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Kaithal News: मुक्केबाज प्रिंस बने युवाओं के लिए प्रेरणा
Tue, 10 Feb 2026 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Feb 2026 12:38 AM IST
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प्रिंस शर्मा के साथ मौजूद कोच गुरमीत व अन्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। होनहार मुक्केबाज प्रिंस शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रिंस ने बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर यह साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत, ईमानदारी व दृढ़ संकल्प के साथ उसे हासिल करने की चाह हो तो सफलता निश्चित है।
प्रिंस शर्मा मूल रूप से कैथल निवासी हैं और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने पिछले 10 वर्षों से लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया है। उनके पिता रामबीर, जो कि लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, ने हमेशा बेटे को खेलों की ओर प्रेरित किया। परिवार में बड़े भाई यश शर्मा ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
प्रिंस का प्रशिक्षण आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम में अनुभवी कोच गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में चलता है। वे प्रतिदिन 6 से 7 घंटे कड़ी ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें फिजिकल ट्रेनिंग, तकनीकी अभ्यास और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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प्रिंस की उपलब्धियां
ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी गेम्स: कांस्य पदक विजेता
खेलो महाकुंभ: दो बार स्वर्ण पदक विजेता
कॉलेज स्तर: दो बार इंटर-कॉलेज गोल्ड मेडल
स्कूल स्तर: स्टेट स्कूल गेम्स में रजत पदक विजेता
इन उपलब्धियों से प्रिंस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
प्रिंस का सपना
प्रिंस शर्मा का सपना है कि वे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और कैथल का नाम रोशन करें। उनका मानना है कि आज के युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं।
मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर प्रिंस ने प्रदेश और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया, युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा स्रोत
फोटो 20
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। होनहार मुक्केबाज प्रिंस शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रिंस ने बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर यह साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत, ईमानदारी व दृढ़ संकल्प के साथ उसे हासिल करने की चाह हो तो सफलता निश्चित है।
प्रिंस शर्मा मूल रूप से कैथल निवासी हैं और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने पिछले 10 वर्षों से लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया है। उनके पिता रामबीर, जो कि लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, ने हमेशा बेटे को खेलों की ओर प्रेरित किया। परिवार में बड़े भाई यश शर्मा ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
प्रिंस का प्रशिक्षण आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम में अनुभवी कोच गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में चलता है। वे प्रतिदिन 6 से 7 घंटे कड़ी ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें फिजिकल ट्रेनिंग, तकनीकी अभ्यास और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
प्रिंस की उपलब्धियां
ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी गेम्स: कांस्य पदक विजेता
खेलो महाकुंभ: दो बार स्वर्ण पदक विजेता
कॉलेज स्तर: दो बार इंटर-कॉलेज गोल्ड मेडल
स्कूल स्तर: स्टेट स्कूल गेम्स में रजत पदक विजेता
इन उपलब्धियों से प्रिंस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
प्रिंस का सपना
प्रिंस शर्मा का सपना है कि वे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और कैथल का नाम रोशन करें। उनका मानना है कि आज के युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं।
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कैथल। होनहार मुक्केबाज प्रिंस शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रिंस ने बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर यह साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत, ईमानदारी व दृढ़ संकल्प के साथ उसे हासिल करने की चाह हो तो सफलता निश्चित है।
प्रिंस शर्मा मूल रूप से कैथल निवासी हैं और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने पिछले 10 वर्षों से लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया है। उनके पिता रामबीर, जो कि लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, ने हमेशा बेटे को खेलों की ओर प्रेरित किया। परिवार में बड़े भाई यश शर्मा ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
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प्रिंस का प्रशिक्षण आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम में अनुभवी कोच गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में चलता है। वे प्रतिदिन 6 से 7 घंटे कड़ी ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें फिजिकल ट्रेनिंग, तकनीकी अभ्यास और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
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प्रिंस की उपलब्धियां
ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी गेम्स: कांस्य पदक विजेता
खेलो महाकुंभ: दो बार स्वर्ण पदक विजेता
कॉलेज स्तर: दो बार इंटर-कॉलेज गोल्ड मेडल
स्कूल स्तर: स्टेट स्कूल गेम्स में रजत पदक विजेता
इन उपलब्धियों से प्रिंस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
प्रिंस का सपना
प्रिंस शर्मा का सपना है कि वे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और कैथल का नाम रोशन करें। उनका मानना है कि आज के युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं।
मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर प्रिंस ने प्रदेश और जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया, युवा खिलाड़ियों के लिए बने प्रेरणा स्रोत
फोटो 20
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। होनहार मुक्केबाज प्रिंस शर्मा ने अपनी मेहनत, अनुशासन और लगन से जिले और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। मात्र 19 वर्ष की उम्र में प्रिंस ने बॉक्सिंग के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल कर यह साबित किया कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत, ईमानदारी व दृढ़ संकल्प के साथ उसे हासिल करने की चाह हो तो सफलता निश्चित है।
प्रिंस शर्मा मूल रूप से कैथल निवासी हैं और वर्तमान में पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में बीए द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उन्होंने पिछले 10 वर्षों से लगातार बॉक्सिंग का अभ्यास किया है। उनके पिता रामबीर, जो कि लोक निर्माण विभाग में कार्यरत हैं, ने हमेशा बेटे को खेलों की ओर प्रेरित किया। परिवार में बड़े भाई यश शर्मा ने भी हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया।
प्रिंस का प्रशिक्षण आरकेएसडी इंडोर स्टेडियम में अनुभवी कोच गुरमीत सिंह के मार्गदर्शन में चलता है। वे प्रतिदिन 6 से 7 घंटे कड़ी ट्रेनिंग करते हैं, जिसमें फिजिकल ट्रेनिंग, तकनीकी अभ्यास और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
प्रिंस की उपलब्धियां
ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी गेम्स: कांस्य पदक विजेता
खेलो महाकुंभ: दो बार स्वर्ण पदक विजेता
कॉलेज स्तर: दो बार इंटर-कॉलेज गोल्ड मेडल
स्कूल स्तर: स्टेट स्कूल गेम्स में रजत पदक विजेता
इन उपलब्धियों से प्रिंस ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
प्रिंस का सपना
प्रिंस शर्मा का सपना है कि वे आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश और कैथल का नाम रोशन करें। उनका मानना है कि आज के युवाओं को नशे से दूर रहकर खेलों की ओर बढ़ना चाहिए, क्योंकि खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि अनुशासन और आत्मविश्वास भी सिखाते हैं।