{"_id":"5c0184c9bdec221c9029bbb6","slug":"91543603401-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीने के पानी की पाइपलाइन लीक, किसानों की फसल हो रही है खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीने के पानी की पाइपलाइन लीक, किसानों की फसल हो रही है खराब
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीने के पानी की पाइपलाइन लीक, किसानों की फसल हो रही है खराब
किसान को हो रही है परेशानी
फोटो संख्या-33
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रोहेडय़िं गांव में नहरी पानी की आपूर्ती के लिए डाली गई पाइपलाइन कई महीने से लीक है। इसमें से पानी रिस कर खेतों में जा रहा है। लेकिन विभाग के अधिकारी इसे दुरुस्त करवाने की बजाए लोगों को ही धमकाने का काम कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2010 में जलघर की शुरूआत हुई थी। उसी समय यह पाइप लाइन नहरी योजना के साथ जोडने के लिए बनाई गई थी। आठ साल पहले बिछाई गई अब यह लाइन जर्जर हो चुकी है। इस कारण कई जगह से लीकेज होने के कारण पानी बहता रहता है। जब नहरी पानी आता है तो किसानों की परेशानी बढ़ जाती है। फसल खराब होती है। इस संबंध में जेई को सूचित किया। लेकिन अधिकारी सुनवाई करने की बजाए सीधा धमकाने का काम करते हैं। यह बात पता चलने पर डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारी या अधिकारी ऐसे किसी को धमकी नहीं दे सकते। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
किसान को हो रही है परेशानी
फोटो संख्या-33
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। रोहेडय़िं गांव में नहरी पानी की आपूर्ती के लिए डाली गई पाइपलाइन कई महीने से लीक है। इसमें से पानी रिस कर खेतों में जा रहा है। लेकिन विभाग के अधिकारी इसे दुरुस्त करवाने की बजाए लोगों को ही धमकाने का काम कर रहे हैं।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2010 में जलघर की शुरूआत हुई थी। उसी समय यह पाइप लाइन नहरी योजना के साथ जोडने के लिए बनाई गई थी। आठ साल पहले बिछाई गई अब यह लाइन जर्जर हो चुकी है। इस कारण कई जगह से लीकेज होने के कारण पानी बहता रहता है। जब नहरी पानी आता है तो किसानों की परेशानी बढ़ जाती है। फसल खराब होती है। इस संबंध में जेई को सूचित किया। लेकिन अधिकारी सुनवाई करने की बजाए सीधा धमकाने का काम करते हैं। यह बात पता चलने पर डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि कर्मचारी या अधिकारी ऐसे किसी को धमकी नहीं दे सकते। उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन