{"_id":"59a45e584f1c1b7e018b45bd","slug":"151503944280-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले से थी जिले को दहलाने की प्लानिंग","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहले से थी जिले को दहलाने की प्लानिंग
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले से थी जिले को दहलाने की प्लानिंग
राजौंद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए डेरा प्रेमियों से पूछताछ में हुआ खुलासा
राजू जगत
कैथल। डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के मामले में पहले ही डेरा प्रेमियों ने जिले को दहलाने का प्लान बना लिया था। बस इशारा मिलते ही इस पर अमल हो जाता। यह खुलासा पुलिस रिमांड के दौरान कई डेरा प्रेमियों ने किया है। ऐन वक्त पर आई बारिश के चलते जहां आगजनी ज्यादा नहीं हो पाई। वहीं पुलिस-प्रशासन को भी एक्शन का समय मिल गया, जिससे जिले में ज्यादा हिंसा नहीं हो पाई।
राजौंद में डेरा प्रेमियों के एक गुट ने दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 अगस्त की शाम को कोटड़ा में बिजली घर पर हमला करने के साथ-साथ पुलिस कर्मियों पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद डेरा प्रेमी राजौंद पहुंचे थे। जहां बिजली घर सहित सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाए जाने का प्लान था। लेकिन आम जनता द्वारा विरोध किए जाने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। पुलिस ने इस मामले में कई डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया था। जो एक दिन के रिमांड पर थे। पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह हैरान कर देने वाला है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि डेरा प्रेमियों की राजौंद के बीडीपीओ कार्यालय, अस्पताल सहित सरकारी इमारतों में बिजली घर के साथ-साथ पेट्रोल पंपों को जलाने की पूरी प्लानिंग थी। डेरा प्रेमियों ने पुलिस को बताया है कि फैसला आने से पहले ही उन्होंने पंपों से पेट्रोल, लाठी, डंडे एकत्रित करने शुरू कर दिए थे। फैसला आने के बाद उन्होंने सरकारी कार्यालय को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
डेरा प्रेमियों को यह भी संदेश था कि यदि उनका खुद का कोई वाहन पकड़ा जाए या फिर पहचान में आ जाए तो उसे तुरंत जला देना है। इसी कारण राजौंद में 20 बाइक जलाई गईं। उपद्रवियों ने सुबूत मिटाने के लिए खुद ही अपने वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
फैसले के बाद डेरे से प्लानिंग करने निकले थे प्रेमी
पूछताछ में पता चला कि डेरे में प्लानिंग करने के बाद आरोपी बाइकों पर बाहर निकले थे। उन्होंने टेलीफोन एक्सचेंज को आग लगाई और प्यौदा रोड पर पहुंचकर पेट्रोल पंप का आग के हवाले करने का प्रयास किया। इसी प्रकार वही मैसेज गुहला-चीका में था, जिन्होंने पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया।
बरसात ने दी बड़ी राहत
25 अगस्त को ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक हुई तेज बारिश ने जिले को जलने से बचा लिया। जिस तरह से डेरा प्रेमियों द्वारा पेट्रोल की बोतलों को बतौर बम प्रयोग करने की तैयारी थी, यदि बारिश न होती तो आगजनी ज्यादा होती। कई पेट्रोल पंपों पर बारिश के कारण पेट्रोल की बोतलें फेंके जाने के बावजूद आग नहीं फैल सकीं। वहीं करीब एक घंटा देरी होने के कारण प्रशासन को भी कार्रवाई के लिए समय मिल गया।
विज्ञापन
राजौंद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए डेरा प्रेमियों से पूछताछ में हुआ खुलासा
राजू जगत
कैथल। डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को दुष्कर्म का दोषी ठहराए जाने के मामले में पहले ही डेरा प्रेमियों ने जिले को दहलाने का प्लान बना लिया था। बस इशारा मिलते ही इस पर अमल हो जाता। यह खुलासा पुलिस रिमांड के दौरान कई डेरा प्रेमियों ने किया है। ऐन वक्त पर आई बारिश के चलते जहां आगजनी ज्यादा नहीं हो पाई। वहीं पुलिस-प्रशासन को भी एक्शन का समय मिल गया, जिससे जिले में ज्यादा हिंसा नहीं हो पाई।
राजौंद में डेरा प्रेमियों के एक गुट ने दर्जनों मोटरसाइकिलों पर सवार होकर 25 अगस्त की शाम को कोटड़ा में बिजली घर पर हमला करने के साथ-साथ पुलिस कर्मियों पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद डेरा प्रेमी राजौंद पहुंचे थे। जहां बिजली घर सहित सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाए जाने का प्लान था। लेकिन आम जनता द्वारा विरोध किए जाने के कारण यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। पुलिस ने इस मामले में कई डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया था। जो एक दिन के रिमांड पर थे। पूछताछ में जो खुलासा हुआ है, वह हैरान कर देने वाला है।
विज्ञापन
पुलिस सूत्रों ने बताया कि डेरा प्रेमियों की राजौंद के बीडीपीओ कार्यालय, अस्पताल सहित सरकारी इमारतों में बिजली घर के साथ-साथ पेट्रोल पंपों को जलाने की पूरी प्लानिंग थी। डेरा प्रेमियों ने पुलिस को बताया है कि फैसला आने से पहले ही उन्होंने पंपों से पेट्रोल, लाठी, डंडे एकत्रित करने शुरू कर दिए थे। फैसला आने के बाद उन्होंने सरकारी कार्यालय को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
डेरा प्रेमियों को यह भी संदेश था कि यदि उनका खुद का कोई वाहन पकड़ा जाए या फिर पहचान में आ जाए तो उसे तुरंत जला देना है। इसी कारण राजौंद में 20 बाइक जलाई गईं। उपद्रवियों ने सुबूत मिटाने के लिए खुद ही अपने वाहनों को आग के हवाले कर दिया।
फैसले के बाद डेरे से प्लानिंग करने निकले थे प्रेमी
पूछताछ में पता चला कि डेरे में प्लानिंग करने के बाद आरोपी बाइकों पर बाहर निकले थे। उन्होंने टेलीफोन एक्सचेंज को आग लगाई और प्यौदा रोड पर पहुंचकर पेट्रोल पंप का आग के हवाले करने का प्रयास किया। इसी प्रकार वही मैसेज गुहला-चीका में था, जिन्होंने पेट्रोल पंपों को निशाना बनाया।
बरसात ने दी बड़ी राहत
25 अगस्त को ढाई बजे से साढ़े तीन बजे तक हुई तेज बारिश ने जिले को जलने से बचा लिया। जिस तरह से डेरा प्रेमियों द्वारा पेट्रोल की बोतलों को बतौर बम प्रयोग करने की तैयारी थी, यदि बारिश न होती तो आगजनी ज्यादा होती। कई पेट्रोल पंपों पर बारिश के कारण पेट्रोल की बोतलें फेंके जाने के बावजूद आग नहीं फैल सकीं। वहीं करीब एक घंटा देरी होने के कारण प्रशासन को भी कार्रवाई के लिए समय मिल गया।