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लगातार दूसरी बार साकेत मंगल एडवोकेट के सिर सजा आरवीएस की प्रधानी का ताज
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आरकेएसडी संस्थाओं की मातृ संस्था राष्ट्रीय विद्या समिति (आरवीएस) के प्रधान व उपप्रधान पद के लिए हुए चुनावों में साकेत मंगल एडवोकेट ग्रुप ने वर्चस्व स्थापित करते हुए विजयी पताका फहराई। 21 सदस्यों की वोटिंग में प्रधान पद के लिए विजयी उम्मीदवार साकेत मंगल को 17 व पराजित उम्मीदवार राधाकृष्ण मित्तल को 4 वोट मिले। जबकि उपप्रधान पद के लिए विजयी उम्मीदवार अश्वनी शोरेवाला को 16 व पराजित उम्मीदवार मुकेश निरवानी को 5 वोट मिले। इस तरह से प्रधान पर लगातार दूसरी बार साकेत मंगल, उपप्रधान पद के लिए अश्वरी शोरवाला चुने गए। जबकि इसी ग्रुप की ओर से पंकज बंसल महासचिव व सुनील चौधरी कोषाध्यक्ष पद के लिए पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। वर्तमान में भी इन्हीं चारों पदाधिकारियों की कार्यकारिणी है। जिसका कार्यकाल मार्च माह में खत्म हो रहा है। अब नई कार्यकारिणी में फिर से इन चारों को कॉलेज की संस्थाओं की कमान मिली है।
मंगलवार को दोपहर बारह बजे तक वोटिंग का समय था। इससे पहले ही सभी 21 कॉलेजियम सदस्य प्रधान व उपप्रधान पद के लिए अपने वोट डाल गए। 12 बजे गिनती शुरू हुई और करीब साढ़े बारह बजे प्रिंसिपल डा. संजय गोयल ने प्रधान पद के लिए साकेत मंगल एडवोकेट व उपप्रधान पद के लिए अश्वनी शोरेवाला के वोटिंग के माध्यम से और महासचिव पद के लिए पंकज बंसल व कोषाध्यक्ष पद के लिए सुनील चौधरी के निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
प्रधान साकेत मंगल एडवोकेट ने कहा कि वे संस्था सदस्यों, स्टाफ सदस्यों सहित उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार उन पर विश्वास जताया है। उनका प्रयास रहेगा कि उनकी पूरी टीम आरकेएसडी संस्थाओं को विकास के नए आयाम पर लेकर जाएं। वे सभी को साथ लेकर चलेंगे।
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चुनाव के समय आरकेएसडी के पूर्व प्रधान सतीश कुमार बंसल, अनिल शोरेवाला, सदस्य श्याम बंसल, महेश मंगल एडवोकेट, मुकेश निरवानी, विष्णु भगवान मित्तल, राम चौधरी मौजूद रहे।
कुछ सदस्यों के ग्रुप से बगावत के कारण हुए चुनाव
गत 10 जनवरी को 21 कॉलेजियम सदस्यों के लिए 3714 की वोटर लिस्ट पर चुनाव हुए थे। जिसमें साकेत मंगल ग्रुप के 20 सदस्य विजयी होकर आए थे। जबकि विष्णु भगवान मित्तल प्रतिद्वंद्वी ग्रुप से जीते थे। इसके बाद कॉलेजियम सदस्यों द्वारा ही आरवीएस के प्रधान, उपप्रधान, महासचिव व कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव किया जाना था। लेकिन साकेत मंगल ग्रुप में पहले शामिल रहे राधाकृष्ण मित्तल, प्रतिद्वंद्वी ग्रुप से साकेत मंगल के साथ कॉलेजियम चुनाव में आए आए मुकेश निरवानी व कुछ अन्य सदस्यों ने ग्रुप से अलग रास्ता अपनाया। इसी कारण 21 सदस्यों में से दो पदाधिकारियों के चयन के लिए वोटिंग की नौबत आई।
अब आगे क्या
आरवीएस आरकेएसडी संस्थाओं की मातृ संस्था है। अब आरवीएस के चुनाव के बाद आरकेएसडी कॉलेज, आरकेएसडी फार्मेसी कॉलेज, आरकेएसडी संध्याकालीन कॉलेज, आरकेएसडी पब्लिक स्कूल के लिए कॉलेजियम सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपते हुए उनकी कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। जिसमें अलग-अलग कॉलेजियम सदस्यों को अलग-अलग संस्थाओं की जिम्मेदारी मिलेगी।
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मंगलवार को दोपहर बारह बजे तक वोटिंग का समय था। इससे पहले ही सभी 21 कॉलेजियम सदस्य प्रधान व उपप्रधान पद के लिए अपने वोट डाल गए। 12 बजे गिनती शुरू हुई और करीब साढ़े बारह बजे प्रिंसिपल डा. संजय गोयल ने प्रधान पद के लिए साकेत मंगल एडवोकेट व उपप्रधान पद के लिए अश्वनी शोरेवाला के वोटिंग के माध्यम से और महासचिव पद के लिए पंकज बंसल व कोषाध्यक्ष पद के लिए सुनील चौधरी के निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया।
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प्रधान साकेत मंगल एडवोकेट ने कहा कि वे संस्था सदस्यों, स्टाफ सदस्यों सहित उन सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार उन पर विश्वास जताया है। उनका प्रयास रहेगा कि उनकी पूरी टीम आरकेएसडी संस्थाओं को विकास के नए आयाम पर लेकर जाएं। वे सभी को साथ लेकर चलेंगे।
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चुनाव के समय आरकेएसडी के पूर्व प्रधान सतीश कुमार बंसल, अनिल शोरेवाला, सदस्य श्याम बंसल, महेश मंगल एडवोकेट, मुकेश निरवानी, विष्णु भगवान मित्तल, राम चौधरी मौजूद रहे।
कुछ सदस्यों के ग्रुप से बगावत के कारण हुए चुनाव
गत 10 जनवरी को 21 कॉलेजियम सदस्यों के लिए 3714 की वोटर लिस्ट पर चुनाव हुए थे। जिसमें साकेत मंगल ग्रुप के 20 सदस्य विजयी होकर आए थे। जबकि विष्णु भगवान मित्तल प्रतिद्वंद्वी ग्रुप से जीते थे। इसके बाद कॉलेजियम सदस्यों द्वारा ही आरवीएस के प्रधान, उपप्रधान, महासचिव व कोषाध्यक्ष पद के लिए चुनाव किया जाना था। लेकिन साकेत मंगल ग्रुप में पहले शामिल रहे राधाकृष्ण मित्तल, प्रतिद्वंद्वी ग्रुप से साकेत मंगल के साथ कॉलेजियम चुनाव में आए आए मुकेश निरवानी व कुछ अन्य सदस्यों ने ग्रुप से अलग रास्ता अपनाया। इसी कारण 21 सदस्यों में से दो पदाधिकारियों के चयन के लिए वोटिंग की नौबत आई।
अब आगे क्या
आरवीएस आरकेएसडी संस्थाओं की मातृ संस्था है। अब आरवीएस के चुनाव के बाद आरकेएसडी कॉलेज, आरकेएसडी फार्मेसी कॉलेज, आरकेएसडी संध्याकालीन कॉलेज, आरकेएसडी पब्लिक स्कूल के लिए कॉलेजियम सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपते हुए उनकी कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा। जिसमें अलग-अलग कॉलेजियम सदस्यों को अलग-अलग संस्थाओं की जिम्मेदारी मिलेगी।