{"_id":"697684cfb4d802613b00b8bf","slug":"as-the-cold-increases-patients-suffering-from-back-pain-and-joint-stiffness-increase-kaithal-news-c-245-1-kht1002-144108-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: ठंड बढ़ते ही कमर दर्द और जोड़ों की अकड़न के मरीज बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: ठंड बढ़ते ही कमर दर्द और जोड़ों की अकड़न के मरीज बढ़े
Mon, 26 Jan 2026 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 26 Jan 2026 02:32 AM IST
विज्ञापन
कैथल ।
ठंडी शीतलहर के साथ ही जिला नागरिक अस्पताल में कमर दर्द, जोड़ों की जकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 40 के करीब मरीज केवल कमर दर्द की समस्या को लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ठंड से पहले करीब 20 मरीज रोजाना अस्पताल में आ रहे थे। सुबह आठ बजे ही फिजिशियन ओपीडी पर मरीज पहुंचना शुरू हो जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान गिरने से शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इसका असर सीधे तौर पर कमर, गर्दन और घुटनों पर पड़ता है।अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज राजेंद्र, रामकुमार, मंजीत, सुरेंद्र, कोलू सिंह, रामजन का कहना है कि कमर दर्द के कारण रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि सुबह के समय कमर में दर्द अधिक बढ़ जाता है, जिससे बिस्तर से उठना तक कठिन हो जाता है। अचानक उठने-बैठने या झटका लगने से मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा भी बढ़ गया है।
फिजिशियन डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की मांसपेशियां और नसें सिकुड़ने से कमर दर्द और जोड़ों की अकड़न की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें और हर आधे से एक घंटे में उठकर थोड़ा चलें-फिरें। उन्होंने सर्दियों में हल्की एक्सरसाइज करने, गुनगुने पानी पीने और योगा करने की सलाह दी, ताकि मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे और दर्द की समस्या से बचा जा सके। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ठंडी शीतलहर के साथ ही जिला नागरिक अस्पताल में कमर दर्द, जोड़ों की जकड़न और मांसपेशियों में खिंचाव की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 40 के करीब मरीज केवल कमर दर्द की समस्या को लेकर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार ठंड से पहले करीब 20 मरीज रोजाना अस्पताल में आ रहे थे। सुबह आठ बजे ही फिजिशियन ओपीडी पर मरीज पहुंचना शुरू हो जाते हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान गिरने से शरीर की मांसपेशियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे नसों पर दबाव बढ़ता है और ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। इसका असर सीधे तौर पर कमर, गर्दन और घुटनों पर पड़ता है।अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीज राजेंद्र, रामकुमार, मंजीत, सुरेंद्र, कोलू सिंह, रामजन का कहना है कि कमर दर्द के कारण रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो गया है। लोगों ने बताया कि सुबह के समय कमर में दर्द अधिक बढ़ जाता है, जिससे बिस्तर से उठना तक कठिन हो जाता है। अचानक उठने-बैठने या झटका लगने से मांसपेशियों में खिंचाव का खतरा भी बढ़ गया है।
विज्ञापन
फिजिशियन डॉ. मीनाक्षी ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की मांसपेशियां और नसें सिकुड़ने से कमर दर्द और जोड़ों की अकड़न की समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें और हर आधे से एक घंटे में उठकर थोड़ा चलें-फिरें। उन्होंने सर्दियों में हल्की एक्सरसाइज करने, गुनगुने पानी पीने और योगा करने की सलाह दी, ताकि मांसपेशियों में लचीलापन बना रहे और दर्द की समस्या से बचा जा सके। संवाद
विज्ञापन