{"_id":"5f85f4468ebc3e9be27d9907","slug":"electricity-kaithal-news-knl474538166","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजली बिलों की फर्जी रसीद देकर बिल कलेक्शन कंपनी को लगाया 55 लाख रुपये का चूना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजली बिलों की फर्जी रसीद देकर बिल कलेक्शन कंपनी को लगाया 55 लाख रुपये का चूना
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पूंडरी क्षेत्र में 32 गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को बिल की फर्जी रसीद देकर बिल कलेक्शन कंपनी के पूर्व के पांच कर्मचारियों द्वारा 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने कंपनी के मैनेजर की शिकायत पर सभी पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है।
ईपे इंफोसर्वे प्राइवेट लिमिटेड असंध रोड पानीपत में रिजनल मैनेजर के पद पर तैनात अशोक कुमार ने पूंडरी थाना में दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का 2013 से अनुबंध है। जिसमें कैथल सहित दस जिलों में बिजली के बिल जमा किए जाते हैं। इसके लिए रिटेलर के तौर पर वाउचर दिए जाते हैं। रिटेलर टॉपअप कंपनी के बैंक एकाउंट में एडवांस कैश जमा करवाकर या शहर के कंपनी द्वारा नियुक्त डिस्ट्रीब्यूटर को कैश देकर उतना ही टॉपअप ले सकता है। कैथल एरिया में सभी रिमोट रिटेलर्स को मई से जून 2018 में बंद कर दिया गया था। गांव रमाणा निवासी जगदीप को पूंडरी क्षेत्र की जिम्मेवारी दी गई थी। लेकिन फर्जी रसीद देने के कारण कंपनी ने आरोपी जगदीप को जून 2018 में कार्यमुक्त कर दिया था। जगदीप ने कंपनी छोड़ने के बाद ही जुलाई 2018 से नवंबर 2018 में षड्यंत्र रचा। वह फर्जी रसीद कलेक्शन बुक छपवा कर अपने सगे भाई संदीप, मौसी के लड़के अमन व कंपनी के तीन अन्य कर्मचारी कैशियर गांव देवबन निवासी विपिन कुमार, गांव फतेहपुर निवासी मनीष कुमार व रमाणा निवासी बलजीत सिंह के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोपी ने पूंडरी और अन्य 32 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को फर्जी रसीद थमाकर धोखाधड़ी और गबन किया। अब तक लगभग 55 लाख रुपये बिजली बिल उपभोक्ताओं से ले चुके हैं। आरोपी संदीप जुलाई 2018 से अक्टूबर तक, विपिन जून 2018 से मई 2019 तक, मनीष कुमार जुलाई 2018 से अक्टूबर 2018 तक व व आरोपी बलजीत जून 2018 से अगस्त 2018 तक कंपनी में कैशियर थे।
शिकायतकर्ता ने बताया कि इस गबन और धोखाधड़ी के बारे में जानकारी उन्हें तब मिली जब उपभोक्ताओं के बिल अगले बिल में जुड़कर आने लगे। अब आरोपियों ने कंपनी के अधिकारियों को कैथल में घुसने पर जान से मारने और काम तमाम करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि कैथल जिले के 30000 उपभोक्ताओं को कंपनी सुविधा दे रही है।
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पूंडरी थाना एसएचओ मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगामी जांच की जा रही है। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ईपे इंफोसर्वे प्राइवेट लिमिटेड असंध रोड पानीपत में रिजनल मैनेजर के पद पर तैनात अशोक कुमार ने पूंडरी थाना में दी शिकायत में बताया कि उनकी कंपनी और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम का 2013 से अनुबंध है। जिसमें कैथल सहित दस जिलों में बिजली के बिल जमा किए जाते हैं। इसके लिए रिटेलर के तौर पर वाउचर दिए जाते हैं। रिटेलर टॉपअप कंपनी के बैंक एकाउंट में एडवांस कैश जमा करवाकर या शहर के कंपनी द्वारा नियुक्त डिस्ट्रीब्यूटर को कैश देकर उतना ही टॉपअप ले सकता है। कैथल एरिया में सभी रिमोट रिटेलर्स को मई से जून 2018 में बंद कर दिया गया था। गांव रमाणा निवासी जगदीप को पूंडरी क्षेत्र की जिम्मेवारी दी गई थी। लेकिन फर्जी रसीद देने के कारण कंपनी ने आरोपी जगदीप को जून 2018 में कार्यमुक्त कर दिया था। जगदीप ने कंपनी छोड़ने के बाद ही जुलाई 2018 से नवंबर 2018 में षड्यंत्र रचा। वह फर्जी रसीद कलेक्शन बुक छपवा कर अपने सगे भाई संदीप, मौसी के लड़के अमन व कंपनी के तीन अन्य कर्मचारी कैशियर गांव देवबन निवासी विपिन कुमार, गांव फतेहपुर निवासी मनीष कुमार व रमाणा निवासी बलजीत सिंह के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा। आरोपी ने पूंडरी और अन्य 32 गांवों के हजारों उपभोक्ताओं को फर्जी रसीद थमाकर धोखाधड़ी और गबन किया। अब तक लगभग 55 लाख रुपये बिजली बिल उपभोक्ताओं से ले चुके हैं। आरोपी संदीप जुलाई 2018 से अक्टूबर तक, विपिन जून 2018 से मई 2019 तक, मनीष कुमार जुलाई 2018 से अक्टूबर 2018 तक व व आरोपी बलजीत जून 2018 से अगस्त 2018 तक कंपनी में कैशियर थे।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि इस गबन और धोखाधड़ी के बारे में जानकारी उन्हें तब मिली जब उपभोक्ताओं के बिल अगले बिल में जुड़कर आने लगे। अब आरोपियों ने कंपनी के अधिकारियों को कैथल में घुसने पर जान से मारने और काम तमाम करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा कि कैथल जिले के 30000 उपभोक्ताओं को कंपनी सुविधा दे रही है।
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पूंडरी थाना एसएचओ मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की आगामी जांच की जा रही है। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।