दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में भाग लेने गए गांव भाणा के किसान की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। भारी संख्या में पहुंचे किसानों ने शुक्रवार दोपहर को गांव में पहुंच कर मृतक किसान को अंतिम विदाई दी। इससे पूर्व गांव भाणा के दो किसानों की आंदोलन के दौरान मौत हो चुकी है।
जानकारी के अनुसार तीन कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली बार्डर पर चल रहे आंदोलन में गांव भाणा से भारी संख्या में किसान भाग ले रहे हैं। बलदेव भी आंदोलन में शामिल होने के लिए गया था। वीरवार रात को बलदेव ढुल (60) की हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई। मृतक किसान के दो लड़के व एक लड़की है। परिजनों ने बताया कि वैसे तो पिछले लगभग 15 दिनों से बलदेव ढुल टिकरी बार्डर पर ही था। कुछ दिनों पहले दो दिनों के लिए आया था और फिर किसान आंदोलन में शामिल होने चले गया था। वीरवार को बलदेव को हार्ट अटैक आया। जिसको बहादुरगढ़ अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उसे डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गांव भाणा में मृतक किसान बलदेव का अंतिम संस्कार किया गया। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किसान के पास दो एकड़ जमीन है और परिवार मृतक किसान पर ही आधारित है। कांग्रेस नेता सतबीर भाणा ने सरकार से मृतक किसान की आर्थिक सहायता व परिवार के सदस्य को रोजगार देने की मांग की है। अंतिम संस्कार में जितेंद्र कोच, मनजीत करोड़ा, डीटी भाणा, रोहताश, सुरेंद्र, काला, राकेश, शमशेर सिंह, सुल्तान सिंह सरपंच, काला राम, डा. भरथू, थैलू राम, मा. जयभगवान, जयदीप, फौजी कुलदीप व अन्य किसानों व परिजनों ने बलदेव सिंह को अंतिम विदाई दी।