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Kaithal News: कई बार संकटदायिनी बन जाती है घग्गर नदी
Tue, 11 Jul 2023 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 11 Jul 2023 12:13 AM IST
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गुरमीत सीड़ा
गुहला-चीका। पंजाब सीमा से सटे गुहला क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी अपने उफान पर है। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने यहां पर लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त किया है। मौसम के चलते जीवनदायिनी यह नदी कभी-कभी संकटदायिनी भी बन जाती है। इससे पहले भी घग्गर नदी बाढ़ से 2010, 1995, 1993 और 1988 में तबाही मचा चुकी है।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में हुई जबरदस्त बरसात के चलते नदियां उफान पर है। अब घग्गर में भी पानी का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है। रविवार को चीका टटियाना हेड पर पानी पहुंच गया है। सोमवार दोपहर तक 45 हजार 403 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया। घग्गर में पानी आने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। जलस्तर की रिपोर्ट हर घंटे बाद प्रशासन को भेजी जा रही है। बाढ़ बचाव में काम आने वाले उपकरण व समान प्रशासन ने पहले ही तैयार कर रखे हैं।
घग्गर नदी के उफान पर होने के कारण गुहला के लोग चार बार तबाही का मंजर देख चुके हैं।
सबसे पहले 1988 में उसके बाद 1993, 1995 और 2010 में घग्गर ने क्षेत्र में खूब तबाही मचाई थी। वर्ष 1993 और 2010 में घग्गर द्वारा मचाई गई तबाही लोगों को अभी याद है। वर्ष 2010 में लगभग 50 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए थे। वहीं, लगभग 20 हजार एकड़ से अधिक फसल तबाह हो गई थी। वर्ष 1993 में करीब 10 हजार एकड़ फसल तबाह हुई थी। गुहला-चीका हेड 10 हजार क्यूसेक पानी का स्तर है। संवाद
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गुहला-चीका। पंजाब सीमा से सटे गुहला क्षेत्र से गुजर रही घग्गर नदी अपने उफान पर है। पिछले तीन दिन से लगातार हो रही बारिश ने यहां पर लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त किया है। मौसम के चलते जीवनदायिनी यह नदी कभी-कभी संकटदायिनी भी बन जाती है। इससे पहले भी घग्गर नदी बाढ़ से 2010, 1995, 1993 और 1988 में तबाही मचा चुकी है।
गौरतलब है कि पहाड़ी इलाकों में हुई जबरदस्त बरसात के चलते नदियां उफान पर है। अब घग्गर में भी पानी का स्तर बढ़ना शुरू हो गया है। रविवार को चीका टटियाना हेड पर पानी पहुंच गया है। सोमवार दोपहर तक 45 हजार 403 क्यूसेक पानी रिकॉर्ड किया। घग्गर में पानी आने के बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। जलस्तर की रिपोर्ट हर घंटे बाद प्रशासन को भेजी जा रही है। बाढ़ बचाव में काम आने वाले उपकरण व समान प्रशासन ने पहले ही तैयार कर रखे हैं।
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घग्गर नदी के उफान पर होने के कारण गुहला के लोग चार बार तबाही का मंजर देख चुके हैं।
सबसे पहले 1988 में उसके बाद 1993, 1995 और 2010 में घग्गर ने क्षेत्र में खूब तबाही मचाई थी। वर्ष 1993 और 2010 में घग्गर द्वारा मचाई गई तबाही लोगों को अभी याद है। वर्ष 2010 में लगभग 50 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हो गए थे। वहीं, लगभग 20 हजार एकड़ से अधिक फसल तबाह हो गई थी। वर्ष 1993 में करीब 10 हजार एकड़ फसल तबाह हुई थी। गुहला-चीका हेड 10 हजार क्यूसेक पानी का स्तर है। संवाद
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