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डीएपी की किल्लत को लेकर किया प्रदर्शन
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Demonstration on the shortage of DAP
- फोटो : Kaithal
आदर्श गांव बालू की रापड़िया पट्टी स्थित कोऑपरेटिव सोसायटी के सामने किसानों ने डीएपी खाद को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
गुस्साए किसानों का कहना था कि जब वे भी खाद के लिए आते हैं तो सोसाइटी पर ताला लटका मिलता है। सोसाइटी में कर्मचारियों उपस्थित नहीं रहते हैं।
हरिकेश, कृष्ण, टेका, राजेंद्र, धर्मवीर, बीरभान, मदन और अन्य किसानों ने कहा कि चाहिए तो यह था कि बेहतर कृषि को उन्नत बनाने के लिए सोसाइटी कर्मी निरंतर गतिशील रहें। इसके विपरीत किसानों को सुविधाएं देने की बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों के उपस्थिति के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ड्यूटी में कोताही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसके बाद बालू गांव में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने पहुंचे एसडीएम की नजर सोसाइटी के सामने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर भी पड़ी। लेकिन किसानों और अधिकारी का आपसी संवाद नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री पटल पर दी शिकायत
बालू गांव में डीएपी खाद न मिलने और सोसाइटी कर्मियों के संस्थान से नदारद रहने का मामला निरंतर तूल पकड़ रहा है। इस मसले को लेकर किसानों की बैठक सोसाइटी परिसर में हुई। इसमें सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री पटल पर शिकायत दी है। साथ ही यह चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का हल नहीं हुआ तो किसान नेशनल हाइवे पर पड़ाव डालने को विवश होंगे।
कलायत एसडीएम वीरेंद्र ढुल ने कहा कि डीएपी को लेकर किसानों के समक्ष आ रही समस्या को लेकर प्रशासन सजग है। बालू गांव का मामला उनके संज्ञान में आया है। सोसाइटी की स्थिति की बारीकी से जानकारी ली जाएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गुस्साए किसानों का कहना था कि जब वे भी खाद के लिए आते हैं तो सोसाइटी पर ताला लटका मिलता है। सोसाइटी में कर्मचारियों उपस्थित नहीं रहते हैं।
हरिकेश, कृष्ण, टेका, राजेंद्र, धर्मवीर, बीरभान, मदन और अन्य किसानों ने कहा कि चाहिए तो यह था कि बेहतर कृषि को उन्नत बनाने के लिए सोसाइटी कर्मी निरंतर गतिशील रहें। इसके विपरीत किसानों को सुविधाएं देने की बजाय उन्हें परेशान किया जा रहा है। सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों व कर्मचारियों के उपस्थिति के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। ड्यूटी में कोताही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उसके बाद बालू गांव में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने पहुंचे एसडीएम की नजर सोसाइटी के सामने प्रदर्शन कर रहे किसानों पर भी पड़ी। लेकिन किसानों और अधिकारी का आपसी संवाद नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री पटल पर दी शिकायत
बालू गांव में डीएपी खाद न मिलने और सोसाइटी कर्मियों के संस्थान से नदारद रहने का मामला निरंतर तूल पकड़ रहा है। इस मसले को लेकर किसानों की बैठक सोसाइटी परिसर में हुई। इसमें सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने के बाद किसानों ने न्याय के लिए मुख्यमंत्री पटल पर शिकायत दी है। साथ ही यह चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का हल नहीं हुआ तो किसान नेशनल हाइवे पर पड़ाव डालने को विवश होंगे।
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कलायत एसडीएम वीरेंद्र ढुल ने कहा कि डीएपी को लेकर किसानों के समक्ष आ रही समस्या को लेकर प्रशासन सजग है। बालू गांव का मामला उनके संज्ञान में आया है। सोसाइटी की स्थिति की बारीकी से जानकारी ली जाएगी। उसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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