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सुरक्षित इंटरनेट के लिए जागरूकता और सतर्कता आवश्यक : उपायुक्त
Wed, 11 Feb 2026 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:04 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। सुरक्षित इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि डीसी अपराजिता ने कहा सुरक्षित इंटरनेट के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में हम तकनीक से दूर नहीं रह सकते, लेकिन स्मार्ट तकनीक का चयन करते समय सुरक्षित विकल्प चुनना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि हम थोड़ी सावधानी बरतें तो बड़े साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।
डीसी ने डिजिटल सुरक्षा के कुछ उपाय सुझाए- मजबूत पासवर्ड रखें, टू-स्टेप वेरिफिकेशन विकल्प अपनाएं और एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी से करें। उन्होंने कहा कि एआई को केवल सहायक उपकरण के रूप में लें।
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अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार ने साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि रील्स पर समय न बर्बाद करें, असुरक्षित लिंक पर क्लिक न करें। कार्यक्रम में सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी ललित यादव, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, डीआईपीआरओ नसीब सैनी आदि उपस्थित रहे।
सुरक्षा टिप्स पर जोर
साइबर थाना के इंचार्ज सुभ्रांशु ने बताया कि सभी डिजिटल अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाएं लागू करें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और प्राइवेसी सेटिंग्स नियमित रूप से जांचें। एआई प्लेटफॉर्म पर अपनी संवेदनशील या गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी सूचना पुलिस और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचेगी, साइबर अपराध रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी।
जिला सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी दीपक खुराना ने बताया कि यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता परियोजना और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर स्वच्छता की भावना बढ़ाना और उन्हें प्रमुख साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है।
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सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 का विषय
इस वर्ष का विषय है '''' स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प - एआई के सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग की खोज ''''। हर कोई एआई के बारे में बात कर रहा है, और कई बच्चे और युवा ऑनलाइन एआई के बारे में सुन रहे हैं और इसका उपयोग कर रहे हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उनके पास स्मार्ट तकनीक का उपयोग करते समय सुरक्षित विकल्प चुनने के लिए कौशल और आत्मविश्वास हो।
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कैथल। सुरक्षित इंटरनेट और डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मंगलवार को लघु सचिवालय के सभागार में सुरक्षित इंटरनेट दिवस-2026 के उपलक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि डीसी अपराजिता ने कहा सुरक्षित इंटरनेट के लिए जागरूकता और सतर्कता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आज के दौर में हम तकनीक से दूर नहीं रह सकते, लेकिन स्मार्ट तकनीक का चयन करते समय सुरक्षित विकल्प चुनना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि हम थोड़ी सावधानी बरतें तो बड़े साइबर अपराधों को रोका जा सकता है।
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डीसी ने डिजिटल सुरक्षा के कुछ उपाय सुझाए- मजबूत पासवर्ड रखें, टू-स्टेप वेरिफिकेशन विकल्प अपनाएं और एआई प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी से करें। उन्होंने कहा कि एआई को केवल सहायक उपकरण के रूप में लें।
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अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. सुशील कुमार ने साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि रील्स पर समय न बर्बाद करें, असुरक्षित लिंक पर क्लिक न करें। कार्यक्रम में सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, गुहला एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीएसपी ललित यादव, डीएसपी कुलदीप बैनीवाल, डीआईपीआरओ नसीब सैनी आदि उपस्थित रहे।
सुरक्षा टिप्स पर जोर
साइबर थाना के इंचार्ज सुभ्रांशु ने बताया कि सभी डिजिटल अकाउंट्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाएं लागू करें। सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और प्राइवेसी सेटिंग्स नियमित रूप से जांचें। एआई प्लेटफॉर्म पर अपनी संवेदनशील या गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें। किसी भी तरह की ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर क्राइम होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी सूचना पुलिस और संबंधित एजेंसियों तक पहुंचेगी, साइबर अपराध रोकने की संभावना उतनी अधिक होगी।
जिला सूचना प्रौद्योगिकी अधिकारी दीपक खुराना ने बताया कि यह कार्यक्रम इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तत्वावधान में सूचना सुरक्षा शिक्षा और जागरूकता परियोजना और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में साइबर स्वच्छता की भावना बढ़ाना और उन्हें प्रमुख साइबर खतरों से सुरक्षित रखना है।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 का विषय
इस वर्ष का विषय है '''' स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित विकल्प - एआई के सुरक्षित और ज़िम्मेदार उपयोग की खोज ''''। हर कोई एआई के बारे में बात कर रहा है, और कई बच्चे और युवा ऑनलाइन एआई के बारे में सुन रहे हैं और इसका उपयोग कर रहे हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि उनके पास स्मार्ट तकनीक का उपयोग करते समय सुरक्षित विकल्प चुनने के लिए कौशल और आत्मविश्वास हो।