{"_id":"6429dc7490708322d2086819","slug":"demanded-compensation-for-ruined-crops-by-protesting-kaithal-news-c-18-1-79603-2023-04-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: प्रदर्शन कर बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: प्रदर्शन कर बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा
Mon, 03 Apr 2023 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 03 Apr 2023 01:20 AM IST
विज्ञापन
ढांड। बेमौसम की बरसात से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) कार्यकर्ताओं ने अनाज मंडी ढांड के गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विशेष गिरदावरी कराए जाने की आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए राजकुमार सारसा व बाबूराम ने कहा कि इस समय बरसात, तेज हवा व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे। यह मुआवजा 15 दिनों में किसानों के खातों में डाला जाए।
उन्होंने कहा कि बरसात से किसानों की खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है। खेतों में काफी मात्रा में जलभराव हो गया है। जिससे दाना कमजोर होकर पिचक जाएगा और फसल का रंग भी काला पड़ गया है। जिससे अनाज व तुड़ी खाने लायक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विपदा की तबाही का मंजर खेतों में साफ दिखाई दे रहा है। अब तक प्रदेश में 4900 गांवों के एक लाख से ज्यादा किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।
विज्ञापन
किसान सरकार की गलत नीतियों व खेती में बढ़ते लागत से परेशान है। ऊपर से प्राकृतिक आपदा भी किसानों के लिए मुसीबत बन कर आई है। इसको सहन करना किसानों के बस की बात नहीं है। इस अवसर पर जिला कमेटी सदस्य कामरेड रामस्वरूप, कृष्ण चंद, दर्शन सिंह, संजू, काकू, कमल कुमार, नरेश कुमार, सुभाष चन्द्र, मोहन लाल, पाला राम, पंकज, शीशापाल, विनोद शाक्य आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रदर्शन की अगुवाई करते हुए राजकुमार सारसा व बाबूराम ने कहा कि इस समय बरसात, तेज हवा व ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार विशेष गिरदावरी करवा कर किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दे। यह मुआवजा 15 दिनों में किसानों के खातों में डाला जाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि बरसात से किसानों की खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से जमीन पर बिछ गई है। खेतों में काफी मात्रा में जलभराव हो गया है। जिससे दाना कमजोर होकर पिचक जाएगा और फसल का रंग भी काला पड़ गया है। जिससे अनाज व तुड़ी खाने लायक नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक विपदा की तबाही का मंजर खेतों में साफ दिखाई दे रहा है। अब तक प्रदेश में 4900 गांवों के एक लाख से ज्यादा किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।
विज्ञापन
किसान सरकार की गलत नीतियों व खेती में बढ़ते लागत से परेशान है। ऊपर से प्राकृतिक आपदा भी किसानों के लिए मुसीबत बन कर आई है। इसको सहन करना किसानों के बस की बात नहीं है। इस अवसर पर जिला कमेटी सदस्य कामरेड रामस्वरूप, कृष्ण चंद, दर्शन सिंह, संजू, काकू, कमल कुमार, नरेश कुमार, सुभाष चन्द्र, मोहन लाल, पाला राम, पंकज, शीशापाल, विनोद शाक्य आदि मौजूद रहे।