो बाढ़ का मुख्य कारण बन रहा है।
कांग्रेस में गुटबाजी दिखी
सांसद हुड्डा के दौरे के दौरान कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी साफ दिखाई दी। जिला प्रधान रामचंद्र गुज्जर और पूर्व विधायक दिल्लू राम मौजूद नहीं थे। हुड्डा ने कहा कि भाजपा में गुटबाजी ज्यादा है, यही कारण है कि पार्टी पिछले एक साल से राष्ट्रीय और प्रदेश अध्यक्ष नहीं चुन पाई है।