{"_id":"64b8457ddcbcc753a00368d9","slug":"give-basic-knowledge-to-out-of-school-children-kaithal-news-c-245-1-sknl1008-2077-2023-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को दें आधारभूत ज्ञान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: आउट ऑफ स्कूल बच्चों को दें आधारभूत ज्ञान
Thu, 20 Jul 2023 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 20 Jul 2023 01:50 AM IST
विज्ञापन
कैथल। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के तत्वाधान में तीन दिवसीय शिक्षा वॉलिंटियर के प्रशिक्षण का समापन हुआ। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष वर्मा ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्रतिभा में निखार आता है सीखने की कोई आयु सीमा नहीं होती। हमेशा सीखने के लिए जिज्ञासु बने रहने से ज्ञान में वृद्धि होती है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करना ही हमारा लक्ष्य है। जिला कैथल में जीरो ड्रॉपआउट प्राप्त करने के लिए सभी अध्यापकों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोई बच्चा किसी कारणवश विद्यालय छोड़कर जाए तो उसे दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि जिला कैथल में जीरो ड्रॉपआउट का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र आर्य ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए आश्वासन दिलाया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 329 बच्चों का लक्ष्य रखा गया है, जिसे वॉलिंटियर्स के सहयोग से पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वॉलिंटियर्स खुद के शिक्षण सहायक सामग्री बनाएं ताकि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा सिखाया जा सके। शिक्षा वॉलिंटियर की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बच्चों तक भी पहुंचना अति आवश्यक है।
विज्ञापन
एपीसी कुशल कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शनी में सभी शिक्षा वॉलिंटियर ने विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाए थे। जिसमें मुख्य रुप से वेस्ट से बेस्ट, गुलदस्ता बेस्ट पेपर, रिक्शा, तीलियों से सीनरी आइसक्रीम, स्टिक से वॉल हैंगिंग बहुआयामी बॉक्स, तराजू, कप प्लेट, प्रदूषण मुक्त मॉडल , फ्लावर पोट अबेकस मुख्य रूप से शामिल रहे। जिसमें सबसे अच्छे मॉडल अर्चना शर्मा और जसविंदर सिंह के रहे । इस अवसर पर उन्होंने हुमाना से आए हुए देवेंद्र शर्मा का भी इस प्रशिक्षण देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद किया। इस अवसर पर एपीसी मनोज पवार, दलबीर नैन, अध्यापक रचना नैन लक्ष्य शर्मा, मुकेश कुमारी, सुनील जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह अंकित महला, विनोद कुमार, ममता रानी व अर्चना शर्मा शामिल रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शिक्षा से वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करना ही हमारा लक्ष्य है। जिला कैथल में जीरो ड्रॉपआउट प्राप्त करने के लिए सभी अध्यापकों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी कोई बच्चा किसी कारणवश विद्यालय छोड़कर जाए तो उसे दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए, ताकि जिला कैथल में जीरो ड्रॉपआउट का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।
विज्ञापन
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र आर्य ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए आश्वासन दिलाया कि आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में शामिल कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 329 बच्चों का लक्ष्य रखा गया है, जिसे वॉलिंटियर्स के सहयोग से पूर्ण कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वॉलिंटियर्स खुद के शिक्षण सहायक सामग्री बनाएं ताकि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा सिखाया जा सके। शिक्षा वॉलिंटियर की प्रदर्शनी की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बच्चों तक भी पहुंचना अति आवश्यक है।
विज्ञापन
एपीसी कुशल कुमार ने बताया कि इस प्रदर्शनी में सभी शिक्षा वॉलिंटियर ने विभिन्न प्रकार के मॉडल बनाए थे। जिसमें मुख्य रुप से वेस्ट से बेस्ट, गुलदस्ता बेस्ट पेपर, रिक्शा, तीलियों से सीनरी आइसक्रीम, स्टिक से वॉल हैंगिंग बहुआयामी बॉक्स, तराजू, कप प्लेट, प्रदूषण मुक्त मॉडल , फ्लावर पोट अबेकस मुख्य रूप से शामिल रहे। जिसमें सबसे अच्छे मॉडल अर्चना शर्मा और जसविंदर सिंह के रहे । इस अवसर पर उन्होंने हुमाना से आए हुए देवेंद्र शर्मा का भी इस प्रशिक्षण देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद किया। इस अवसर पर एपीसी मनोज पवार, दलबीर नैन, अध्यापक रचना नैन लक्ष्य शर्मा, मुकेश कुमारी, सुनील जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह अंकित महला, विनोद कुमार, ममता रानी व अर्चना शर्मा शामिल रहे।