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सीएम फ्लाइंग ने डीएफएससी कार्यालय पर मारा छापा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Nov 2022 09:00 AM IST
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CM Flying raided DFSC office
चंदाना रोड पर उषा प्लिंथ पर लाखों रुपये कीमत का गेहूं खराब होने की सूचना पर सोमवार को सीएम उड़नदस्ते की टीम ने डीएफएसी कार्यालय पर छापा मारा। यहां से रिकॉर्ड लेकर टीम ने प्लिंथ पर विभाग की टीम के साथ जाकर निरीक्षण किया। जहां पता लगाया कि यहां पहले से ही 36 एमटी गेहूं खराब हो चुका है। इस गेहूं को 10 हजार 810 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से बेचा जा चुका है। टीम सायं पांच बजे तक कार्यालय में डटी रही और बाद में पूरा रिकॉर्ड लेकर निकल गई।
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जानकारी के अनुसार सीएम उड़नदस्ते की टीम को सूचना मिली थी कि चंदाना रोड पर उषा प्लिंथ पर लाखों रुपये का गेहूं खराब हो रहा है। इसके बाद इंस्पेक्टर राजदीप की अगुवाई में टीम डीएफएससी कार्यालय पहुंचीं। यहां पर टीम ने विभागीय विशेषज्ञों को साथ भेजने को कहा। इस पर टीम खाद्य आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर विनोद कुमार को लेकर चंदाना रोड पर स्थित उषा प्लिंथ पर पहुंचीं। यहां पर निरीक्षण के बाद टीम फिर से कार्यालय पहुंचीं। जहां टीम को बताया कि इस प्लिंथ पर वर्ष 2019-20 में खरीदा गया गेहूं रखा था। करीब 22 करोड़ रुपये से अधिक के खराब हुए गेहूं में यहां रखा गेहूं भी शामिल है। खराब हुए गेहूं को बोली पर 10810 रुपये प्रति एमटी की दर से बेच दिया गया है। खरीदने वाली फर्म इस गेहूं को उठवाएगी।
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सीएम उड़नदस्ते की टीम के इंस्पेक्टर राजदीप सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि उषा प्लिंथ पर रखा गेहूं खराब हो रहा है। इसके रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही है। इसी सूचना के बाद वे यहां पहुंचे। जहां पता चला कि यहां रखा गेहूं पहले ही खराब की श्रेणी में है। इसे विभाग ने बोली पर बेच दिया है। पूरी रिपोर्ट बनाकर आला अधिकारियों को भेजी जाएगी।
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उधर, डीएफएसओ प्रदीप कुमार ने कहा कि सीएम उड़नदस्ते की टीम ने जो जानकारी मांगी, वह दे दी। यह एक प्लिंथ पर रखे गेहूं के संदर्भ में आई थी।
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22 करोड़ से अधिक का खराब हो चुका है गेहूं
जिले में 22 करोड़ रुपये से अधिक का गेहूं खराब हो चुका है। जिलास्तर पर अधिकारी इस खराब गेहूं के लिए किसी अधिकारी को जिम्मेदार नहीं मानते। वे प्रकृति व एफसीआई द्वारा देरी से उठान को इसका कारण मानते हैं। डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल के निर्देश पर एसडीएम संजय कुमार की अगुवाई में गठित जांच कमेटी जिलास्तर के अधिकारियों को क्लीन चिट दे चुकी है। इस मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने प्रदेश स्तर पर जांच कमेटी बनाई है। जांच कमेटी द्वारा इस संबंध में जांच की जा रही है।
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