{"_id":"67d5d2cd0c8102429d0e25ea","slug":"holi-celebrated-with-enthusiasm-in-pundri-lots-of-colors-were-thrown-kaithal-news-c-18-1-knl1004-602628-2025-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पूंडरी में उत्साह से मनाई होली, खूब उड़ाया रंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पूंडरी में उत्साह से मनाई होली, खूब उड़ाया रंग
Sun, 16 Mar 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 16 Mar 2025 12:49 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। कस्बे में इस बार सप्ताह में रंगों का पर्व होली का त्योहार दो बार मनाया गया। गत 12 मार्च को पूंडरी नगरपालिका के अध्यक्ष पद व पार्षदों के नतीजे घोषित होते ही विजयी अध्यक्ष व पार्षदों के समर्थकों ने पूंडरी की सड़कों पर ढोल की थाप पर जमकर गुलाल उड़ाया था। इसके बाद होली पर फिर से अबीर-गुलाल चला।
चुनाव हार गए अध्यक्ष पद व पार्षदों के समर्थकों ने ठीक दो दिन बाद हार के गम को भुला कर आपसी सौहार्द के साथ जमकर होली पर्व को मनाया। हलका विधायक सतपाल जांबा, सतबीर भाणा व नव निर्वाचित अध्यक्ष बबली गोस्वामी ने होली पर्व को मनाया। पूंडरी में होली का पर्व इस बार सिर्फ रंगों की बौछार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और भाईचारे की अनूठी मिसाल भी बना।
सुबह की पहली किरण के साथ ही गलियां गुलाल से सजीं, और पूरे नगर में उत्साह की लहर दौड़ गई। इस वर्ष की होली में पारंपरिक लोकगीतों और नृत्य ने लोगों को खासा आकर्षित किया। नगर के चौपालों पर ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजी, और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने पारंपरिक हरियाणवी लोकनृत्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने फूलों की होली खेली, जिससे पूरा वातावरण रंगीन हो उठा।
विज्ञापन
मिठाइयों से महका हर आंगन ः होली पर घर-घर में खास पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। गुजिया, मालपुए और बेसन के लड्डू की खुशबू से हर आंगन महक उठा। ठंडाई और कांजी जैसे पेय भी पसंद बने रहे।
प्रशासन ने इस बार खास इंतजाम किए, जिससे होली का उत्सव पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाया गया। मुख्य चौक-चौराहों पर थाना प्रभारी रमेश कुमार व चौकी प्रभारी राजेंद्र राणा के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती रही, और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के तत्परता दिखाई।
इस होली पर लोगों ने जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को गले लगाया और प्रेम व एकता का संदेश दिया। मंदिरों और गुरुद्वारों में विशेष भजन-कीर्तन हुए, जिससे त्योहार का धार्मिक और आध्यात्मिक स्वरूप और भी निखर उठा।
रंग खेलने के बाद भी लोगों का जोश कम नहीं हुआ। शाम को होली मिलन समारोहों का आयोजन हुआ, जहां हंसी-मजाक संग एक-दूसरे के रंग में रंगते रहे। पूंडरी के गांवों में भी देर रात लोग होली खेलते दिखे।
विज्ञापन
पूंडरी। कस्बे में इस बार सप्ताह में रंगों का पर्व होली का त्योहार दो बार मनाया गया। गत 12 मार्च को पूंडरी नगरपालिका के अध्यक्ष पद व पार्षदों के नतीजे घोषित होते ही विजयी अध्यक्ष व पार्षदों के समर्थकों ने पूंडरी की सड़कों पर ढोल की थाप पर जमकर गुलाल उड़ाया था। इसके बाद होली पर फिर से अबीर-गुलाल चला।
चुनाव हार गए अध्यक्ष पद व पार्षदों के समर्थकों ने ठीक दो दिन बाद हार के गम को भुला कर आपसी सौहार्द के साथ जमकर होली पर्व को मनाया। हलका विधायक सतपाल जांबा, सतबीर भाणा व नव निर्वाचित अध्यक्ष बबली गोस्वामी ने होली पर्व को मनाया। पूंडरी में होली का पर्व इस बार सिर्फ रंगों की बौछार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और भाईचारे की अनूठी मिसाल भी बना।
विज्ञापन
सुबह की पहली किरण के साथ ही गलियां गुलाल से सजीं, और पूरे नगर में उत्साह की लहर दौड़ गई। इस वर्ष की होली में पारंपरिक लोकगीतों और नृत्य ने लोगों को खासा आकर्षित किया। नगर के चौपालों पर ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजी, और युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने पारंपरिक हरियाणवी लोकनृत्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने फूलों की होली खेली, जिससे पूरा वातावरण रंगीन हो उठा।
विज्ञापन
मिठाइयों से महका हर आंगन ः होली पर घर-घर में खास पारंपरिक व्यंजन बनाए गए। गुजिया, मालपुए और बेसन के लड्डू की खुशबू से हर आंगन महक उठा। ठंडाई और कांजी जैसे पेय भी पसंद बने रहे।
प्रशासन ने इस बार खास इंतजाम किए, जिससे होली का उत्सव पूरी शालीनता और सौहार्द के साथ मनाया गया। मुख्य चौक-चौराहों पर थाना प्रभारी रमेश कुमार व चौकी प्रभारी राजेंद्र राणा के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती रही, और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के तत्परता दिखाई।
इस होली पर लोगों ने जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को गले लगाया और प्रेम व एकता का संदेश दिया। मंदिरों और गुरुद्वारों में विशेष भजन-कीर्तन हुए, जिससे त्योहार का धार्मिक और आध्यात्मिक स्वरूप और भी निखर उठा।
रंग खेलने के बाद भी लोगों का जोश कम नहीं हुआ। शाम को होली मिलन समारोहों का आयोजन हुआ, जहां हंसी-मजाक संग एक-दूसरे के रंग में रंगते रहे। पूंडरी के गांवों में भी देर रात लोग होली खेलते दिखे।