फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Government is trying to close the mandis

मंडियों को बंद करने की चालें चल रही सरकार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 May 2022 12:48 AM IST
विज्ञापन
Government is trying to close the mandis
44-गुहला चीका। गांव टटियाणा में किसानो से बातचीत करते हुए सरदार गुरनाम सिंह चढुनी। - फोटो : Kaithal
गुहला-चीका । भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख गुरनाम सिंह चढ़ूनी बुधवार को गांव टटियाना के गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे। यहां किसान बैठक में उन्होंने कहा कि किसानों के दबाव में बेशक केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है लेकिन अभी सरकार की कथनी और करनी में फर्क दिख रहा है।
विज्ञापन

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार मंडियों को बंद करने की चालें अभी भी चल रही है। इससे किसानों को सचेत रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि गेहूं के वर्तमान सीजन में भी फसल को जिस तरीके से अडानी के ढांड स्थित साइलो में भिजवाया है। उससे साफ है कि सरकार आने वाले दिनों में फिर कोई किसान विरोधी फैसला ले सकती है। चढ़ूनी ने संगठन की एकता पर बल दिया और कहा कि किसी भी संगठन का बल उसके कार्यकर्ता होते हैं और उन्हें खुशी है प्रदेश में सबसे मजबूत संगठन भाकियू का ही है।
विज्ञापन

बैठक की अध्यक्षता प्रधान चमकौर सिंह बनेड़ा ने की। बैठक के दौरान किसान यूनियन की एक स्थानीय कमेटी का गठन भी किया गया। इस अवसर पर हरियाणा उपाध्यक्ष होशियार सिंह गिल, सुभाष भागल, जिला उपाध्यक्ष केवल सिंह सदरहेडी, जरनैल सिंह जैली, हलका अध्यक्ष जसपाल सिंह पाली टटियना, युवा जिला प्रभारी लखविंदर सिंह, हल्का उप प्रधान गुरबचन सिंह हरिगढ़ किंगन, एडवोकेट सुखचैन सिंह, संदीप पीडल, रत्ना भागल, सुभाष भागल, गुरजंट टटियाना, डॉ. अजमेर बलबेडा, तारा बलबेडा, हरदीप मस्तगढ़ भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed