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पानी का संपर्क, सेल की ऊर्जा जल उठते हैं दीये
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32-कैथल। पानी से जगमग कमल व दीये
- फोटो : Kaithal
कैथल। तकनीक का चमत्कार सच में सबको लुभाता है। कुछ ऐसा ही पानी से जलने वाले दीयों को देखकर लगता है। इस बार दिवाली पर ऐसे दीपक बाजार में बिक रहे हैं जो पानी डालते ही जल उठते हैं। इनकी खूबी देखकर इन दीयों की खरीदारी भी लोग बाजार में धड़ल्ले से कर रहे हैं। इनकी बड़ी मात्रा में खरीद का ये भी कारण है कि ये स्वदेशी ही हैं, जो भारत में तैयार किए गए हैं।
दरअसल, पानी का संपर्क मिलते ही सेल की ऊर्जा ये दीये जल उठते हैं। इन दीयों को काफी आकर्षक बनाया गया है। विक्रेताओं ने बताया कि इनमें एक इलेक्ट्रिक सर्किट लगा होता है, जो पानी के संपर्क में आने से बल्ब में ऊर्जा पहुंचाता है और बल्ब रोशन हो जाता है। जैसे ही दीये का पानी सूख जाता है तो यह अपने आप बंद हो जाता है। दीये में ज्यादा पानी भरने की जरूरत नहीं होती, पानी की कुछ बूंद से भी दीया जल जाता है।
दीया विक्रेता मोंटी गुप्ता, कपिल, प्रदीप व नरेश ने बताया कि इन दीयों के दाम प्रति दीया 23 से लेकर 26 रुपये तक हैं। भारत में बने होने के कारण मांग भी ज्यादा है। ये गुलाब के फूल, कमल के फूल व अन्य कई प्रकार के फूलों के रूप में बनाए गए हैं। कमल के फूल में बने दीये को अगर पानी में रख दें तो भी ये रोशन हो जाता है। बाहर निकालने पर फिर से बंद हो जाता है।
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विक्रेताओं ने बताया कि ये इस बार के नए मार्केट आइटम हैं। नए आइटम को लोग ज्यादा खरीदते हैं। कुछेक दुकानों पर ही ये नए दीये उपलब्ध हैं, जो ज्यादातर छात्रावास रोड की दुकानों में बिक रहे हैं। विक्रेताओं ने यह भी बताया कि ये दीये सेल की ऊर्जा से जलते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार के करंट का भय नहीं है। कलाई घड़ी में इस्तेमाल होने वाले सेल और बल्ब का इनमें प्रयोग किया गया है।
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दरअसल, पानी का संपर्क मिलते ही सेल की ऊर्जा ये दीये जल उठते हैं। इन दीयों को काफी आकर्षक बनाया गया है। विक्रेताओं ने बताया कि इनमें एक इलेक्ट्रिक सर्किट लगा होता है, जो पानी के संपर्क में आने से बल्ब में ऊर्जा पहुंचाता है और बल्ब रोशन हो जाता है। जैसे ही दीये का पानी सूख जाता है तो यह अपने आप बंद हो जाता है। दीये में ज्यादा पानी भरने की जरूरत नहीं होती, पानी की कुछ बूंद से भी दीया जल जाता है।
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दीया विक्रेता मोंटी गुप्ता, कपिल, प्रदीप व नरेश ने बताया कि इन दीयों के दाम प्रति दीया 23 से लेकर 26 रुपये तक हैं। भारत में बने होने के कारण मांग भी ज्यादा है। ये गुलाब के फूल, कमल के फूल व अन्य कई प्रकार के फूलों के रूप में बनाए गए हैं। कमल के फूल में बने दीये को अगर पानी में रख दें तो भी ये रोशन हो जाता है। बाहर निकालने पर फिर से बंद हो जाता है।
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विक्रेताओं ने बताया कि ये इस बार के नए मार्केट आइटम हैं। नए आइटम को लोग ज्यादा खरीदते हैं। कुछेक दुकानों पर ही ये नए दीये उपलब्ध हैं, जो ज्यादातर छात्रावास रोड की दुकानों में बिक रहे हैं। विक्रेताओं ने यह भी बताया कि ये दीये सेल की ऊर्जा से जलते हैं, इसलिए इनमें किसी प्रकार के करंट का भय नहीं है। कलाई घड़ी में इस्तेमाल होने वाले सेल और बल्ब का इनमें प्रयोग किया गया है।