{"_id":"637bec772443c6255f36c3d0","slug":"golden-ayushman-card-website-did-not-work-on-the-first-day-people-kept-wandering-kaithal-news-knl1282057109","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोल्डन आयुष्मान कार्ड : पहले दिन नहीं चली वेबसाइट, भटकते रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोल्डन आयुष्मान कार्ड : पहले दिन नहीं चली वेबसाइट, भटकते रहे लोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोल्डन आयुष्मान कार्ड योजना के शुरू होने के पहले ही दिन वेबसाइट नहीं चली, जिस कारण सामान्य अस्पताल में आयुष्मान कार्ड बनवाने पहुंचे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सोमवार को अस्पताल में एक तरफ तो शुभारंभ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ काउंटर पर लोगों की लंबी कतारें लगी थी।
वेबसाइट न चलने के कारण काउंटर पर जुटी भीड़ में शामिल कई लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए। इससे लोगों में काफी रोष भी रहा। लोगों का कहना था कि सरकार की तरफ से इस योजना को शुरू तो किया, लेकिन इसे धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है। वेबसाइट नहीं चलने के कारण दोपहर तक इंतजार करने के बाद लोग वापस लौटने के लिए मजबूर हुए।
सुबह दस बजे आ गया था, नहीं बना कार्ड
शहर निवासी वजीर सिंह ने कहा कि उन्हें उनके वार्ड के पार्षद ने सूची में नाम आने के बाद यहां पर कार्ड बनवाने के लिए भेजा था। इसलिए वह सुबह 10 बजे ही यहां पर पहुंचा था, यहां पर वेबसाइट नहीं तो कार्ड भी नहीं बनाया गया।
विज्ञापन
सूची में नाम है फिर भी कार्ड नहीं बनाया गया
अमरगढ़ गामड़ी निवासी कमल ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड की सूची में उनका नाम है, लेकिन सोमवार को अस्पताल में बनाए गए उनके काउंटर पर कार्ड नहीं बनाए गए।
बिना कार्ड के कैसे मिलेगा योजना का कार्ड
दिव्यांग अरुणा ने कहा कि सरकार के आदेशों के तहत दिव्यांगों को भी इस योजना में जोड़ा गया, लेकिन उसका आयुष्मान गोल्डन कार्ड नहीं बनाया गया है। ऐसे में उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला।
नौ बजे से आई हूं फिर कार्ड नहीं बना
पुराना बस स्टैंड निवासी मनजीत रानी ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे ही जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच गई थी। फिर भी कार्ड नहीं बन पाया।
पहले दिन योजना की शुरुआत के चलते वेबसाइट अधिक व्यस्त रही। इसलिए ही कुछ समय तक वेबसाइट बंद रही। दोपहर के बाद वेबसाइट चल गई थी, इसके बाद लाभार्थी लोगों ने अपने कार्ड बनवाएं।
सुशील कुमार, जिला प्रभारी अटल सेवा केंद्र
विज्ञापन
वेबसाइट न चलने के कारण काउंटर पर जुटी भीड़ में शामिल कई लोगों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड नहीं बन पाए। इससे लोगों में काफी रोष भी रहा। लोगों का कहना था कि सरकार की तरफ से इस योजना को शुरू तो किया, लेकिन इसे धरातल पर नहीं उतारा जा रहा है। वेबसाइट नहीं चलने के कारण दोपहर तक इंतजार करने के बाद लोग वापस लौटने के लिए मजबूर हुए।
विज्ञापन
सुबह दस बजे आ गया था, नहीं बना कार्ड
शहर निवासी वजीर सिंह ने कहा कि उन्हें उनके वार्ड के पार्षद ने सूची में नाम आने के बाद यहां पर कार्ड बनवाने के लिए भेजा था। इसलिए वह सुबह 10 बजे ही यहां पर पहुंचा था, यहां पर वेबसाइट नहीं तो कार्ड भी नहीं बनाया गया।
विज्ञापन
सूची में नाम है फिर भी कार्ड नहीं बनाया गया
अमरगढ़ गामड़ी निवासी कमल ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड की सूची में उनका नाम है, लेकिन सोमवार को अस्पताल में बनाए गए उनके काउंटर पर कार्ड नहीं बनाए गए।
बिना कार्ड के कैसे मिलेगा योजना का कार्ड
दिव्यांग अरुणा ने कहा कि सरकार के आदेशों के तहत दिव्यांगों को भी इस योजना में जोड़ा गया, लेकिन उसका आयुष्मान गोल्डन कार्ड नहीं बनाया गया है। ऐसे में उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला।
नौ बजे से आई हूं फिर कार्ड नहीं बना
पुराना बस स्टैंड निवासी मनजीत रानी ने बताया कि आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे ही जिला नागरिक अस्पताल में पहुंच गई थी। फिर भी कार्ड नहीं बन पाया।
पहले दिन योजना की शुरुआत के चलते वेबसाइट अधिक व्यस्त रही। इसलिए ही कुछ समय तक वेबसाइट बंद रही। दोपहर के बाद वेबसाइट चल गई थी, इसके बाद लाभार्थी लोगों ने अपने कार्ड बनवाएं।
सुशील कुमार, जिला प्रभारी अटल सेवा केंद्र