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पर्ल कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठे निवेशक व एजेंट
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:42 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। पर्ल कंपनी द्वारा निवेशकों का पैसा न लौटाने के विरोध में मंगलवार लघु सचिवालय में धरना दिया। धरने पर बैठे लोगों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी डीसी सुनीता वर्मा को सौंपा। आर्गेनाइजेशन के प्रधान राजबीर सिंह ने कहा कि कैथल जिले में इस कंपनी के करीब दो लाख निवेशक व एजेंट हैं। इस सबके करीब 400 करोड़ रुपये पर्ल क पनी में फसे हुए हैं। प्रदेश की बात की जाए तो हरियाणा में 8 हजार करोड़ तथा देश भर में 57 हजार करोड़ रुपये विभिन्न निवेशकों द्वारा क पनी में निवेश किए गए हैं। जब कंपनी ने पैसे नहीं लौटाए तो एजेंटो और निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सारा पैसा लौटाने के पर्ल को आदेश दिए। यह पैसा सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढ़ा कमेटी और सेबी के मार्फत लौटाया जाना था, परंतु अब तक किसी भी निवेशक का पैसा लौटाया नहीं गया है। इस कारण एजेंटों और निवेशकों में अक्सर झगड़े होते रहते हैं। उन्होंने डीसी सुनीता वर्मा से मांग की है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान करवाया जाए ताकि निवेशकों का पैसा वापिस हो सके। इस मौके पर आर्गेनाइजेशन के सचिव कृष्ण कुमार, प्रेस प्रवक्ता राजपाल, हवा सिंह, जय सिंह, राजीव, संजय ने भी बैठकर नारेबाजी की।
पर्ल कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठे निवेशक व एजेंट
प्रदेश के डूबे हैं 8 हजार करोड़, कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला पैसा
फोटो नंबर- 01
कैथल। पर्ल कंपनी द्वारा निवेशकों का पैसा न लौटाने के विरोध में मंगलवार लघु सचिवालय में धरना दिया। धरने पर बैठे लोगों ने कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी डीसी सुनीता वर्मा को सौंपा। आर्गेनाइजेशन के प्रधान राजबीर सिंह ने कहा कि कैथल जिले में इस कंपनी के करीब दो लाख निवेशक व एजेंट हैं। इस सबके करीब 400 करोड़ रुपये पर्ल क पनी में फसे हुए हैं। प्रदेश की बात की जाए तो हरियाणा में 8 हजार करोड़ तथा देश भर में 57 हजार करोड़ रुपये विभिन्न निवेशकों द्वारा क पनी में निवेश किए गए हैं। जब कंपनी ने पैसे नहीं लौटाए तो एजेंटो और निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2016 को सारा पैसा लौटाने के पर्ल को आदेश दिए। यह पैसा सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित लोढ़ा कमेटी और सेबी के मार्फत लौटाया जाना था, परंतु अब तक किसी भी निवेशक का पैसा लौटाया नहीं गया है। इस कारण एजेंटों और निवेशकों में अक्सर झगड़े होते रहते हैं। उन्होंने डीसी सुनीता वर्मा से मांग की है कि उनकी समस्या का शीघ्र समाधान करवाया जाए ताकि निवेशकों का पैसा वापिस हो सके। इस मौके पर आर्गेनाइजेशन के सचिव कृष्ण कुमार, प्रेस प्रवक्ता राजपाल, हवा सिंह, जय सिंह, राजीव, संजय ने भी बैठकर नारेबाजी की।
पर्ल कंपनी के खिलाफ धरने पर बैठे निवेशक व एजेंट
प्रदेश के डूबे हैं 8 हजार करोड़, कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं मिला पैसा
फोटो नंबर- 01