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हरियाणा कमेटी करेगी एचएसजीपीसी एक्ट में संशोधन की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 23 Sep 2022 01:33 AM IST
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Haryana committee will demand amendment in HSGPC Act
05-कैथल। पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलजीत सिंह दादूवाल व अन्य - फोटो : Kaithal
कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने एसजीपीसी व एचएसजीएमसी के बीच विवादों को दूर करने के लिए नई पहल की है। उन्होंने घोषणा की है कि वे सरकार से मांग करेंगे कि हरियाणा गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट में एक संशोधन किया जाए। जिसके तहत एसजीपीसी के दो सदस्यों को हरियाणा कमेटी में शामिल किया जाए। इसी प्रकार से हरियाणा कमेटी के दो सदस्यों को एसजीपीसी में शामिल किया जाए। जिस तरह से दिल्ली में यह व्यवस्था है। इससे आपसी भाईचारा व एक दूसरे से जुड़ाव रहेगा।
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कैथल में दो गुरुद्वारों की सांकेतिक रूप से सेवा संभाल करने पहुंचे हरियाणा कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि एक्ट के मुताबिक हरियाणा कमेटी अब अपने गुरुद्वारों की देखभाल करने में सक्षम है। इसके तहत एसजीपीसी से अपील की गई है कि वह स्वयं ये गुरुद्वारा हरियाणा कमेटी को सौंप दे। उन्होंने कहा कि दिल्ली कमेटी में प्रावधान है कि दो सदस्य एसजीपीसी के लिए जाते हैं। इसीलिए वे हरियाणा सरकार से मांग करेंगे कि हरियाणा गुरुद्वारा मैनेजमेंट एक्ट में एक संशोधन किया जाए। जिसके तहत हरियाणा कमेटी में दो सदस्य एसजीपीसी के शामिल किए जाएं। इसी प्रकार से एसजीपीसी से भी अपील करते हैं कि एसजीपीसी में दो सदस्य हरियाणा के शामिल किए जाएं। उन्होंने कहा कि हमारा गुरु एक है। सिद्धांत एक है। इसीलिए आपसी भेदभाव दूर करते हुए धर्म के लिए सभी मिलकर काम करें। समाज को आगे ले जाएं।
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चुनाव करवाना सरकार का काम
दादूवाल ने कहा कि एक्ट के तहत एडहॉक कमेटी को 18 माह के लिए गठित किया गया था। इसके बाद ये यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। हर पांच साल में कमेटी के चुनाव होने थे। लेकिन आठ साल कानूनी विवाद में निकल गए। वर्ष 2020 तक जगदीश सिंह झींडा जी इस कमेटी के अध्यक्ष रहे। इसके बाद वे पहले मनोनीत व बाद में चुनाव से अध्यक्ष बने हैं। अब सरकार की मर्जी है कि इसी कमेटी को आगे जारी रखे या फिर नए सिरे से चुनाव करवाए। इसके लिए वार्डबंदी की जाएगी। फिर अमृतधारी सिखों की वोट बनाई जाएगी। इसके बाद चुनाव सरकार के अनुसार हो सकता है।
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पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा के साथ मतभेद को लेकर उन्होंने कहा कि यह सभी अफवाहें हैं। नेतृत्व को लेकर कोई विवाद नहीं है। सभी ने कुरुक्षेत्र स्थित गुरुद्वारे में बैठक सर्वसम्मति से बिना किसी टकराव के हरियाणा के गुरुद्वारों की सेवा संभाल लेने का फैसला लिया है। दादूवाल ने कहा कि एसजीपीसी ने हरियाणा के गुरुद्वारों की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। सही कारण है कि कैथल में गुरु तेग बहादुर सेवा दल स्वयं करोड़ों रुपये खर्च कर गुरुद्वारे की भव्य भवन बना रहा है। जिसके लिए यह संस्था बधाई की पात्र है।
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