{"_id":"59caa07c4f1c1b65548b48c3","slug":"91506451580-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धान की सरकारी खरीद ना करना किसानों के साथ सरासर अन्याय : आर्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धान की सरकारी खरीद ना करना किसानों के साथ सरासर अन्याय : आर्य
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धान की सरकारी खरीद न करना किसानों के साथ अन्याय : आर्य
ढांड। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पहले से निर्धारित घोषणा के अनुसार 26 सितंबर से प्रदेश की मंडियों में जीरी की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद न करना किसानों के साथ सरासर अन्याय है। जिसकी भाकियू कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह विचार युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना व प्रदेश प्रवक्ता भाकिसं रणदीप आर्य ने मार्किट कमेटी ढांड में किसानों की बैठक के दौरान व्यक्त किए।
भाकियू नेताओं ने कहा कि अनाज मंडियों में जीरी की खरीद के नाम पर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया जा रहा है। किसानों की 6 महीने की खून पसीने की कमाई को कौड़ियों के भाव पर लूटा जा रहा है। खरीदारों द्वारा की जा रही लूट में मार्किट कमेटी के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। भाकियू नेताओं ने सरकार से मांग की है कि पीआर जीरी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन बोली पर खरीद की जाए। कसाना व रणदीप ने आरोप लगाया है कि शैलरों में हजारों की संख्या में जीरी का स्टाक लगा हुआ है। जबकि सरकारी रिकार्ड में उस स्टाक का अभी तक कोई हिसाब किताब दर्ज नही है। यह सब खेल सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शैलरों में जीरी के स्टाक की सही तरीके से समय रहते उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तो अधिकारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की सच्चाई जनता का सामने आ जाएगी। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस सारे मामले की जांच के लिए शीघ्र ही उपायुक्त महोदय को लिखित में शिकायत की जाएगी। इस अवसर पर पाला राम संगरौली, नरेंद्र संगरौली, कृष्ण कौल, सावन चौधरी, रणदीप आर्य,विजेंद्र पाल राणा, बलबीर सिंह सहित अनेकों भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
ढांड। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पहले से निर्धारित घोषणा के अनुसार 26 सितंबर से प्रदेश की मंडियों में जीरी की सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद न करना किसानों के साथ सरासर अन्याय है। जिसकी भाकियू कड़े शब्दों में निंदा करती है। यह विचार युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना व प्रदेश प्रवक्ता भाकिसं रणदीप आर्य ने मार्किट कमेटी ढांड में किसानों की बैठक के दौरान व्यक्त किए।
भाकियू नेताओं ने कहा कि अनाज मंडियों में जीरी की खरीद के नाम पर किसानों के साथ बहुत बड़ा धोखा किया जा रहा है। किसानों की 6 महीने की खून पसीने की कमाई को कौड़ियों के भाव पर लूटा जा रहा है। खरीदारों द्वारा की जा रही लूट में मार्किट कमेटी के अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। भाकियू नेताओं ने सरकार से मांग की है कि पीआर जीरी की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रतिदिन बोली पर खरीद की जाए। कसाना व रणदीप ने आरोप लगाया है कि शैलरों में हजारों की संख्या में जीरी का स्टाक लगा हुआ है। जबकि सरकारी रिकार्ड में उस स्टाक का अभी तक कोई हिसाब किताब दर्ज नही है। यह सब खेल सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शैलरों में जीरी के स्टाक की सही तरीके से समय रहते उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए तो अधिकारियों द्वारा किए गए भ्रष्टाचार की सच्चाई जनता का सामने आ जाएगी। भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी है कि इस सारे मामले की जांच के लिए शीघ्र ही उपायुक्त महोदय को लिखित में शिकायत की जाएगी। इस अवसर पर पाला राम संगरौली, नरेंद्र संगरौली, कृष्ण कौल, सावन चौधरी, रणदीप आर्य,विजेंद्र पाल राणा, बलबीर सिंह सहित अनेकों भाकियू कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन