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आरटीए कार्यालय में सीएम फ्लाइंग की छापेमारी, सुबह नौ बजे मिले महज 2 कर्मचारी
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- फोटो : Kaithal
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सोमवार की सुबह सीएम फ्लाइंग ने आरटीए कार्यालय में छापा मारा तो कई कार्यालयों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान आरटीए कार्यालय में अव्यवस्थाओं का आलम दिखा। सुबह 9 बजे केवल दो कर्मचारी एक स्वीपर व एक क्लर्क मौजूद मिला। 19 में से 12 कर्मचारी ग्यारह बजे तक एक-एक करके पहुंचे। 7 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में दर्जनों शराब की खाली बोतलें, धूल जमी हुई जगह-जगह बिखरी फाइलें, पुराने टायर व अन्य कबाड़ का सामान मिला। जिसकी रिपोर्ट बनाकर टीम ने सीएम कार्यालय भेजी है।
सीएम फ्लाइंग की टीम डीएसपी रविंद्र कुमार की अगुवाई में सुबह 9 बजे आरटीए कार्यालय में पहुंची। जहां एक स्वीपर व एक क्लर्क मिला। यहां कई लोग सुबह आठ बजे से अपने कार्य के लिए इंतजार में थे। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के नाम नोट करके इसके बाद कार्यालय पहुंचने वाले सभी कर्मचारियों के समय को नोट किया। एडीसी के बाद कार्यालय के इंचार्ज शीशपाल खुद करीब साढ़े दस बजे कार्यालय में पहुंचे। नौ से ग्यारह बजे तक टीम ने कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की। यहां नियमित, कांट्रैक्ट व डीसी रेट पर लगे कुल 19 कर्मचारियों में से पौने बारह बजे तक 7 कर्मचारी गैर हाजिर मिले।
पूरा कार्यालय नजर आ रहा है कूड़ादान: टीम ने जब निरीक्षण किया तो पूरा कार्यालय एक कूड़ेदान की तरह से नजर आ रहा था। फाइलों पर ना जाने कितने समय से धूल जमी हुई थी। जिस कार्यालय में क्लर्क बैठते हैं, उसमें भी फाइलें इधर-उधर बिखरी थीं। आरटीए कार्यालय में लाठी, सीढ़ियों में फाइलों के ढेर, ऊपर पुराने टायरों के ढेर इस कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों की कार्यप्रणाली को बयां कर रही थीं।
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महिला शौचालय कचरे से भरा : महिला शौचालय में टूटी कुर्सियों व अन्य सामान को भरा हुआ था। इसके सामने रखे रैक में शराब की खाली बोतलों का ढेर, शराब के बोतलों के कवर व अन्य कचरा भरा हुआ मिला। जिससे स्पष्ट है कि इस कार्यालय में देर-सवेर सरेआम पैग छलकते हैं। यही कारण है कि यहां गंदगी का आलम नजर आया और कई सालों से शायद यहां सफाई नहीं हुई है। जबकि यहां स्वीपर भी तैनात हैं।
मीडियाकर्मियों ने पूछा तो सहायक आरटीए बोले आफत क्यों मचा रखी है: वैसे तो सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन सरकार द्वारा लगाई गई है। लेकिन यहां नियमों को ताक पर रख बायोमीट्रिक मशीन ही लापता मिली। जब सहायक आरटीए से मीडियाकर्मियों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि दिखा देते हैं, आफत क्यों मचा रखी है। जबकि यही सहायक आरटीए कार्यालय में साढ़े दस बजे पहुंचे थे। बार-बार पूछने पर भी बायोमीट्रिक मशीन नहीं मिली। कथित तौर पर टीम को बताया गया कि मशीन सात-आठ माह से खराब है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को पत्र लिखा हुआ है।
लोग सुबह साढ़े आठ बजे आ गए, कर्मचारी बारह बजे तक नहीं पहुंचते:
डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताय कि सीएम फ्लाइंग को सुबह नौ बजे मिले लोगों में ढुंढवा निवासी रणदीप चार-पांच दिन से गाड़ी का खाता बंद करवाने के लिए चक्कर काट रहा है।गुहला के बदसूई से आए भीम सिंह ने कहा कि वह सुबह साढ़े आठ बजे आया था, 9.25 बजे तक भी कर्मचारी सीट पर नहीं आया है। गंगाटेहड़ी असंध से आए हुक्मचंद ने बताया कि वह 8.40 पर आरटीए कार्यालय में टैक्स जमा करवाने के लिए आया था। लेकिन फीस अफसर 9.35 तक नहीं पहुंचा है।
इसी प्रकार से अमरगढ़ गामड़ी निवासी विक्रम ने बताया कि वह सुबह 8.35 पर कार्यालय में आया था। इससे पूर्व वह 23 दिसंबर को भी आया था। तब दो बजे नेट बंद था। उसे 27 दिसंबर को बुलाया गया। उस समय उसकी फोटो गलत फाइल में खींच ली गई। आज 30 दिसंबर को जब आया है तो खिड़की में 9.20 मिनट तक संबंधित कर्मचारी नहीं मिला। इसी प्रकार से धौंस निवासी विक्रम सिंह ने कहा कि वह 3 दिसंबर से इस कार्यालय में हैवी लाइसेंस के लिए भटक रहा है। सात-आठ दिनों से चक्कर काट रहा है। उसे अपना लाइसेंस अब तक नहीं मिला।
सहायक आरटीए शीशपाल से जब कार्यालय में मिलीं शराब की खाली बोतलों, अव्यवस्थित फाइलों, टायरों के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि बोतलों के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है। जबकि इस कार्यालय के इंचार्ज एडीसी के बाद वे ही हैं। फाइलों के फैलने का कारण जगह की कमी बताया। कार्यालय में गंदगी पर उनका जवाब था कि सफाई करवा दी जाएगी। कार्यालय में लगाए गए लोहे के जाल के बारे में भी उनका जवाब था कि ये उनसे पहले ही अधिकारी ने लगवाई हैं। कार्यालय में मिले लठ के बारे में भी वे कोई जवाब नहीं दे पाए।
सीएम कार्यालय को भेजी रिपोर्ट
उड़नेदस्ते के डीएसपी रविंद्र कुमार ने कहा कि सीएम फ्लाइंग ने सोमवार को कार्यालय में सुबह 9 बजे हाजिरी की जांच की। सुबह केवल 2 कर्मचारी मिले, पौने बारह बजे तक भी 7 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। सहायक आरटीए सहित 19 मेें से 11 कर्मचारी पौने बारह बजे तक एक-एक करके देरी से पहुंचे। फाइलों पर जमीं धूल, खाली शराब की बोतलें, बिखरी पड़ी फाइलें, पुराने टायर सहित अन्य गंदगी व बिखरा हुआ सामान मिला। जिसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दी गई है।
ये कर्मचारी रहे टीम में शामिल: उड़नदस्ते में एसआई गुरदयाल, एसआई वेद, एसआई बिजेंद्र सिंह, एएसआई राजेंद्र सिंह, एएसआई रणधीर सिंह, एएसआई अनिल कुमार, एचसी मदन, एचसी राजपाल, सिपाही विक्रम शमिल थे।
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सीएम फ्लाइंग की टीम डीएसपी रविंद्र कुमार की अगुवाई में सुबह 9 बजे आरटीए कार्यालय में पहुंची। जहां एक स्वीपर व एक क्लर्क मिला। यहां कई लोग सुबह आठ बजे से अपने कार्य के लिए इंतजार में थे। टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों के नाम नोट करके इसके बाद कार्यालय पहुंचने वाले सभी कर्मचारियों के समय को नोट किया। एडीसी के बाद कार्यालय के इंचार्ज शीशपाल खुद करीब साढ़े दस बजे कार्यालय में पहुंचे। नौ से ग्यारह बजे तक टीम ने कार्यालय पहुंचने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की। यहां नियमित, कांट्रैक्ट व डीसी रेट पर लगे कुल 19 कर्मचारियों में से पौने बारह बजे तक 7 कर्मचारी गैर हाजिर मिले।
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पूरा कार्यालय नजर आ रहा है कूड़ादान: टीम ने जब निरीक्षण किया तो पूरा कार्यालय एक कूड़ेदान की तरह से नजर आ रहा था। फाइलों पर ना जाने कितने समय से धूल जमी हुई थी। जिस कार्यालय में क्लर्क बैठते हैं, उसमें भी फाइलें इधर-उधर बिखरी थीं। आरटीए कार्यालय में लाठी, सीढ़ियों में फाइलों के ढेर, ऊपर पुराने टायरों के ढेर इस कार्यालय के कर्मचारियों व अधिकारियों की कार्यप्रणाली को बयां कर रही थीं।
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महिला शौचालय कचरे से भरा : महिला शौचालय में टूटी कुर्सियों व अन्य सामान को भरा हुआ था। इसके सामने रखे रैक में शराब की खाली बोतलों का ढेर, शराब के बोतलों के कवर व अन्य कचरा भरा हुआ मिला। जिससे स्पष्ट है कि इस कार्यालय में देर-सवेर सरेआम पैग छलकते हैं। यही कारण है कि यहां गंदगी का आलम नजर आया और कई सालों से शायद यहां सफाई नहीं हुई है। जबकि यहां स्वीपर भी तैनात हैं।
मीडियाकर्मियों ने पूछा तो सहायक आरटीए बोले आफत क्यों मचा रखी है: वैसे तो सभी सरकारी कार्यालयों में बायोमीट्रिक मशीन सरकार द्वारा लगाई गई है। लेकिन यहां नियमों को ताक पर रख बायोमीट्रिक मशीन ही लापता मिली। जब सहायक आरटीए से मीडियाकर्मियों ने पूछा तो उन्होंने कहा कि दिखा देते हैं, आफत क्यों मचा रखी है। जबकि यही सहायक आरटीए कार्यालय में साढ़े दस बजे पहुंचे थे। बार-बार पूछने पर भी बायोमीट्रिक मशीन नहीं मिली। कथित तौर पर टीम को बताया गया कि मशीन सात-आठ माह से खराब है। इसके लिए संबंधित एजेंसी को पत्र लिखा हुआ है।
लोग सुबह साढ़े आठ बजे आ गए, कर्मचारी बारह बजे तक नहीं पहुंचते:
डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताय कि सीएम फ्लाइंग को सुबह नौ बजे मिले लोगों में ढुंढवा निवासी रणदीप चार-पांच दिन से गाड़ी का खाता बंद करवाने के लिए चक्कर काट रहा है।गुहला के बदसूई से आए भीम सिंह ने कहा कि वह सुबह साढ़े आठ बजे आया था, 9.25 बजे तक भी कर्मचारी सीट पर नहीं आया है। गंगाटेहड़ी असंध से आए हुक्मचंद ने बताया कि वह 8.40 पर आरटीए कार्यालय में टैक्स जमा करवाने के लिए आया था। लेकिन फीस अफसर 9.35 तक नहीं पहुंचा है।
इसी प्रकार से अमरगढ़ गामड़ी निवासी विक्रम ने बताया कि वह सुबह 8.35 पर कार्यालय में आया था। इससे पूर्व वह 23 दिसंबर को भी आया था। तब दो बजे नेट बंद था। उसे 27 दिसंबर को बुलाया गया। उस समय उसकी फोटो गलत फाइल में खींच ली गई। आज 30 दिसंबर को जब आया है तो खिड़की में 9.20 मिनट तक संबंधित कर्मचारी नहीं मिला। इसी प्रकार से धौंस निवासी विक्रम सिंह ने कहा कि वह 3 दिसंबर से इस कार्यालय में हैवी लाइसेंस के लिए भटक रहा है। सात-आठ दिनों से चक्कर काट रहा है। उसे अपना लाइसेंस अब तक नहीं मिला।
सहायक आरटीए शीशपाल से जब कार्यालय में मिलीं शराब की खाली बोतलों, अव्यवस्थित फाइलों, टायरों के बारे में पूछा गया तो उनका जवाब था कि बोतलों के बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है। जबकि इस कार्यालय के इंचार्ज एडीसी के बाद वे ही हैं। फाइलों के फैलने का कारण जगह की कमी बताया। कार्यालय में गंदगी पर उनका जवाब था कि सफाई करवा दी जाएगी। कार्यालय में लगाए गए लोहे के जाल के बारे में भी उनका जवाब था कि ये उनसे पहले ही अधिकारी ने लगवाई हैं। कार्यालय में मिले लठ के बारे में भी वे कोई जवाब नहीं दे पाए।
सीएम कार्यालय को भेजी रिपोर्ट
उड़नेदस्ते के डीएसपी रविंद्र कुमार ने कहा कि सीएम फ्लाइंग ने सोमवार को कार्यालय में सुबह 9 बजे हाजिरी की जांच की। सुबह केवल 2 कर्मचारी मिले, पौने बारह बजे तक भी 7 कर्मचारी गैर हाजिर रहे। सहायक आरटीए सहित 19 मेें से 11 कर्मचारी पौने बारह बजे तक एक-एक करके देरी से पहुंचे। फाइलों पर जमीं धूल, खाली शराब की बोतलें, बिखरी पड़ी फाइलें, पुराने टायर सहित अन्य गंदगी व बिखरा हुआ सामान मिला। जिसकी रिपोर्ट बनाकर विभाग को भेज दी गई है।
ये कर्मचारी रहे टीम में शामिल: उड़नदस्ते में एसआई गुरदयाल, एसआई वेद, एसआई बिजेंद्र सिंह, एएसआई राजेंद्र सिंह, एएसआई रणधीर सिंह, एएसआई अनिल कुमार, एचसी मदन, एचसी राजपाल, सिपाही विक्रम शमिल थे।