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Kaithal News: बच्ची की मौत के मामले में दो साल बाद प्राथमिकी
Wed, 20 May 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 20 May 2026 12:55 AM IST
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19 ढांड 01मृतक जीविका की फाइल फोटो 02घटना के बाद से बंद पड़ा चौपाल का वाटर कूलर
संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। गांव बंदराना में चौपाल पर लगे वाटर कूलर से करंट लगने के कारण 8 वर्षीय बच्ची जीविका की मौत के मामले में पुलिस ने करीब दो वर्ष बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कार्रवाई में हुई देरी पर मृतका के परिजनों में भारी रोष है।
परिवार ने ग्राम पंचायत और बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मृतक बच्ची के पिता राजेश ने बताया कि 21 अगस्त 2024 को गर्मी के मौसम में उनकी बेटी जीविका गांव की चौपाल में लगे वाटर कूलर से पानी पीने गई थी। जैसे ही उसने पानी पीना शुरू किया, कूलर में आ रहे बिजली के करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी।
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राजेश का आरोप है कि ग्राम पंचायत को पहले से जानकारी थी कि चौपाल में रखे वाटर कूलर में करंट आता है। इसके बावजूद उसे ठीक करवाने की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम तो करवाया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय केवल डीडीआर दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी गई।
ढांड थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि बंदराना गांव में वाटर कूलर में करंट आने से 8 वर्षीय जीविका की मौत के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज होने पर परिजनों में नाराजगी
ढांड। जीविका के परिजनों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पुलिस ने करीब दो वर्ष बाद मामला दर्ज किया और वह भी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ।
नाराज परिवार का कहना है कि उन्होंने शुरू से ही ग्राम पंचायत और बिजली विभाग को हादसे के लिए
जिम्मेदार बताया था। ऐसे में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करना समझ से परे है।
परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि अज्ञात के खिलाफ ही केस दर्ज करना था तो पुलिस ने कार्रवाई में इतना लंबा समय क्यों लगाया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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ढांड। गांव बंदराना में चौपाल पर लगे वाटर कूलर से करंट लगने के कारण 8 वर्षीय बच्ची जीविका की मौत के मामले में पुलिस ने करीब दो वर्ष बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। कार्रवाई में हुई देरी पर मृतका के परिजनों में भारी रोष है।
परिवार ने ग्राम पंचायत और बिजली विभाग की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार ठहराते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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मृतक बच्ची के पिता राजेश ने बताया कि 21 अगस्त 2024 को गर्मी के मौसम में उनकी बेटी जीविका गांव की चौपाल में लगे वाटर कूलर से पानी पीने गई थी। जैसे ही उसने पानी पीना शुरू किया, कूलर में आ रहे बिजली के करंट की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इसकी लिखित शिकायत पुलिस को दी गई थी।
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राजेश का आरोप है कि ग्राम पंचायत को पहले से जानकारी थी कि चौपाल में रखे वाटर कूलर में करंट आता है। इसके बावजूद उसे ठीक करवाने की व्यवस्था नहीं की गई। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम तो करवाया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय केवल डीडीआर दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी गई।
ढांड थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि बंदराना गांव में वाटर कूलर में करंट आने से 8 वर्षीय जीविका की मौत के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज होने पर परिजनों में नाराजगी
ढांड। जीविका के परिजनों ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि पुलिस ने करीब दो वर्ष बाद मामला दर्ज किया और वह भी अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ।
नाराज परिवार का कहना है कि उन्होंने शुरू से ही ग्राम पंचायत और बिजली विभाग को हादसे के लिए
जिम्मेदार बताया था। ऐसे में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज करना समझ से परे है।
परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि अज्ञात के खिलाफ ही केस दर्ज करना था तो पुलिस ने कार्रवाई में इतना लंबा समय क्यों लगाया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।