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लघु सचिवालय में मांगों का ज्ञापन देने पहुंचे ट्रांसपोर्टरों व आरटीओ के बीच हुई तीखी नोक-झोंक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Mar 2021 10:49 PM IST
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जितेंद्र कुमार
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कैथल। सरकार के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने लघु सचिवालय पहुंचे ट्रांसपोर्टरों और आरटीए के बीच करीब 25 मिनट तक तीखी नोकझोंक हुई। हरियाणा के विभिन्न जिलों सहित कई अन्य प्रदेशों से पहुंचे भारत ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने आरटीओ कैथल के सामने ही विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप जड़े। ट्रांसपोर्टरों ने यह तक कह डाला कि यहां के अधिकारियों को विभाग से संबंधित कार्यों का तो ज्ञान नहीं, लेकिन मिलीभगत करके भ्रष्टाचार खूब बढ़ा रहे हैं। प्रदेश व राष्ट्र स्तर के कई पदाधिकारियों ने आरटीओ को ज्ञापन देने से भी मना कर दिया और केवल डीसी को ही ज्ञापन सौंपने की मांग पर अड़े रहे। एसोसिएशन के अन्य वरिष्ठ सदस्यों द्वारा समझाने के बाद उन्होंने मांगों का ज्ञापन आरटीओ को सौंपा। इससे पहले उन्होंने आरटीए से अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर कई सवाल-जवाब किए। उनसे संतुष्ट होने के बाद ही अधिकारी को ज्ञापन दिया गया।
ये हुए सवाल-जवाब
सवाल : आप ट्रकों के चालान कर रहे हैं, लेकिन अवैध रूप से माल ढुलाई कर रहे ट्रैक्टर-ट्रालियों के चालान क्यों नहीं किए जा रहे?
अधिकारी का जवाब : इनफोर्समेंट की टीम रेंडिमली बदल कर चालान किए जाते हैं। ओवरलोड वाहनों के ही चालान हो रहे हैं।
सवाल : ट्रकों के चालान अंडरलोड के हो रहे हैं, लेकिन जो ओवरलोड हैं, उन्हें रिश्वत खाकर छोड़ा जा रहा है। ऐसे में अंडरलोडिंग को मापने का विभाग के पास क्या जरिया है?
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जवाब : एमवीआई द्वारा हाइट नापी जाती है। मुझे कोई ये नहीं कह सकता कि जिले में किसी का चालान गलत हुआ है। पिछले चार महीने में एक भी नाजायज चालान नहीं हुआ है।
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सवाल : आपके स्टाफ ने ओवरलोड ट्राली के चालान नहीं किए, जबकि उन्हें माल ढोने की अनुमति भी नहीं है। कमर्शियल ट्रालियां चल रही हैं, लेकिन विभाग के कर्मचारी उन्हें किसानों की ट्रालियां बताकर चालान नहीं कर रहे। ऐसा क्यों?
जवाब : ओवरलोड वाहनों के ही चालान किए जा रहे हैं।
सवाल : अगर ट्रांसपोर्टर अपने किसी कार्य से आपके कार्यालय में जाता है तो वहां गेट पर ताला लगा रहता है। केवल एक खिड़की खुली रहती है। उसी खिड़की पर कई-कई घंटे काम होने के इंतजार में खड़े रहना पड़ता है। न टॉयलेट की सुविधा है न बाथरूम की। अधिकारी कर्मचारी ऐसी कमरों में बैठते हैं, हम कहां जाएं? क्यों हमारी इतनी भी औकात नहीं कि अंदर बैठने को ही जगह मिल जाए?

जवाब : कार्यालय में आने वाले लोगों को हर सुविधा दी जा रही है। उनका प्रयास रहता है कि लोगों के कार्य समय पर बनें। किसी को दिक्कत का सामना नहीं करने दिया जा रहा है।
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