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ऐतिहासिक तीर्थों का होगा जीर्णोद्धार
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06-कैथल। हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मिलते हुए कैथल के विधायक लीलाराम व अन्य।
- फोटो : Kaithal
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कैथल। जिले के ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के 51 तीर्थों के दिन बहुरेंगे। विधायक लीला राम की मांग पर राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय ने केडीबी के अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
विधायक लीला राम ने बताया कि कैथल ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व की नगरी है। यहां न केवल शहर बल्कि गांवों में भी महाभारत एवं रामायण काल के कई तीर्थ हैं। इनका जीर्णोद्धार होने से कैथल का विकास तेज होगा। चंडीगढ़ में स्थित राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय से उनके कार्यालय में बुधवार को उन्होंने मुलाकात कर इन स्थलों के जीर्णोद्धार की मांग की। उन्होंने राज्यपाल को इन तीर्थों की जानकारी दी। बताया कि कैथल शहर में स्थित श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, नवगृह कुंड, वृद्धकेदार, हनुमान मंदिर, क्योडक़का कोटेश्वर तीर्थ, बरोट का बिंदूसार तीर्थ, कुलतारण का कुलोत्तारण तीर्थ आदि के जीर्णोद्धार की मांग उठाई। विधायक ने बताया कि उनकी बात से राज्यपाल भी सहमत दिखे।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही कुलोत्तारण तीर्थ हो या अन्य तीर्थ, उनके संबंध में केडीबी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि जल्द ही इन तीर्थों के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भी इस दिशा में विशेष रुचि है। वे ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के तीर्थों का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने क्योडक़ के कोटीकूट तीर्थ का जीर्णोद्धार करवाया है। इस अवसर पर उनके साथ नरेश मित्तल भी मौजूद थे।
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विधायक लीला राम ने बताया कि कैथल ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व की नगरी है। यहां न केवल शहर बल्कि गांवों में भी महाभारत एवं रामायण काल के कई तीर्थ हैं। इनका जीर्णोद्धार होने से कैथल का विकास तेज होगा। चंडीगढ़ में स्थित राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय से उनके कार्यालय में बुधवार को उन्होंने मुलाकात कर इन स्थलों के जीर्णोद्धार की मांग की। उन्होंने राज्यपाल को इन तीर्थों की जानकारी दी। बताया कि कैथल शहर में स्थित श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, नवगृह कुंड, वृद्धकेदार, हनुमान मंदिर, क्योडक़का कोटेश्वर तीर्थ, बरोट का बिंदूसार तीर्थ, कुलतारण का कुलोत्तारण तीर्थ आदि के जीर्णोद्धार की मांग उठाई। विधायक ने बताया कि उनकी बात से राज्यपाल भी सहमत दिखे।
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उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही कुलोत्तारण तीर्थ हो या अन्य तीर्थ, उनके संबंध में केडीबी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि जल्द ही इन तीर्थों के जीर्णोद्धार का काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की भी इस दिशा में विशेष रुचि है। वे ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के तीर्थों का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने क्योडक़ के कोटीकूट तीर्थ का जीर्णोद्धार करवाया है। इस अवसर पर उनके साथ नरेश मित्तल भी मौजूद थे।
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