एक तो नागरिक अस्पताल में पहले से डॉक्टरों की कमी है और दूसरा मांगों को लेकर शुक्रवार को अस्पताल के चिकित्सकों ने दो घंटे तक हड़ताल की। ऐसे में अस्पताल में जांच और इलाज के लिए आई मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में सुबह 9 बजे पहुंचे दर्जनों मरीज दोपहर तक डॉक्टरों के इंतजार में ओपीडी के लिए कतारों में लगे खड़े रहे। करीब दो घंटे बाद डॉक्टर अपने कक्षों में पहुंचे, तब तक मरीजों की कक्षों के बाहर भीड़ लग चुकी थी। कुछ मरीजों में विभाग के खिलाफ रोष भी दिखाई दिया।
गौरतलब है कि शुक्रवार को डॉक्टरों ने चिकित्सा अधिकारियों की सीधी भर्ती करने, उनकी अनदेखी नहीं करने और अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की। यह हड़ताल सुबह 9 बजे से लेकर 11 बजे तक रही। इस दौरान बेबस मरीज लाइनों में खड़े दिखाई दिए। केवल इमरजेंसी सेवाएं ही सुचारु रही। सामान्य मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ा। स्वास्थ्य कई मरीज तो हड़ताल की बात सुनकर ही वापस लौट गए। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अस्पताल में 1500 के करीब ओपीडी रोजाना होती हैं, लेकिन शुक्रवार को इन पर करीब 30 प्रतिशत प्रभाव पड़ा। स्वीकृत 55 में से 22 पदों पर ही डॉक्टर हैं, लेकिन उनमें से भी काफी हड़ताल पर रहे।