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Kaithal News: कलायत के भंडार गृह में अधिकारियों की लापरवाही से सड़ रहा अनाज
Wed, 22 Oct 2025 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 22 Oct 2025 12:40 AM IST
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21केएलटी6,7: कलायत में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के भंडारण स्थल पर अनाज रखरखाव की लचर व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में खाद्य आपूर्ति विभाग के भंडारण स्थल पर गेहूं के सड़ने का मामला जारी है। इससे उन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं जिनके कंधों पर अनाज रखरखाव की जिम्मेदारी है। भंडारण में भारी चूक के कारण अनाज की इतनी मात्रा खराब हो चुकी है कि यह न केवल नागरिकों के लिए बल्कि पशुओं के खाने के लायक भी नहीं बचा है। इस पर समाजसेवी संगठन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पिछले माह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा गठित जांच टीम ने भंडारण स्थल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान टीम ने सैकड़ों कट्टों के खराब होने की संभावना जताई थी। इसके बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी खराब अनाज को अलग करने की बजाय उसकी सप्लाई करने की योजना बना रहे हैं। यह सीधे तौर पर नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
भंडारगृह स्थल पर लंबे समय से रखे गेहूं के कट्टों की उचित देखरेख नहीं की गई है। इससे नमी, फफूंदी और सड़ने की समस्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि उसे रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला बारदाना भी पूरी तरह से गल चुका है। यह रखरखाव में गंभीर लापरवाही का प्रतीक है।
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समाजसेवी संगठनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि यह न केवल सरकारी संपत्ति की बर्बादी है, बल्कि ऐसे समय में जब गरीबों को मुफ्त या सस्ती दरों पर अनाज देने की योजना चल रही है, यह घोर अमानवीयता भी है। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई
नहीं हुई।
दूसरी ओर इस संदर्भ में खाद्य एवं आपूर्ति भंडारण स्थल प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि गेहूं के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले भंडारण स्थल पर 1,53,741 कट्टे लगाए गए थे, जिनमें से 6,100 थैले अभी उठान के लिए बकाया हैं। यह काम जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनाज की गुणवत्ता खराब नहीं होने दी जाएगी और रखरखाव का कार्य संजीदगी से जारी है।
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कलायत। कलायत में खाद्य आपूर्ति विभाग के भंडारण स्थल पर गेहूं के सड़ने का मामला जारी है। इससे उन अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं जिनके कंधों पर अनाज रखरखाव की जिम्मेदारी है। भंडारण में भारी चूक के कारण अनाज की इतनी मात्रा खराब हो चुकी है कि यह न केवल नागरिकों के लिए बल्कि पशुओं के खाने के लायक भी नहीं बचा है। इस पर समाजसेवी संगठन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पिछले माह मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा गठित जांच टीम ने भंडारण स्थल का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान टीम ने सैकड़ों कट्टों के खराब होने की संभावना जताई थी। इसके बावजूद खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी खराब अनाज को अलग करने की बजाय उसकी सप्लाई करने की योजना बना रहे हैं। यह सीधे तौर पर नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।
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भंडारगृह स्थल पर लंबे समय से रखे गेहूं के कट्टों की उचित देखरेख नहीं की गई है। इससे नमी, फफूंदी और सड़ने की समस्या बढ़ती जा रही है। सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि उसे रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला बारदाना भी पूरी तरह से गल चुका है। यह रखरखाव में गंभीर लापरवाही का प्रतीक है।
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समाजसेवी संगठनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि यह न केवल सरकारी संपत्ति की बर्बादी है, बल्कि ऐसे समय में जब गरीबों को मुफ्त या सस्ती दरों पर अनाज देने की योजना चल रही है, यह घोर अमानवीयता भी है। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई
नहीं हुई।
दूसरी ओर इस संदर्भ में खाद्य एवं आपूर्ति भंडारण स्थल प्रभारी सुरेश कुमार ने कहा कि गेहूं के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खुले भंडारण स्थल पर 1,53,741 कट्टे लगाए गए थे, जिनमें से 6,100 थैले अभी उठान के लिए बकाया हैं। यह काम जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अनाज की गुणवत्ता खराब नहीं होने दी जाएगी और रखरखाव का कार्य संजीदगी से जारी है।

21केएलटी6,7: कलायत में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के भंडारण स्थल पर अनाज रखरखाव की लचर व्यवस्था