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Kaithal News: आरोपी पुलिस कर्मचारी के निलंबन पर अटका पत्राचार

Sun, 15 Feb 2026 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sun, 15 Feb 2026 12:06 AM IST
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Correspondence stuck on suspension of accused police employee
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। बीते शुक्रवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवहन मंत्री अनिल विज और एसपी उपासना के बीच जिस आरोपी पुलिस कर्मी को निलंबित करने को लेकर तीखी बहस हुई थी, उस मामले में अब तक पत्र नहीं लिखा गया है।

इस संबंध में पुलिस विभाग का कहना है कि उपायुक्त कार्यालय से बैठक की आधिकारिक कार्यवाही (प्रोसिडिंग) प्राप्त नहीं हुई है, जिसके कारण आगे की कार्रवाई लंबित है। शनिवार और रविवार को अवकाश रहने के चलते अब सोमवार को पत्र लिखे जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पूरे घटनाक्रम पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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आरकेएसडी कॉलेज में शुक्रवार को आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान मंत्री अनिल विज ने एक मामले में कुरुक्षेत्र में तैनात आरोपी पुलिस कर्मी को जांच पूरी होने तक निलंबित करने के निर्देश दिए थे। इस पर एसपी उपासना ने स्पष्ट कहा कि संबंधित कर्मी को निलंबित करने की प्रशासनिक शक्ति उनके पास नहीं है। तब विज ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब वह स्वयं आदेश दे रहे हैं तो उससे बड़ी शक्ति क्या हो सकती है।
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मंत्री ने दिखाया था सख्त रुख ः बैठक में मंत्री अनिल विज के साथ बहस के बाद एसपी ने कहा था कि वह संबंधित प्राधिकारी को पत्र लिख देंगी, लेकिन निलंबन की शक्ति उनके पास नहीं है। इस पर मंत्री ने निर्देश दिया था कि पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया जाए कि कष्ट निवारण समिति के चेयरमैन ने संबंधित पुलिस कर्मी को निलंबित करने के लिए कहा है। मंत्री ने कहा, फिर मैं देखता हूं कि कौन नहीं करता। इस बीच उपायुक्त अपराजिता ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया, जिसके बाद मामला कुछ शांत हुआ।

शिकायत में लगाए गए थे गंभीर आरोप ः तितरम निवासी संदीप मलिक ने बैठक में अपनी शिकायत रखते हुए बताया कि उसने पुलिस विभाग में कार्यरत एएसआई संदीप से जमीन खरीदने का सौदा किया था। हालांकि, जमीन निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरी, जिसके कारण उसने सौदा रद्द कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने बयाने के तौर पर आरोपी को राशि दी थी, लेकिन वह रकम वापस नहीं की गई।

संदीप मलिक का आरोप है कि शिकायत करने पर उस पर ही मामला दर्ज कर दिया गया। बाद में संबंधित केस को कैथल से करनाल स्थानांतरित करवा लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस विभाग इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर रहा है। शिकायत सुनने के बाद मंत्री अनिल विज ने जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे।


उपायुक्त कार्यालय की ओर से बैठक की आधिकारिक कार्यवाही अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। कार्यवाही विवरण मिलते ही उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

-बीरभान, डीएसपी मुख्यालय
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