{"_id":"668893e122f1324af60274b9","slug":"how-will-players-hone-their-talent-in-the-poor-condition-of-titaram-maidan-kaithal-news-c-18-1-knl1004-424778-2024-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: तितरम मैदान की बदहाली में कैसे प्रतिभा निखारेंगे खिलाड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: तितरम मैदान की बदहाली में कैसे प्रतिभा निखारेंगे खिलाड़ी
Sat, 06 Jul 2024 06:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 06 Jul 2024 06:16 AM IST
विज्ञापन
राजिंद्र तंवर
कैथल। एक खिलाड़ी को खेलने के लिए सबसे पहले एक बढि़या मैदान की आवश्यता होती है। यदि मैदान ही बदहाल होगा तो कैसे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा निखारेंगे। क्योंकि गांव तितरम का खेल स्टेडियम कई वर्षों से दयनीय हालात में हैं।
गौरतलब है कि इस स्टेडियम में कईं वर्षों से न तो चार दीवारी है और ना कहीं लाइट की व्यवस्था है। मैदान के चारों ओर घास व झाडि़यां उगी है। कहीं ट्रैक टूटा तो कहीं क्रिकेट के मैदान में पानी है भरा है, लेकिन पीने के लिए पानी तक नहीं है व न ही कोई महिला व पुरुष खिलाड़ियों के लिए शौचालय है। चारदीवारी न होने के कारण पास ही वॉलीवाल के मैदान के आस पास अक्सर गोवंश चरते रहते हैं। इस स्टेडियम में महिला खिलाड़ियों के लिए भी कोई चेंजिंग कक्ष तक नही है। ऐसे में बेटियों को बहुत कठिनाइयो का सामना करना पड़ता है। लेकिन प्रशासन कब जागेगा।
कोच रामनिवास ने बताया कि वह तितरम के स्टेडियम में कईं वर्षों से यहां खिलाडिय़ों अभ्यास करवाते हैं। इसमें सुबह शाम विभिन्न खेलों के खिलाड़ी जैसे क्रिकेट, एथलेटिक्स, वालीवॉल व अन्य खेलों के लगभग 100 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं।जिसमे लगभग 20 लड़कियां हैं व बाकी लड़के हैं। इस पड़े मैदान पर तमाम खिलाड़ी सुबह शाम कठिन अभ्यास करते हैं।
विज्ञापन
इस स्टेडियम मे कईं खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर खेलों में भाग ले चुके हैं। कुछ खिलाड़ी खेल के दम पर सरकारी नौकरी भी पा चुके हैं। कोच राम निवास ने बताया की गांव तितरम का अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर संदीप कुंडू ने हॉल ही में एपीएल अपोलो व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में श्रीलंका को हराकर टॉफी जीत कर व चार रिकार्ड भी अपने नाम किए व खेल जगत में भारत देश का भी नाम चमकाया है। ऐसी प्रतिभा का धनी है हमारा खिलाड़ी संदीप कुंडू। जो की अन्य खिलाडिय़ों सहित आगामी प्रतियोगिता के लिए इसी टूटे मैदान पर सुबह शाम अभ्यास करता है।
अब बारिश कें कारण कुछ दिनों से क्रिकेट के मैदान में पानी हुआ हें जिसके कारण वह घास फूस व टूटे ट्रैक पर खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करता हैं
इसके अलावा हमारे अन्य खिलाड़ियों को भी भारी समस्याओं को समान करना पड़ रहा है। इस स्टेडियम में सुविधाओंं को लेकर हम सभी पूर्व राज्यमंत्री कमलेश से मिले थे और उनके समक्ष मैदान की अनेंको समस्याएं रखी। जिसपर कुछ महिनों पर पहले चार दिवारी लगाने को कार्य शुरू भी किया गया था। कुछ दिनों बाद काम बंद होने के कारण अभी तक अधूरी पड़ी है। संवाद
खिलाड़ियों की उपलब्धि
तितरम के अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर संदीप कुंडू ने बताया कि वह इंडियन क्रिकेट व्हीलचेयर टीम को खिलाड़ी है। यह मैदान हमें गांव के सरपंच बीरा सरपंच ने हमें खेलने के लिए दिया था। अब हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या मैदान की हैं। क्योंकि बारिश के कारण मैदान में पानी भर गया है ओर आगे अभी ओर बारिश लगातार होगी ऐसे में गीले मैदान में कैसे अभ्यास कर पाएगा।
वॉलीबल के खिलाड़ी कृष्ण ने बताया कि सुबह शाम खेल का अभ्यास करता है यहां पर मैदान में अनेंको समस्याएं है चारो ओर पानी ही पानी है ओर न ही मैदान की कोई चार दीवारी है। ना यहां लाइट है यहां चारोतरफ घासफूस व झाडिय़ां उगी है। जिसके कारण प्रतिभा पर भी असर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन से अपील है गांव तितरम के स्टेडियम की ओर ध्यान दें ओर इसका सुधार करवाए।
खिलाड़ी संदीप ने बताया कि वह वॉलीबल का खिलाड़ी है। यहां मैदान में अनेकोंं समस्याएं है। जैसे अब बारिश का मौसम व ओर चाराओ घासफूव झाडिय़ां उगी है। प्रशासन से अपील है गांव तितरम के स्टेडियम की ओर ध्यान दें ओर इसका सुधार करवाए।
खुशी ने बताया कि वह एथ्लेटिक्स कबड्डी की खिलाड़ी है। यहां पर महिाला खिलाडिय़ों के लिए भी अनेंक समस्याएं हैं, इसमें मैदान के ट्रैक पर बहुत गढ्ढे हैं न तो यहां पीने को पानी है आरे न ही कोई शौचालय है।
विज्ञापन
कैथल। एक खिलाड़ी को खेलने के लिए सबसे पहले एक बढि़या मैदान की आवश्यता होती है। यदि मैदान ही बदहाल होगा तो कैसे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा निखारेंगे। क्योंकि गांव तितरम का खेल स्टेडियम कई वर्षों से दयनीय हालात में हैं।
गौरतलब है कि इस स्टेडियम में कईं वर्षों से न तो चार दीवारी है और ना कहीं लाइट की व्यवस्था है। मैदान के चारों ओर घास व झाडि़यां उगी है। कहीं ट्रैक टूटा तो कहीं क्रिकेट के मैदान में पानी है भरा है, लेकिन पीने के लिए पानी तक नहीं है व न ही कोई महिला व पुरुष खिलाड़ियों के लिए शौचालय है। चारदीवारी न होने के कारण पास ही वॉलीवाल के मैदान के आस पास अक्सर गोवंश चरते रहते हैं। इस स्टेडियम में महिला खिलाड़ियों के लिए भी कोई चेंजिंग कक्ष तक नही है। ऐसे में बेटियों को बहुत कठिनाइयो का सामना करना पड़ता है। लेकिन प्रशासन कब जागेगा।
विज्ञापन
कोच रामनिवास ने बताया कि वह तितरम के स्टेडियम में कईं वर्षों से यहां खिलाडिय़ों अभ्यास करवाते हैं। इसमें सुबह शाम विभिन्न खेलों के खिलाड़ी जैसे क्रिकेट, एथलेटिक्स, वालीवॉल व अन्य खेलों के लगभग 100 खिलाड़ी अभ्यास के लिए आते हैं।जिसमे लगभग 20 लड़कियां हैं व बाकी लड़के हैं। इस पड़े मैदान पर तमाम खिलाड़ी सुबह शाम कठिन अभ्यास करते हैं।
विज्ञापन
इस स्टेडियम मे कईं खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर खेलों में भाग ले चुके हैं। कुछ खिलाड़ी खेल के दम पर सरकारी नौकरी भी पा चुके हैं। कोच राम निवास ने बताया की गांव तितरम का अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर संदीप कुंडू ने हॉल ही में एपीएल अपोलो व्हीलचेयर क्रिकेट प्रतियोगिता में श्रीलंका को हराकर टॉफी जीत कर व चार रिकार्ड भी अपने नाम किए व खेल जगत में भारत देश का भी नाम चमकाया है। ऐसी प्रतिभा का धनी है हमारा खिलाड़ी संदीप कुंडू। जो की अन्य खिलाडिय़ों सहित आगामी प्रतियोगिता के लिए इसी टूटे मैदान पर सुबह शाम अभ्यास करता है।
अब बारिश कें कारण कुछ दिनों से क्रिकेट के मैदान में पानी हुआ हें जिसके कारण वह घास फूस व टूटे ट्रैक पर खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करता हैं
इसके अलावा हमारे अन्य खिलाड़ियों को भी भारी समस्याओं को समान करना पड़ रहा है। इस स्टेडियम में सुविधाओंं को लेकर हम सभी पूर्व राज्यमंत्री कमलेश से मिले थे और उनके समक्ष मैदान की अनेंको समस्याएं रखी। जिसपर कुछ महिनों पर पहले चार दिवारी लगाने को कार्य शुरू भी किया गया था। कुछ दिनों बाद काम बंद होने के कारण अभी तक अधूरी पड़ी है। संवाद
खिलाड़ियों की उपलब्धि
तितरम के अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेटर संदीप कुंडू ने बताया कि वह इंडियन क्रिकेट व्हीलचेयर टीम को खिलाड़ी है। यह मैदान हमें गांव के सरपंच बीरा सरपंच ने हमें खेलने के लिए दिया था। अब हमारे लिए सबसे बड़ी समस्या मैदान की हैं। क्योंकि बारिश के कारण मैदान में पानी भर गया है ओर आगे अभी ओर बारिश लगातार होगी ऐसे में गीले मैदान में कैसे अभ्यास कर पाएगा।
वॉलीबल के खिलाड़ी कृष्ण ने बताया कि सुबह शाम खेल का अभ्यास करता है यहां पर मैदान में अनेंको समस्याएं है चारो ओर पानी ही पानी है ओर न ही मैदान की कोई चार दीवारी है। ना यहां लाइट है यहां चारोतरफ घासफूस व झाडिय़ां उगी है। जिसके कारण प्रतिभा पर भी असर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन से अपील है गांव तितरम के स्टेडियम की ओर ध्यान दें ओर इसका सुधार करवाए।
खिलाड़ी संदीप ने बताया कि वह वॉलीबल का खिलाड़ी है। यहां मैदान में अनेकोंं समस्याएं है। जैसे अब बारिश का मौसम व ओर चाराओ घासफूव झाडिय़ां उगी है। प्रशासन से अपील है गांव तितरम के स्टेडियम की ओर ध्यान दें ओर इसका सुधार करवाए।
खुशी ने बताया कि वह एथ्लेटिक्स कबड्डी की खिलाड़ी है। यहां पर महिाला खिलाडिय़ों के लिए भी अनेंक समस्याएं हैं, इसमें मैदान के ट्रैक पर बहुत गढ्ढे हैं न तो यहां पीने को पानी है आरे न ही कोई शौचालय है।